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Ayodhya News: देशभर में होगा रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का सात दिवसीय उत्सव
Wed, 31 May 2023 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 31 May 2023 11:41 PM IST
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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक बुधवार को मणिराम दास की छावनी में हुई। बैठक में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मंथन किया गया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राममंदिर के भूतल का काम 15 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां शुरू होंगी। प्राण प्रतिष्ठा में मुख्य अतिथि के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी को आमंत्रण भेजने की तैयारी हो रही है। बताया गया कि देशभर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का सात दिवसीय उत्सव मनाने पर सहमति बनी।
ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में बुधवार सुबह 11 बजे बैठक शुरू हुई। करीब ढाई घंटे चली बैठक में जनवरी से लेकर अब तक हुए कार्यों की पूरी जानकारी सभी सदस्यों को दी गई। मंदिर निर्माण के साथ अन्य योजनाओं की प्रगति से ट्रस्टियों को अवगत कराया गया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि बैठक में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर चर्चा हुई। तय हुआ है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव कम से कम सात व अधिकतम 11 दिवसीय किया जाए। सभी की सहमति सात दिवसीय उत्सव पर बनी है। बताया कि देशभर के संत-धर्माचार्यों से आग्रह किया जाएगा कि वे अपने-अपने स्थानों पर प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव का आयोजन करें।
चंपत राय ने बताया कि दिसंबर से 26 जनवरी के बीच पीएम नरेंद्र मोदी का समय मिल सके, इसके लिए उन्हें आमंत्रण भेजने की तैयारी की जा रही है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि आमंत्रण पत्र तैयार करेंगे। महंत नृत्यगोपाल दास के हस्ताक्षर से यह पत्र पीएम मोदी को भेजा जाएगा। बताया कि बैठक में प्राण प्रतिष्ठा की तिथि पर चर्चा नहीं हुई है। शुभ मुहूर्त व पीएम की उपलब्धता देखते हुए प्राण प्रतिष्ठा की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुभ मुहूर्त व तिथि निकालने के लिए गोविंद देव गिरि सात ज्योतिषाचार्यों से वार्ता कर रहे हैं। चंपत राय ने बताया कि पुजारियों का एक प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू करने की तैयारी है। एक धार्मिक उप समिति बनेगी, जो इस पर निर्णय लेगी।
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जन्मभूमि पथ पर लगेंगे प्रतीक चिह्न
चंपत राय ने बताया कि रामजन्मभूमि पथ पर गर्मी से बचाने के लिए जगह-जगह शेड बनाने का निर्णय हुआ है। चूंकि यह राममंदिर का प्रमुख प्रवेश मार्ग है, यह दिखाने, समझाने के लिए प्रतीक चिन्ह लगाए जाएं, इसको लेकर चर्चा हुई है। प्रतीक चिह्न कैसा हो, इसकी डिजाइन बनाएंगे, ट्रायल करेंगे। इसको लेकर सड़क बना रही कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का भी सुझाव लिया जाएगा।
11 ट्रस्टी रहे शामिल, पाराशरण ऑनलाइन जुड़े
चंपत राय ने बताया कि बैठक में 11 ट्रस्टी शामिल हुए, जबकि 95 वर्षीय के. पाराशरण वीडियो काॅफ्रेंसिंग से जुड़े। उन्होंने एक-एक बात सुनी, उनके सुझाव भी लिए गए। भारत सरकार के प्रतिनिधि ज्ञानेश कुमार, जिलाधिकारी नितीश कुुमार व गृह सचिव संजय प्रसाद मीटिंग में नहीं जुड़ सके। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने की। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, जगद्गुरू वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरू विश्वेशतीर्थ, महंत दिनेंद्र दास, डॉ.अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, कामेश्वर चौपाल आदि बैठक में शामिल रहे। अगली बैठक चातुर्मास के बाद होगी।
जल्द शुरू होगा राममंदिर के फर्श का काम
