मंदिर निर्माण के लिए जन्मभूमि परिसर में खुलेगी कार्यशाला, यहां तराशे जाएंगे पत्थर
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राममंदिर निर्माण की तैयारी तेज होने लगी है। शेषावतार मंदिर तक समतलीकरण का काम पूरा हो चुका है। इसके आगे का काम तीन जेसीबी की मदद से बृहस्पतिवार को आगे बढ़ा। अब राममंदिर निर्माण के लिए रामजन्मभूमि परिसर स्थित दो एकड़ भूमि में कार्यशाला खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां पत्थरों की तराशी का काम होगा। इस बीच एलएंडटी के तीन अभियंताओं की टीम मंदिर व परिसर के डायग्राम को लेकर सर्वे में जुटी है।
राममंदिर निर्माण की तैयारी को गति प्रदान करने का काम ट्रस्ट ने शुरू कर दिया है। रामजन्मभूमि परिसर में पिछले 11 मई से ही समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसमें तीन जेसीबी मशीन सहित दस मजदूर लगाए गये हैं। ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक गर्भगृह स्थल के चारों तरफ समतलीकरण का करीब 30 प्रतिशत काम किया जा चुका है। परिसर की साफ-सफाई व समतलीकरण का कार्य लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए हो रहा है। समतलीकरण के बाद राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में मंदिर का फाउंडेशन तैयार किया जाएगा। अभी तक परिसर में स्थित शेषावतार मंदिर तक समतलीकरण का कार्य किया जा चुका है। इसकी निगरानी राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय स्वयं कर रहे हैं। वह परिसर के समीप ही पिछले दो सप्ताह से कैंप कर रहे हैं।
वहीं, दूसरी तरफ लॉकडाउन समाप्त होते ही मंदिर निर्माण की गति तेज करने की पूरी योजना है। जिसके लिए ट्रस्ट परिसर के अंदर कार्यशाला खोलने की तैयारी है। लॉकडाउन समाप्त होते ही मंदिर निर्माण का कार्य तेज गति से शुरू करने के लिए राजस्थान, गुजरात से सैकड़ों की संख्या में मजदूरों को लगाया जाएगा लेकिन उसके पहले मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों की साफ-सफाई व तराशी के लिए राम जन्मभूमि परिसर में कार्यशाला खोले जाने की योजना बन रही है। जिसके लिए परिसर में ही दो एकड़ भूमि आरक्षित की जाएगी।
परिसर में कार्यशाला शुरू करने के लिए राम मंदिर मॉडल के आर्किटेक्ट सीपी सोमपुरा भी लॉकडाउन के बाद अयोध्या पहुंचेंगे। ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर निर्माण के लिए एक मंजिल का काम पूरा किया जा चुका है, दूसरी मंजिल के कार्य के लिए पत्थरों की तराशी का कार्य किया जाना है।
रामजन्मभूमि परिसर में ही स्थापित होंगी मशीनें
मंदिर निर्माण कार्यशाला प्रभारी अन्नू भाई सोमपुरा के मुताबिक राम जन्मभूमि परिसर में ही कार्यशाला खोली जानी है। जिसके लिए रामघाट क्षेत्र में लगी दोनों मशीनों को कार्यशाला के अंदर स्थापित किया जाएगा। साथ ही 100 से अधिक कारीगरों को एक साथ पत्थर तराशी के लिए लगाया जाएगा। जिसके लिए बनने वाली कार्यशाला स्थल पर टीन शेड व कारीगरों के रहने के लिए अस्थाई मकानों का निर्माण किया जाना है। उनके मुताबिक इसके लिए ट्रस्ट को जानकारी दी जा चुकी है। कार्यशाला में अन्य पत्थरों की तराशी होने से समय की बचत होगी। लाने ले जाने को लेकर टूटने का भी डर भी नहीं रहेगा।
परिसर से बाहर नहीं जा सकते इंजीनियर व श्रमिक
मंदिर निर्माण के लिए लार्सन एंड टुब्रो के इंजीनियरों की टीम समेत जेसीबी मशीन चालक व श्रमिकों को बीते दो सप्ताह से परिसर में ही रात-दिन बितानी पड़ रही है। इनके लिए मानस भवन में ही ठहरने की अस्थाई अव्यवस्था की गई है। इंजीनियरों के लिए तीन कमरे व्यवस्थित किए जा रहे हैं, जहां वे तकनीकी साजो-सामान के साथ ऑनलाइन राममंदिर परिसर व मंदिर निर्माण की तैयारी व प्रगति का ब्योरा रखेंगे। ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि महासचिव चंपत राय, विहिप के अशोक जी समेत इंजीनियर, चालक, मशीनमैन व श्रमिकों का एक साथ खाना बनेगा और अपरिहार्य स्थिति में ही कोई बाहर जा सकेगा। सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश है कि परिसर में मौजूद कोई भी व्यक्ति बाहर न जा सके, न ही कोई बाहर से आ सके।