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सपा की रणनीति रही फेल, अपनों ने भी दिया दगा

Sat, 03 Jul 2021 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jul 2021 10:51 PM IST
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SP's strategy failed, loved ones also cheated
अयोध्या। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में हुई रिकॉर्ड जीत से उत्साहित सपाइयों की रणनीति अध्यक्ष पद के चुनाव में फेल हो गई। 22 सदस्यों के समर्थन का दावा करते हुए चुनाव मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी को अपनों ने भी दगा दिया। मतदान के बाद बागी व फ्री फाइट के सदस्यों का समर्थन तो दूर रहा, अपने भी सात सदस्यों ने दगा दे दिया और सपा मतगणना के बाद दस वोटों पर ही सिमट गई। हालांकि, सपा नेताओं ने भाजपा की इस जीत को सत्ता की जीत बताया है और बागी सदस्यों को चिह्नित करके रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजने की बात कही है।
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पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमी फाइनल मान रहे सपा नेताओं के दावों को आखिरकार झटका लग गया। 40 सदस्यों वाली जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में समाजवादी पार्टी ही उभरकर आई। सपा के टिकट पर चुनाव लड़कर 17 सदस्य विजयी हुए। जबकि सपा से टिकट न मिलने के बाद बागी के रूप में चुनाव लड़े तीन सदस्य विजयी हुए और रुदौली की तीन सीटों पर फ्री फाइट के दौरान सपा से जुड़े दो सदस्य विजयी हुए। इन सभी लोगों को एक साथ मिलाकर समाजवादी पार्टी ने अध्यक्ष पद पर कब्जा करने के लिए निगाहें गड़ाईं। शीर्ष नेताओं के बीच हुए मंथन के बाद मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जिला पंचायत सदस्य इंदुसेन यादव को सपा का अध्यक्ष के चुनाव के लिए चेहरा बनाया गया।
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पूर्व मंत्री आनंदसेन यादव की पत्नी व पूर्व सांसद मित्रसेन यादव की बहू इंदुसेन के चुनाव मैदान में आते ही सपा की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। लेकिन शनिवार को हुए चुनाव के बाद तस्वीर चौंकाने वाली रही। बागी सदस्य व फ्री फाइट में जीते सदस्य का साथ रहना तो दूर सपा के 17 ठोस मतों में भी सेंध लग गई। सपा के टिकट पर जीते सात सदस्यों में से पांच तो पहले ही भाजपा खेमे में चले गए थे, शनिवार को चुनाव के दौरान दो अन्य सदस्यों ने भी दगा दे दिया। मतगणना के बाद 40 मतों में से सपा प्रत्याशी को सिर्फ दस वोट ही मिले तो सपाई भी हतप्रभ हो गए।
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मांग रहे थे विधानसभा का टिकट, भाजपा को दिया वोट
सपा के टिकट पर सोहावल से जिपं सदस्य अपने पति व सपा नेता के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करके मिल्कीपुर विधानसभा से दावेदारी भी की थी और जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने का संकल्प लिया था, लेकिन वापस आते ही वह भी भाजपा के खेमे में ही चली गईं। सपा जिलाध्यक्ष गंगा सिंह यादव ने कहा कि पार्टी के बागी हुए सात सदस्यों में से पांच को चिह्नित किया जा चुका है। इनमें सोहावल से विनीता रावत पत्नी अजय रावत, मवई की नीलम कोरी, तारुन चतुर्थ की अनीता गौड़, हैरिंग्टनगंज के रामसुंदर सरोज और अमानीगंज से अर्चना सरोज शामिल हैं। शेष दो और सदस्यों को चिह्नित किया जा रहा है। बताया कि इसकी रिपोर्ट तैयार करके राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजी जा रही है। इन पर कार्रवाई भी संभव है।

बोले सपाई, विधानसभा चुनाव में जनता सिखाएगी सबक
सपा नेताओं ने अपने सदस्यों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए इस जीत को सत्ता की जीत बताई है और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद ने कहा कि भाजपा ने सत्ता व धन के बल पर और अधिकारियों को अपने प्रभाव में लेकर चुनाव जीतने का काम किया है। जो हंगामा किया गया है वह निंदनीय है। इन्होंने दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या की है। विधानसभा चुनाव में जनता सबक सिखाएगी। पूर्व राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय ने कहा कि यह भाजपा के अराजकता की जीत है। गुंडई के बल पर सदस्यों को डरा-धमका कर उनसे वोट लिया गया है। समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा।
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