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दीपोत्सव में बन सकता दस लाख दीप जलाने का रिकार्ड

Fri, 20 Aug 2021 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Aug 2021 11:57 PM IST
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5-अयोध्या दीपोत्सव की फाइल फोटो - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। दीपोत्सव में इस बार नया विश्व रिकार्ड बन सकता है। प्रदेश सरकार ने दीपोत्सव में 7.50 लाख दीप जलाने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन दस लाख दीप जलने का नया कीर्तिमान अयोध्या के नाम हो सकता है। इसकी बड़ी वजह है कि राम की पैड़ी का विस्तार करते हुए उसे दो गुना कर दिया गया है। दीपोत्सव स्थल राम की पैड़ी दो गुना विस्तारित हो कर अब 995 मीटर तक फैलाव ले चुकी है। इसी के साथ संतों-व्यापारियों और तमाम संगठनों की भागीदारी से हर साल सरकार के लक्ष्य से डेढ़ गुना ज्यादा दीप जलाने का आंकड़ा भी इस बार और उत्साह का परिचायक बनेगा। यदि रामनगरी के मठ-मंदिर व पौराणिक कुंडों के दीपोत्सव को शामिल किया गया तो दीपोत्सव का आंकड़ा और बढ़ेगा।
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वनवास के बाद भगवान राम के अयोध्या आगमन की खुशी में यहां त्रेतायुग जैसी दिवाली मनाने की परंपरा की शुरूआत योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद 2017 में शुरू की थी। तब से दीप जलाने का हर साल नया विश्व रिकार्ड बनता आ रहा है। 2017 से लेकर 2020 तक रामनगरी ने दीपोत्सव के अपने ही रिकार्ड को तोड़ा है। इस बार भी नया रिकार्ड बनाने को लेकर अयोध्यावासियों में खासा उत्साह है। राम जन्मभूमि में भव्य राममंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने के चलते संत-धर्माचार्यों एवं स्थानीय लोग इसबार दीपोत्सव को और खास बनाने चाहते हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण की वजह से आने वाली भीड़ व दीपोत्सव के स्वरूप का खाका अभी प्रशासन ने प्रस्तुत नहीं किया है फिर भी इसे लेकर अयोध्यावासियों में अभी से उत्साह व्याप्त है। इस लिए इस बार राम की पैड़ी के घाटों पर दीप जलाए जाएंगें। इसके अलावा भी रामनगरी के मठ-मंदिरों, पौराणिक कुंडों व सरयू घाटों पर भी लोग स्वत: दीप जलाते हैं। ऐसे में यह तय है कि इस बार रामनगरी दस लाख दीप जलाने का नया कीर्तिमान बना सकती है।
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राम की पैड़ी के विस्तार से कम होगा भीड़ का दबाव
- दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम रामकथा पार्क में होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां राम राज्याभिषेक कार्यक्रम में शामिल होते हैं। इस आयोजन के बाद वह सीधे राम की पैड़ी पहुंचते हैं और पहला दीप जलाकर दीपोत्सव का श्रीगणेश करते हैं। ऐसे में रामकथा पार्क से दीपोत्सव का हिस्सा बनने को उत्सुक भीड़ सीधे राम की पैड़ी की ओर रूख कर लेती है जिससे भीड़ का दवाब बढ़ जाता है। इस बार रामकथा पार्क से महज दौ मीटर की दूरी से ही भक्त दीपोत्सव का आनंद उठा सकेेगें। चौधरी चरण सिंह घाट के सामने दीपोत्सव होने से भीड़ का दवाब भी कम होगा साथ ही साथ दीपोत्सव की भव्यता भी निखरेगी।
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एजेंसियों से मांगा प्रस्ताव, तीन दिन तक होगा ट्रायल
- दीपोत्सव कार्यक्रम में इस बार सात हजार से ज्यादा वालंटियर लगाए जाएंगे। पिछले साल 29 हजार लीटर तेल और 7.5 लाख किलो रूई का इस्तेमाल हुआ था। क्षेत्रीय पयर्टन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि इस बार दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। एजेंसियों के जरिए दीपोत्सव का आयोजन होगा। कई एजेंसियों से प्रस्ताव मांगा गया है। उनसे सुझाव भी लिए जा रहे हैं। एजेंसियों को तीन दिनों तक ट्रायल करना होगा। रामनगरी के संत-धर्माचार्यों के भी सुुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि भव्यता में कोई कसर न रह जाए। इस दौरान विशेष रंगों की लाइटों से सजावट के साथ-साथ राम की पैड़ी को रंगोली से सजाया जाएगा।
कब कितने दीप जले
दीपोत्सव 2017 - 1 लाख 65 हजार
दीपोत्सव 2018 - 3 लाख 150 दीप
दीपोत्सव 2019 - 4 लाख 4 हजार 26
दीपोत्सव 2020 - 6 लाख 07 हजार
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