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करोड़ों के बकाए में चार राइस मिलें सीज
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2015 10:59 PM IST
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इसके बाद प्रशासन मिलर मालिकों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण व चल-अचल संपत्तियों के कुर्की की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है।
राइस मिलरों पर दो वर्षों में सरकारी चावल का लगभग पांच करोड़ रुपये बकाया था। राइस मिलर इसके लिए उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय तक दौड़ लगाई। लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
इसके पश्चात प्रशासन ने बकाया वसूली के लिए राइस मिलरों पर दबाव बनाना शुरू किया। लेकिन राइस मिलरों ने न तो चावल जमा किया और न ही उसके एवज में धान ही दिया।
हाल ही में बसपा से भाजपा में आए भाजपा नेता रमेश सिंह की राइस मिल आरके फूज प्रोडक्ट, मया बाजार पर एक करोड़ 27 लाख 92 हजार 316 रुपये, मां वैष्णो फूड प्रोडेक्ट बरई पारा पर 22 लाख 86 हजार, अलविना राइस मिल समदा पर 45 लाख 54 हजार व सूयो राइस मिल का एक करोड़ 94 लाख 19 हजार 426 रुपये सरकारी चावल के बकाए को लेकर प्रशासन ने गुरुवार को छापेमारी कर राइस मिलों को सीज करने की कार्रवाई की।
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नायब तहसीलदार विनीत कुमार व सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर रामसूरत वर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। नायब तहसीलदार विनीत ने बताया कि राइस मिलों को सीज कर प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। प्रशासन इनके शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण व चल-अचल संपत्तियों के कुर्की की कार्रवाई भी कर रहा है।
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राइस मिलरों पर दो वर्षों में सरकारी चावल का लगभग पांच करोड़ रुपये बकाया था। राइस मिलर इसके लिए उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय तक दौड़ लगाई। लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
इसके पश्चात प्रशासन ने बकाया वसूली के लिए राइस मिलरों पर दबाव बनाना शुरू किया। लेकिन राइस मिलरों ने न तो चावल जमा किया और न ही उसके एवज में धान ही दिया।
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हाल ही में बसपा से भाजपा में आए भाजपा नेता रमेश सिंह की राइस मिल आरके फूज प्रोडक्ट, मया बाजार पर एक करोड़ 27 लाख 92 हजार 316 रुपये, मां वैष्णो फूड प्रोडेक्ट बरई पारा पर 22 लाख 86 हजार, अलविना राइस मिल समदा पर 45 लाख 54 हजार व सूयो राइस मिल का एक करोड़ 94 लाख 19 हजार 426 रुपये सरकारी चावल के बकाए को लेकर प्रशासन ने गुरुवार को छापेमारी कर राइस मिलों को सीज करने की कार्रवाई की।
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नायब तहसीलदार विनीत कुमार व सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर रामसूरत वर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। नायब तहसीलदार विनीत ने बताया कि राइस मिलों को सीज कर प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। प्रशासन इनके शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण व चल-अचल संपत्तियों के कुर्की की कार्रवाई भी कर रहा है।