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स्मार्ट सिटी योजना से पुरानी अयोध्या का होगा कायाकल्प
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अयोध्या-रामनगरी का विहंगम दृश्य।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। रामनगरी को पर्यटक नगरी के रूप में विकसित करने की शुरू हुई कवायद में पुरानी अयोध्या को नए सिरे से संवारने की तैयारी है। इसका खाका नगर निगम विभाग खींचा है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत पुरानी अयोध्या को नई अयोध्या का स्वरूप देना है।
रामलला, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, स्वर्गद्वार समेत आसपास के इलाकों को विकसित किया जाएगा। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण, आधुनिक लाइटिंग, हरियाली, पेयजल-प्रसाधन, टोल फ्री बूथ सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि इलाके का पौराणिक स्वरूप बना रहे।
अयोध्या में फैसले के विकास की संभावनाओं को बल मिला है। नगर निगम पहले से ही स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित हो चुका है। यहां विकास की संभावनाओं पर हर दृष्टि से मंथन चल रहा है।
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अयोध्या की पौराणिकता को बचाने के साथ आधुनिक स्वरूप में ढालने की कवायद चल रही है। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के अंतगर्त अयोध्या के पुराने धार्मिक महत्व वाले स्थलों के आसपास के एरिये को विकसित करने की योजना बनाई है।
दरअसल अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थल तक पुराने संकरे मार्गों से होकर ही पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा इन प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास आधुनिक सुविधाएं बिल्कुल नहीं हैं। पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं का अकाल है।
इन तमाम समस्याओं के दृष्टिगत नगर निगम ने हनुमानगढ़ी, कनक भवन, स्वर्गद्वार समेत आसपास के इलाकों को रेनोवेट करने का प्रपोजल तैयार किया है। इनमें सड़कों का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण के साथ सड़कों फूल पत्तियों को लगाया जाएगा। इसके अलावा पूरे इलाके में आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जानी है। साथ पेयजल, प्रसाधन समेत टोलफ्री बाक्स सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। पूरे प्लान का मकसद अयोध्या में बाहर से आने वाले पर्यटकों को रिझाया जा सके।
10 कुंडों का होगा जीर्णोद्वार व सुंदरीकरण
नगर निगम ने अयोध्या को पर्यटक नगरी के रूप में विकसित करने के लिए 10 धार्मिक महत्व वाले कुंडों का जीर्णोद्वार व सुंदरीकरण करने का प्लान तैयार किया है। इसमें कुंडों के धार्मिक को लोगों तक पहुंचाने के साथ कुड़ों के आसपास बैठने, पेयजल व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। प्रस्ताविक 10 कुंडों में एक तालाब जीआईसी के पीछे स्थित भी चयनित है। इसको नए सिरे से विकसित किया जाएगा।
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रामलला, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, स्वर्गद्वार समेत आसपास के इलाकों को विकसित किया जाएगा। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण, आधुनिक लाइटिंग, हरियाली, पेयजल-प्रसाधन, टोल फ्री बूथ सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि इलाके का पौराणिक स्वरूप बना रहे।
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अयोध्या में फैसले के विकास की संभावनाओं को बल मिला है। नगर निगम पहले से ही स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित हो चुका है। यहां विकास की संभावनाओं पर हर दृष्टि से मंथन चल रहा है।
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अयोध्या की पौराणिकता को बचाने के साथ आधुनिक स्वरूप में ढालने की कवायद चल रही है। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के अंतगर्त अयोध्या के पुराने धार्मिक महत्व वाले स्थलों के आसपास के एरिये को विकसित करने की योजना बनाई है।
दरअसल अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थल तक पुराने संकरे मार्गों से होकर ही पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा इन प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास आधुनिक सुविधाएं बिल्कुल नहीं हैं। पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं का अकाल है।
इन तमाम समस्याओं के दृष्टिगत नगर निगम ने हनुमानगढ़ी, कनक भवन, स्वर्गद्वार समेत आसपास के इलाकों को रेनोवेट करने का प्रपोजल तैयार किया है। इनमें सड़कों का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण के साथ सड़कों फूल पत्तियों को लगाया जाएगा। इसके अलावा पूरे इलाके में आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जानी है। साथ पेयजल, प्रसाधन समेत टोलफ्री बाक्स सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। पूरे प्लान का मकसद अयोध्या में बाहर से आने वाले पर्यटकों को रिझाया जा सके।
10 कुंडों का होगा जीर्णोद्वार व सुंदरीकरण
नगर निगम ने अयोध्या को पर्यटक नगरी के रूप में विकसित करने के लिए 10 धार्मिक महत्व वाले कुंडों का जीर्णोद्वार व सुंदरीकरण करने का प्लान तैयार किया है। इसमें कुंडों के धार्मिक को लोगों तक पहुंचाने के साथ कुड़ों के आसपास बैठने, पेयजल व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। प्रस्ताविक 10 कुंडों में एक तालाब जीआईसी के पीछे स्थित भी चयनित है। इसको नए सिरे से विकसित किया जाएगा।