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सऊदी अरब में मिली बकरी चराने की नौकरी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2015 11:36 PM IST
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मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवकांत शुक्ल ने रौनाही थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्जकर विवेचना करने व कार्यवाही से अदालत को भी अवगत कराने का आदेश दिया है।
मामला रौनाही थाने के लहरापुर गांव का है। यहां का रहने वाले शमीम के घर कोतवाली नगर के मौलाबख्श नगर निरालानगर निवासी जावेद पहुंचे और उससे कहा कि उसका साला एजाज निवासी अमौना थाना पूराकलंदर सऊदी अरब में रह रहा है।
वहां उसकी चाय-पान की नौकरी लगवा देगा। बीजा वगैरह में एक लाख रुपये लगेगा। शमीम ने यह रकम किसी तरह इकट्ठा करके उसे दी और बीजा बनने के बाद सऊदी अरब गया।
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आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसे चाय-पान की नौकरी के बजाए ऊंट व बकरी चराने के काम में लगा दिया गया। उससे ईंटें भी ढुलवाए गए और गड्ढे भी खुदवाए गए।
इससे उसकी तबियत खराब हुई और वह बेहोश हो गया। परेशान हो वह वहां से किसी तरह भागकर एजाज के पास पहुंचा और उनसे भारत पहुंचाने की मिन्नत की।
एजाज ने उसे बंधक बना लिया और कहा कि अपने घर से 40 हजार रुपये मंगवाओ तब वापस भेजेंगे। इसकी खबर उसने अपनी मां को किसी तरह दी तो मां ने किसी तरह 10 हजार रुपये इकट्ठा करके एजाज के बुआ के लड़के को भिजवाया, तब जाकर उसे भारत भेजा गया।
यहां पहुंच कर उसने घटना की तहरीर रौनाही थाने में दी। कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
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मामला रौनाही थाने के लहरापुर गांव का है। यहां का रहने वाले शमीम के घर कोतवाली नगर के मौलाबख्श नगर निरालानगर निवासी जावेद पहुंचे और उससे कहा कि उसका साला एजाज निवासी अमौना थाना पूराकलंदर सऊदी अरब में रह रहा है।
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वहां उसकी चाय-पान की नौकरी लगवा देगा। बीजा वगैरह में एक लाख रुपये लगेगा। शमीम ने यह रकम किसी तरह इकट्ठा करके उसे दी और बीजा बनने के बाद सऊदी अरब गया।
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आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसे चाय-पान की नौकरी के बजाए ऊंट व बकरी चराने के काम में लगा दिया गया। उससे ईंटें भी ढुलवाए गए और गड्ढे भी खुदवाए गए।
इससे उसकी तबियत खराब हुई और वह बेहोश हो गया। परेशान हो वह वहां से किसी तरह भागकर एजाज के पास पहुंचा और उनसे भारत पहुंचाने की मिन्नत की।
एजाज ने उसे बंधक बना लिया और कहा कि अपने घर से 40 हजार रुपये मंगवाओ तब वापस भेजेंगे। इसकी खबर उसने अपनी मां को किसी तरह दी तो मां ने किसी तरह 10 हजार रुपये इकट्ठा करके एजाज के बुआ के लड़के को भिजवाया, तब जाकर उसे भारत भेजा गया।
यहां पहुंच कर उसने घटना की तहरीर रौनाही थाने में दी। कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।