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हजार-पांच सौ के नोट बंद होने से मची हलचल

Wed, 09 Nov 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद Updated Wed, 09 Nov 2016 12:16 AM IST
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The closure of five hundred thousand resembled stir
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही रात सवा आठ बजे एक हजार व पांच सौ के भारतीय नोट को कागज का टुकड़ा करार दिया, यहां लोगों में भ्रम व अफरातफरी जैसा माहौल हो गया। तमाम लोग जेब में पांच सौ व एक हजार की नोट लेकर बाजार व पेट्रोल पंप पर परेशान दिखे।
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आधी रात से पहले ही बाजार ने इसे कागज का टुकड़ा करार दिया। हालांकि अधिकतर लोग ब्लैक मनी और नकली नोट के खिलाफ इसे अभूतपूर्व कदम बता सराहते दिखे। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद यहां बाजार से लेकर घर तक का माहौल अचानक सहमा दिखा।
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प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन में मंगलवार आधी रात से एक हजार व पांच सौ के नोट बंद करने की बात कही, मगर असर तत्काल शुरू हो गया। लोग अपने घर व जेब में रखे एक हजार व पांच सौ की नोट को जल्द से जल्द सौ व पचास के नोट में बदलने की जुगत में लग गए।
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अंजनीपुरम निवासी एक महिला के पास पांच सौ के तीन नोट थे, उसने तीन दुकानों पर जाकर उसे अलग-अलग सामान खरीद चेंज करा लिया। मगर थोड़ी ही देर बाद अंजनीपुरम के पेट्रोल पंप पर आए दर्जनों लोगों के तेल देने से पहले एक हजार व पांच सौ की नोट न लेने की बात कही गई, तो लोगों को लौटना पड़ा।

ऐसी कई घ्‍ाटनाएं जिले में कदम-कदम पर लोगों को झेलनी पड़ रही है। हालांकि प्रधानमंत्री की घोषणा में पेट्रोल पंप, अस्पताल, मेडिकल स्टोर समेत यात्रा के टिकट लेने में इन नोटों को लेने के आदेश हैं। अवध विवि के पूर्व कुलपति व अर्थशास्त्री प्रो. पीके सिन्हा ने कहा कि अचानक हुए इस आदेश से लोगों की परेशानियां बढ़ेगी।

बैंक पर नोट बदलने के प्रेशर व भीड़ से अफरातफरी मचेगी। हालांकि इस कदम को सराहा जाना चाहिए और पीएम का साथ देना चाहिए। इससे ब्लैकमनी व नकली नोट से देश को कंगाल कर रहीं ताकतों को करार जवाब मिलेगा।

अवध विवि के अर्थशात्र के विभागाध्यक्ष प्रो. एसपी तिवारी ने ब्लैक मनी और नकली नोट के खिलाफ इसे अभूतपूर्व कदम ठहराया। कहा कि बोेरे में नोट रखने वाले व चुनाव में ब्लैक मनी खर्च करने की रणनीति बनाने वालों की रीढ़ टूट जाएगी। इस कदम से देश के 10 से 20 फीसदी जमाखोर व गलत धंधे वाले की परेशान होंगे।

अब बैंक, अस्पताल और जरूरी सुविधाओं को लेकर सरकार को सतर्क रहना होगा, ताकि अव्यवस्था न फैले। उ.प्र. युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष सुशील जायसवाल ने कहा कि एक दो दिन ही नहीं इसके असर से दो माह तक व्यापार प्रभावित होगा।


सूचना मिलते ही पांच सौ व एक हजार के नोट का लेन-देन बंद कर दिया गया है। संगठन के पदाधिकारी व व्यापारी मुश्किल में हैं। कहा अब नकद के बजाय चेक से किसी तरह कारोबार चलाने का हम सबने निर्णय किया है।
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