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राममंदिर निर्माण को लेकर सभी अहम निर्णय लेंगे नृपेंद्र
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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को लेकर करोड़ों लोगों का सपना शनिवार से साकार होता दिखेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद खास सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अफसर नृपेंद्र मिश्र अयोध्या आकर अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराएंगे।
वे अस्थाई गर्भगृह में रामलला को विराजमान करने से लेकर ट्रस्ट की अगली बैठक, राममंदिर निर्माण शुरू करने की तारीख, मंदिर समेत परिसर के आकार-प्रकार व भव्यता का खाका तय करेंगे। नव्य अयोध्या बसाने की तैयारियों पर भी उनकी खास नजर होगी।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय व अन्य ट्रस्टियों समेत शीर्ष अधिकारियों की मानें तो पूर्व आईएएस नृपेंद्र मिश्र पर ही निगाह टिकी है। वे कहते हैं कि नृपेंद्र मिश्र के जरिये प्रधानमंत्री मोदी की अयोध्या के संपूर्ण विकास पर नजर है।
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ऐसे में अन्य लोगों की ओर से अभी तक जितने भी दावे किए गए हैं, उनकी कोई मान्य रूपरेखा तय नहीं है। चंपत राय कहते हैं कि वे सिर्फ 1989 से विहिप की ओर राममंदिर निर्माण के लिए अयोध्या व राजस्थान में बनाई गई तीन-तीन कार्यशालाओं में हुई तैयारी का ब्योरा देंगे।
एक एकड़ में मंदिर व दो एकड़ में कॉरिडोर बनाने की हमारी योजना थी। अब निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को तय करना है कि 70 एकड़ के परिसर की भव्यता व दिव्यता कैसी होगी?
ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की ओर से बैंकिंग लेन-देन के लिए अधिकृत ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि नृपेंद्र मिश्र को ही तय करना है कि रामलला को बुलेट प्रूफ अस्थाई गर्भगृह में कब स्थानांतरित किया जाए। वे राममंदिर के निर्माण को लेकर विहिप की ओर से अब तक की तैयारियों का परीक्षण भी करेंगे। ट्रस्ट के कार्यालय के लिए दो-तीन जगह देखी गईं हैं।
अभी तक उन स्थलों के प्रबंधन से अनुमति नहीं मिल पाई है। कोशिश है कि नृपेंद्र मिश्र के आने से पहले अनुमति पत्र प्राप्त कर लिया जाए, ताकि उन्हें स्थान दिखाकर उपयुक्तता तय हो सके। वे कहते हैं कि अस्थाई गर्भगृह के लिए तय स्थान से बोल्डर हटाए जा रहे हैं, वहां पर्याप्त स्थान व्यवस्थित किया जा रहा है।
लेकिन, रामलला वहां कब वहां विराजेंगे यह नृपेंद्र मिश्र शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद तय करेंगे। साथ ही दर्शन व परिक्रमा के स्वरूप से लेकर नवरात्र में पूजा-पाठ व रामजन्मोत्सव के लाइव प्रसारण आदि तमाम मुद्दे उनके स्तर से ही तय किए जाएंगे। राममंदिर निर्माण को लेकर कौन एजेंसी काम करेगी, यह भी उन्हें ही तय करना है।
आफिसियो ट्रस्टी व जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि ट्रस्ट की दूसरी बैठक की तिथि निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की रिपोर्ट पर तय होगी। अभी कोई संभावित तिथि नहीं है। राममंदिर निर्माण कब प्रारंभ होगा, इसे तय करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है।
तैयारियों का ब्योरा लेकर सर्किट हाउस से जाएंगे अयोध्या
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र दोपहर में लखनऊ से यहां सर्किट हाउस पहुंचेंगे। जहां डीएम अनुज कुमार झा स्वागत करेंगे। उन्हें अब तक हुई अस्थाई गर्भगृह बनाने की तैयारी समेत राममंदिर निर्माण को लेकर कार्यशालाओं की वस्तुस्थिति का ब्योरा सौंपा जाएगा। इसके बाद वे सीधे रामलला का दर्शन करने जाएंगे, जहां 70 एकड़ परिसर का निरीक्षण करेेंगे। राममंदिर निर्माण से लेकर तमाम जन सुविधाएं विकसित करने पर मंथन करेंगे। हनुमानगढ़ी भी दर्शन करने जा सकते हैं। प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक ट्रस्टियों व अधिकारियों के साथ निरीक्षण से पहले या बाद में बैठक भी करेंगे।