अयोध्या। राममंदिर का भूतल, मकराना के संगमरमर से सजेगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि फर्श पर संगमरमर बिछाने का काम एक से दो दिन में शुरू हो जाएगा। तीन मंजिला राममंदिर की फर्श में भी मकराना के सफेद संगमरमर का ही उपयोग होगा। मंदिर में संगमरमर का एक-एक पत्थर उच्च गुणवत्ता वाला लगाया जाएगा। गर्भगृह के निर्माण में 13300 घन फीट नक्काशीदार संगमरमर का उपयोग होना है। जबकि 95300 वर्ग फीट संगमरमर फर्श में बिछाया जाएगा। फर्श में बिछाए जाने वाले संगमरमर की मोटाई 35 एमएम है। (संवाद)
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ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में बुधवार सुबह 11 बजे बैठक शुरू हुई। करीब ढाई घंटे चली बैठक में जनवरी से लेकर अब तक हुए कार्यों की पूरी जानकारी सभी सदस्यों को दी गई। मंदिर निर्माण के साथ अन्य योजनाओं की प्रगति से ट्रस्टियों को अवगत कराया गया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि बैठक में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर चर्चा हुई। तय हुआ है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव कम से कम सात व अधिकतम 11 दिवसीय किया जाए। सभी की सहमति सात दिवसीय उत्सव पर बनी है। बताया कि देशभर के संत-धर्माचार्यों से आग्रह किया जाएगा कि वे अपने-अपने स्थानों पर प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव का आयोजन करें।
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चंपत राय ने बताया कि दिसंबर से 26 जनवरी के बीच पीएम नरेंद्र मोदी का समय मिल सके, इसके लिए उन्हें आमंत्रण भेजने की तैयारी की जा रही है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि आमंत्रण पत्र तैयार करेंगे। महंत नृत्यगोपाल दास के हस्ताक्षर से यह पत्र पीएम मोदी को भेजा जाएगा। बताया कि बैठक में प्राण प्रतिष्ठा की तिथि पर चर्चा नहीं हुई है। शुभ मुहूर्त व पीएम की उपलब्धता देखते हुए प्राण प्रतिष्ठा की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुभ मुहूर्त व तिथि निकालने के लिए गोविंद देव गिरि सात ज्योतिषाचार्यों से वार्ता कर रहे हैं। चंपत राय ने बताया कि पुजारियों का एक प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू करने की तैयारी है। एक धार्मिक उप समिति बनेगी, जो इस पर निर्णय लेगी।
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जन्मभूमि पथ पर लगेंगे प्रतीक चिह्न
चंपत राय ने बताया कि रामजन्मभूमि पथ पर गर्मी से बचाने के लिए जगह-जगह शेड बनाने का निर्णय हुआ है। चूंकि यह राममंदिर का प्रमुख प्रवेश मार्ग है, यह दिखाने, समझाने के लिए प्रतीक चिन्ह लगाए जाएं, इसको लेकर चर्चा हुई है। प्रतीक चिह्न कैसा हो, इसकी डिजाइन बनाएंगे, ट्रायल करेंगे। इसको लेकर सड़क बना रही कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का भी सुझाव लिया जाएगा।
11 ट्रस्टी रहे शामिल, पाराशरण ऑनलाइन जुड़े
चंपत राय ने बताया कि बैठक में 11 ट्रस्टी शामिल हुए, जबकि 95 वर्षीय के. पाराशरण वीडियो काॅफ्रेंसिंग से जुड़े। उन्होंने एक-एक बात सुनी, उनके सुझाव भी लिए गए। भारत सरकार के प्रतिनिधि ज्ञानेश कुमार, जिलाधिकारी नितीश कुुमार व गृह सचिव संजय प्रसाद मीटिंग में नहीं जुड़ सके। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने की। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, जगद्गुरू वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरू विश्वेशतीर्थ, महंत दिनेंद्र दास, डॉ.अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, कामेश्वर चौपाल आदि बैठक में शामिल रहे। अगली बैठक चातुर्मास के बाद होगी।
जल्द शुरू होगा राममंदिर के फर्श का काम
अयोध्या। राममंदिर का भूतल, मकराना के संगमरमर से सजेगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि फर्श पर संगमरमर बिछाने का काम एक से दो दिन में शुरू हो जाएगा। तीन मंजिला राममंदिर की फर्श में भी मकराना के सफेद संगमरमर का ही उपयोग होगा। मंदिर में संगमरमर का एक-एक पत्थर उच्च गुणवत्ता वाला लगाया जाएगा। गर्भगृह के निर्माण में 13300 घन फीट नक्काशीदार संगमरमर का उपयोग होना है। जबकि 95300 वर्ग फीट संगमरमर फर्श में बिछाया जाएगा। फर्श में बिछाए जाने वाले संगमरमर की मोटाई 35 एमएम है। (संवाद)