फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   ram nagri

सुग्रीव किला में हुई थी रामजन्मभूमि से संबंधित पहली बैठक : योगी आदित्यनाथ

Mon, 24 Feb 2020 01:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2020 01:15 AM IST
विज्ञापन
ram nagri
अयोध्या। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि से संबंधित पहली बैठक सुग्रीव किला में हुई थी। साकेतवासी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज जी एक इच्छा व्यक्त करते थे कि रामजन्मभूमि पर कब मंदिर बनेगा।
विज्ञापन

अब उनका स्वप्न साकार होने को है। ट्रस्ट के द्वारा जो भी कार्ययोजना बनी है। उसमें सभी लोग ट्रस्ट के साथ मिलकर भव्यता पूर्वक आगे बढ़ाने में योगदान देंगे। वह सुग्रीव किला में संचालित वैकुंठोत्सव में आयोजित संत सम्मेलन में बोल रहे थे। यहां उन्होंने संतों से आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के आग्रह पर भगवान धराधाम पर जन्म लिए हैं। मंदिर निर्माण तो मानवों को करना है। हम सफल होंगे जरूर सफल होंगे। मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य सहित जिन संतों ने राममंदिर के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, अब वह कार्य पूरा होने को है। अब दिव्य-भव्य मंदिर बनेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

महंत पुरुषोत्तमाचार्य का राष्ट्र के प्रति भी चिंतन था। राममंदिर के साथ राष्ट्र मंदिर भी बनेगा। आज देश में जनसंख्या विषमता बढ़ती जा रही है। इससे निपटने के लिए हमें तैयार होना होगा। चीन की तरह समान नागरिकता कानून लाने की जरूरत है।
संत सम्मेलन का संचालन आचार्य रत्नेश ने किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने रामलला की मुक्ति की खुशी में मंदिर परिसर में 30 फीट के गरुड़ स्तंभ एवं पुरुषोत्तमाचार्य की मूर्ति व भगवान के विग्रह का अनावरण किया। उन्होंने गो सेवा भी की।
गाय को गुड़ व चारा खिलाया। मुख्यमंत्री ने स्मृति प्रभा व ज्योति प्रभा पत्रिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने पुरुषोत्तमाचार्य की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकारों का भी सम्मान किया। दक्षिण भारत के विद्वानों द्वारा भगवान वेंकटेंश जी का चित्र भेंट किया गया।
सुग्रीव किला के महंत ज.गु.विश्वेशप्रपन्नाचार्य व उनके शिष्य पदनाभाचार्य ने मुख्यमंत्री सहित संतों का स्वागत सम्मान किया। वैकुण्ठोत्सव के अवसर पर सुग्रीव किला में आयोजित संत सम्मेलन में रामनगरी के बड़ी संख्या में साधु-संत मंच पर शोभायमान रहे।
ज.गु.वासुदेवाचार्य, ज.गु.अनंताचार्य, दशरथ महल बड़ास्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य, ज.गु.रामदिनेशाचार्य, श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास, निर्वाणी अनी के महंत धर्मदास, संत समिति के अध्यक्ष कन्हैया दास रामायणी, महंत बृजमोहन दास, महंत नारायणाचारी, महंत शशिकांत दास, महंत गिरीश दास, संत रामभूषण दास कृपालु महाराज सहित विभिन्न प्रांतों से आए संत-धर्माचार्य समेत सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, विहिप के चंपत राय, दिनेश चंद्र, विधायक रामचंद्र यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

500 साल की लड़ाई को अंतिम छोर तक ले जाना है : चंपत राय
संत सम्मेलन में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि 36 साल पहले हम अंधकार में चल रहे थे। 1984 के बाद लोगों के मन में एक विचार फैला था कि राम के नाम पर लोग आते हैं और चंदा वसूलते हैं, एकत्र करते हैं, चले जाते हैं। यह बात सिंहल जी को भी सुनने को मिली थी। 500 साल की लड़ाई को अंतिम छोर तक ले जाना है। 1984 के बाद उतार-चढ़ाव आया साधु-संतों को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की गई, साधु नहीं डिगे। उन्होंने कहा ज.गु.पुरुषोत्तमाचार्य लक्ष्य की प्राप्ति के प्रति समर्पित थे, उनका संकल्प अब पूरा होने को है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed