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रामनगरी में धार्मिक पर्यटन भरेगा नई उड़ान
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अयोध्या। प्रदेश सरकार के बजट पर अयोध्या निहाल नजर आई। सीएम योगी के दूसरी पारी के पहले बजट में अयोध्या को 750 करोड़ की सौगात मिली है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल में अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने की योजनाओं को अब गति मिलेगी, जिसके चलते पर्यटन नई उड़ान भरता दिखेगा।
बजट में पौराणिक सूर्यकुंड के सुंदरीकरण, पर्यटन सुविधाएं व रामजन्मभूमि तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 750 करोड़ दिए गये हैं। प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में भाजपा के एजेंडे में हमेशा सबसे प्रमुख रही रामनगरी के विकास को प्राथमिकता दी है।
बजट में अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने की मंशा को स्पष्ट नजर आ रही है। पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास का जो खाका खींचा था, उसे एक नया आयाम मिलता दिख रहा है।
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उन्होंने रामनगरी की पौराणिकता को सहेजने के साथ-साथ उसे आधुनिक सुविधाओं से भी लैस करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। इसीलिए बजट में रामनगरी के पौराणिक सूर्यकुंड के विकास के लिए जहां 140 करोड़ दिए गए हैं।
वहीं पार्किंग स्थल एवं जनसुविधाओं के लिए बजट में 209.70 करोड़ की व्यवस्था की गई है। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या में श्रद्धालु एवं पर्यटकों की भीड़ में कई गुना वृद्धि हुई है।
इसलिए सरकार का यात्री सुविधाएं विकसित करने पर ज्यादा जोर है। इसी क्रम में पर्यटन सुविधाओं के विकास एवं सुंदरीकरण के लिए भी बजट में 100 करोड़ आवंटित किया गया है।
इसके साथ ही अयोध्या की देश-विदेश से कनेक्टविटी बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रीराम एयरपोर्ट के काम में भी तेजी लाने व रामजन्मभूमि पहुंच मार्ग के लिए भी बजट में 300 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
कुल मिलाकर बजट में अयोध्या पर विशेष फोकस है। इन योजनाओं के जमीन पर उतरते ही रामनगरी में पर्यटन उड़ान भरता नजर आएगा। नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने बजट को सर्वहितकारी बताया।
कहा कि बजट में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम तक पहुंच मार्ग के लिए 300 करोड़, सूर्यकुंड व पयर्टन विकास के लिए 140 करोड़, पार्किंग एवं जनसुविधाओं के लिए 200 करोड़, पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था कर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अयोध्या के विकास के प्रति अपने दृढ़ संकल्प को दर्शाया है।
कहा कि योगी 2.0 का पहला बजट उत्तर प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित करने व राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कदम है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या के विकास को लेकर प्रतिबद्धता दर्शाई है। रामनगरी अयोध्या योगी सरकार के बजट पर निहाल है। संत-धर्माचार्यों ने कहा कि योगी सरकार का बजट विकासोन्मुखी व उत्साहित करने वाला है।
अयोध्या की पौराणिकता का संरक्षण व पर्यटन विकास की योजनाओं को लेकर संत हर्षित हैं। दशरथ महल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देंवेद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि योगी सरकार ने अयोध्या के समेकित विकास की प्रतिबद्धता दर्शाई है।
अयोध्या के विकास को लेकर जो उनका विजन है, वह बजट में प्रत्यक्ष नजर आता है। भव्य राममंदिर निर्माण के साथ ही दिव्य अयोध्या के सृजन को अब गति मिलेगी।
महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि दूसरे कार्यकाल के अपने पहले बजट से ही योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास की राह खोल दी है। बजट में अयोध्या के विकास को महत्व दिया गया है।
इससे सरकार की विकासवादी दृष्टि नजर आती है। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या का प्राचीन गौरव अब उत्थान पर दिखेगा। श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि योगी सरकार का बजट अयोध्या के विकास पर केंद्रित है।
अयोध्या में एयरपोर्ट, कुंडों का संरक्षण, पार्किंग, यात्री सुविधाएं विकसित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन बढ़ेगी तो रामनगरी की आर्थिक संपन्नता में भी वृद्धि होगी।
चौबुर्जी मंदिर के महंत बृजमोहन दास ने कहा कि योगी सरकार के बजट से यह तय हो गया है कि अयोध्या के विकास को नया आयाम मिलने जा रहा है।