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वे अस्थाई गर्भगृह में रामलला को विराजमान करने से लेकर ट्रस्ट की अगली बैठक, राममंदिर निर्माण शुरू करने की तारीख, मंदिर समेत परिसर के आकार-प्रकार व भव्यता का खाका तय करेंगे। नव्य अयोध्या बसाने की तैयारियों पर भी उनकी खास नजर होगी।
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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय व अन्य ट्रस्टियों समेत शीर्ष अधिकारियों की मानें तो पूर्व आईएएस नृपेंद्र मिश्र पर ही निगाह टिकी है। वे कहते हैं कि नृपेंद्र मिश्र के जरिये प्रधानमंत्री मोदी की अयोध्या के संपूर्ण विकास पर नजर है।
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ऐसे में अन्य लोगों की ओर से अभी तक जितने भी दावे किए गए हैं, उनकी कोई मान्य रूपरेखा तय नहीं है। चंपत राय कहते हैं कि वे सिर्फ 1989 से विहिप की ओर राममंदिर निर्माण के लिए अयोध्या व राजस्थान में बनाई गई तीन-तीन कार्यशालाओं में हुई तैयारी का ब्योरा देंगे।
एक एकड़ में मंदिर व दो एकड़ में कॉरिडोर बनाने की हमारी योजना थी। अब निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को तय करना है कि 70 एकड़ के परिसर की भव्यता व दिव्यता कैसी होगी?
ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की ओर से बैंकिंग लेन-देन के लिए अधिकृत ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि नृपेंद्र मिश्र को ही तय करना है कि रामलला को बुलेट प्रूफ अस्थाई गर्भगृह में कब स्थानांतरित किया जाए। वे राममंदिर के निर्माण को लेकर विहिप की ओर से अब तक की तैयारियों का परीक्षण भी करेंगे। ट्रस्ट के कार्यालय के लिए दो-तीन जगह देखी गईं हैं।
अभी तक उन स्थलों के प्रबंधन से अनुमति नहीं मिल पाई है। कोशिश है कि नृपेंद्र मिश्र के आने से पहले अनुमति पत्र प्राप्त कर लिया जाए, ताकि उन्हें स्थान दिखाकर उपयुक्तता तय हो सके। वे कहते हैं कि अस्थाई गर्भगृह के लिए तय स्थान से बोल्डर हटाए जा रहे हैं, वहां पर्याप्त स्थान व्यवस्थित किया जा रहा है।
लेकिन, रामलला वहां कब वहां विराजेंगे यह नृपेंद्र मिश्र शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद तय करेंगे। साथ ही दर्शन व परिक्रमा के स्वरूप से लेकर नवरात्र में पूजा-पाठ व रामजन्मोत्सव के लाइव प्रसारण आदि तमाम मुद्दे उनके स्तर से ही तय किए जाएंगे। राममंदिर निर्माण को लेकर कौन एजेंसी काम करेगी, यह भी उन्हें ही तय करना है।
आफिसियो ट्रस्टी व जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि ट्रस्ट की दूसरी बैठक की तिथि निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की रिपोर्ट पर तय होगी। अभी कोई संभावित तिथि नहीं है। राममंदिर निर्माण कब प्रारंभ होगा, इसे तय करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है।
तैयारियों का ब्योरा लेकर सर्किट हाउस से जाएंगे अयोध्या
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र दोपहर में लखनऊ से यहां सर्किट हाउस पहुंचेंगे। जहां डीएम अनुज कुमार झा स्वागत करेंगे। उन्हें अब तक हुई अस्थाई गर्भगृह बनाने की तैयारी समेत राममंदिर निर्माण को लेकर कार्यशालाओं की वस्तुस्थिति का ब्योरा सौंपा जाएगा। इसके बाद वे सीधे रामलला का दर्शन करने जाएंगे, जहां 70 एकड़ परिसर का निरीक्षण करेेंगे। राममंदिर निर्माण से लेकर तमाम जन सुविधाएं विकसित करने पर मंथन करेंगे। हनुमानगढ़ी भी दर्शन करने जा सकते हैं। प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक ट्रस्टियों व अधिकारियों के साथ निरीक्षण से पहले या बाद में बैठक भी करेंगे।