{"_id":"5eaecc4b8ebc3e90501824ee","slug":"ram-mandir-faizabad-news-lko5200535106","type":"story","status":"publish","title_hn":"असम के कारीगर ने बनाई अशोक सिंहल की प्रतिमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असम के कारीगर ने बनाई अशोक सिंहल की प्रतिमा
विज्ञापन
स्व.अशोक सिंघल की प्रतिमा बनाते कारीगर।
- फोटो : FAIZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। राममंदिर आंदोलन के मुख्य शिल्पी स्व. अशोक सिंघल की प्रतिमा असम के कारीगर ने अयोध्या स्थित रामसेवकपुरम की कार्यशाला में तैयार की है। कारीगर द्वारा इस प्रतिमा को ट्रस्ट को सौंपने की तैयारी है। हालांकि ट्रस्ट ने अभी यह तय नहीं किया है कि वह इस प्रतिमा का उपयोग कहां करेगा। लेकिन माना जा रहा है कि सिंघल की प्रतिमा स्मृति स्वरूप में ट्रस्ट कार्यालय, कार्यशाला, से लेकर राममंदिर के लिए प्राप्त भूमि में कहीं न कहीं लगाई जाएगी।
असम के मूर्तिकार रंजीत मंडल ने बताया कि 1997 में स्वर्गीय अशोक सिंघल के द्वारा असम से राम कथा कुंज के लिए मूर्ति निर्माण के लिए बुलाया था। रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में 2013 से भगवान श्री राम के विभिन्न प्रसंगों पर मूर्ति तैयार कर रहा हूं।
वही बताया कि अभी देश में चल रहे लॉकडाउन के कारण सभी राममंदिर निर्माण संबंधी कार्य बंद है। ऐसे में घरों पर बैठकर क्या करें इस पर विचार आया और अशोक सिंघल जी जो हमारे गुरु है। जिन्होंने हमें असम से अयोध्या लाया था।
विज्ञापन
इसलिए इस समय में स्वर्गीय अशोक सिंघल की प्रतिमा बनाने की इच्छा जाहिर हुई और इस मूर्ति का निर्माण कर दिया । अब यह मूर्ति कहां लगाई जाएगी इस पर तो कोई विचार नहीं आया है लेकिन लॉक डाउन समाप्त होने के बाद इस मूर्ति को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को दिखाया जाएगा। उसके बाद ही उनके आदेश के अनुसार इस प्रतिमा को किसी स्थान पर लगाया जाएगा।
रामकथा के प्रसंगों को भी दे रहे आकार
राम मंदिर परिसर में रामकथा कुंज की बनाने की परिकल्पना सिंहल ने की थी। उसी परिकल्पना के अनुरूप असम के कारीगर रंजीत मंडल द्वारा रामकथा के 100 प्रसंगों का निर्माण मूर्ति के रूप में किया जा रहा है। इन प्रसंगों के जरिए रामकथा परिसर में त्रेता युग को जीवंत करने की योजना है। रंजीत मंडल बताते हैं कि वे 2013 से सिंहल के निर्देश पर यह प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। योजना के अनुसार दशरथ के पुत्रयेष्टि यज्ञ, राम जन्म से लेकर मां सीता के धरती में समाहित होने तक व राम की जल समाधि से स्वधाम गमन तक पूरे 100 प्रसंग तैयार होने हैं। अभी तक 35 प्रसंगों को आकार दिया जा चुका है।
विज्ञापन
असम के मूर्तिकार रंजीत मंडल ने बताया कि 1997 में स्वर्गीय अशोक सिंघल के द्वारा असम से राम कथा कुंज के लिए मूर्ति निर्माण के लिए बुलाया था। रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में 2013 से भगवान श्री राम के विभिन्न प्रसंगों पर मूर्ति तैयार कर रहा हूं।
विज्ञापन
वही बताया कि अभी देश में चल रहे लॉकडाउन के कारण सभी राममंदिर निर्माण संबंधी कार्य बंद है। ऐसे में घरों पर बैठकर क्या करें इस पर विचार आया और अशोक सिंघल जी जो हमारे गुरु है। जिन्होंने हमें असम से अयोध्या लाया था।
विज्ञापन
इसलिए इस समय में स्वर्गीय अशोक सिंघल की प्रतिमा बनाने की इच्छा जाहिर हुई और इस मूर्ति का निर्माण कर दिया । अब यह मूर्ति कहां लगाई जाएगी इस पर तो कोई विचार नहीं आया है लेकिन लॉक डाउन समाप्त होने के बाद इस मूर्ति को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को दिखाया जाएगा। उसके बाद ही उनके आदेश के अनुसार इस प्रतिमा को किसी स्थान पर लगाया जाएगा।
रामकथा के प्रसंगों को भी दे रहे आकार
राम मंदिर परिसर में रामकथा कुंज की बनाने की परिकल्पना सिंहल ने की थी। उसी परिकल्पना के अनुरूप असम के कारीगर रंजीत मंडल द्वारा रामकथा के 100 प्रसंगों का निर्माण मूर्ति के रूप में किया जा रहा है। इन प्रसंगों के जरिए रामकथा परिसर में त्रेता युग को जीवंत करने की योजना है। रंजीत मंडल बताते हैं कि वे 2013 से सिंहल के निर्देश पर यह प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। योजना के अनुसार दशरथ के पुत्रयेष्टि यज्ञ, राम जन्म से लेकर मां सीता के धरती में समाहित होने तक व राम की जल समाधि से स्वधाम गमन तक पूरे 100 प्रसंग तैयार होने हैं। अभी तक 35 प्रसंगों को आकार दिया जा चुका है।