अयोध्या का विकास उसकी गरिमा व संस्कृति के अनुरूप है इसके लिए योगी जिस दिन से गद्दी पर बैठे हैँ तभी से प्रतिबद्ध हैं, यह प्रतिबद्धता हमेशा दिखती भी रही है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल में अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने की योजनाओं को अब गति मिलेगी, जिसके चलते पर्यटन नई उड़ान भरता दिखेगा।
बजट में पौराणिक सूर्यकुंड के सुंदरीकरण, पर्यटन सुविधाएं व रामजन्मभूमि तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 750 करोड़ दिए गये हैं। प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में भाजपा के एजेंडे में हमेशा सबसे प्रमुख रही रामनगरी के विकास को प्राथमिकता दी है।
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बजट में अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने की मंशा को स्पष्ट नजर आ रही है। पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास का जो खाका खींचा था, उसे एक नया आयाम मिलता दिख रहा है।
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उन्होंने रामनगरी की पौराणिकता को सहेजने के साथ-साथ उसे आधुनिक सुविधाओं से भी लैस करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। इसीलिए बजट में रामनगरी के पौराणिक सूर्यकुंड के विकास के लिए जहां 140 करोड़ दिए गए हैं।
वहीं पार्किंग स्थल एवं जनसुविधाओं के लिए बजट में 209.70 करोड़ की व्यवस्था की गई है। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या में श्रद्धालु एवं पर्यटकों की भीड़ में कई गुना वृद्धि हुई है।
इसलिए सरकार का यात्री सुविधाएं विकसित करने पर ज्यादा जोर है। इसी क्रम में पर्यटन सुविधाओं के विकास एवं सुंदरीकरण के लिए भी बजट में 100 करोड़ आवंटित किया गया है।
इसके साथ ही अयोध्या की देश-विदेश से कनेक्टविटी बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रीराम एयरपोर्ट के काम में भी तेजी लाने व रामजन्मभूमि पहुंच मार्ग के लिए भी बजट में 300 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
कुल मिलाकर बजट में अयोध्या पर विशेष फोकस है। इन योजनाओं के जमीन पर उतरते ही रामनगरी में पर्यटन उड़ान भरता नजर आएगा। नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने बजट को सर्वहितकारी बताया।
कहा कि बजट में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम तक पहुंच मार्ग के लिए 300 करोड़, सूर्यकुंड व पयर्टन विकास के लिए 140 करोड़, पार्किंग एवं जनसुविधाओं के लिए 200 करोड़, पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था कर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अयोध्या के विकास के प्रति अपने दृढ़ संकल्प को दर्शाया है।
कहा कि योगी 2.0 का पहला बजट उत्तर प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित करने व राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कदम है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या के विकास को लेकर प्रतिबद्धता दर्शाई है। रामनगरी अयोध्या योगी सरकार के बजट पर निहाल है। संत-धर्माचार्यों ने कहा कि योगी सरकार का बजट विकासोन्मुखी व उत्साहित करने वाला है।
अयोध्या की पौराणिकता का संरक्षण व पर्यटन विकास की योजनाओं को लेकर संत हर्षित हैं। दशरथ महल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देंवेद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि योगी सरकार ने अयोध्या के समेकित विकास की प्रतिबद्धता दर्शाई है।
अयोध्या के विकास को लेकर जो उनका विजन है, वह बजट में प्रत्यक्ष नजर आता है। भव्य राममंदिर निर्माण के साथ ही दिव्य अयोध्या के सृजन को अब गति मिलेगी।
महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि दूसरे कार्यकाल के अपने पहले बजट से ही योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास की राह खोल दी है। बजट में अयोध्या के विकास को महत्व दिया गया है।
इससे सरकार की विकासवादी दृष्टि नजर आती है। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या का प्राचीन गौरव अब उत्थान पर दिखेगा। श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि योगी सरकार का बजट अयोध्या के विकास पर केंद्रित है।
अयोध्या में एयरपोर्ट, कुंडों का संरक्षण, पार्किंग, यात्री सुविधाएं विकसित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन बढ़ेगी तो रामनगरी की आर्थिक संपन्नता में भी वृद्धि होगी।
चौबुर्जी मंदिर के महंत बृजमोहन दास ने कहा कि योगी सरकार के बजट से यह तय हो गया है कि अयोध्या के विकास को नया आयाम मिलने जा रहा है।
अयोध्या का विकास उसकी गरिमा व संस्कृति के अनुरूप है इसके लिए योगी जिस दिन से गद्दी पर बैठे हैँ तभी से प्रतिबद्ध हैं, यह प्रतिबद्धता हमेशा दिखती भी रही है।