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Ayodhya News: इटावा में मिलीं 240 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपि
Sat, 03 Oct 2026 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:39 PM IST
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रामकथा संग्रहालय।
अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट ने रामकथा से जुड़ी दुर्लभ व प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण का अभियान फिर तेज कर दिया है। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद कुछ समय के लिए यह अभियान धीमा पड़ गया था। अब ट्रस्ट ने पांडुलिपियों को जुटाने और उनके संरक्षण की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी है।
इसी क्रम में इटावा के माधवेंद्र पोरवाल के पास 1786 की हस्तलिखित पांडुलिपि मिली हैं। ये पांडुलिपियां करीब 240 वर्ष पुरानी हैं। पोरवाल इसे लेकर अयोध्या भी आए थे। हालांकि, पांडुलिपि को ट्रस्ट को सौंपे जाने पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि अब तक 10 दुर्लभ पांडुलिपियां ट्रस्ट को प्राप्त हो चुकी हैं। इन पांडुलिपियों को संरक्षित करने के साथ ही उनके ऐतिहासिक और साहित्यिक महत्व का अध्ययन भी किया जा रहा है। लखनऊ और चेन्नई से भी दो अन्य लोग ट्रस्ट के संपर्क में हैं। उनके पास करीब 200 से 250 वर्ष पुरानी पांडुलिपियां हैं। इनमें रामकथा से संबंधित प्राचीन ग्रंथ भी शामिल हैं।
संग्रहालय में बनेगा रामकथा का दुर्लभ दस्तावेजी संसार
ट्रस्ट की योजना रामकथा संग्रहालय में देशभर में उपलब्ध दुर्लभ साहित्यिक एवं ऐतिहासिक सामग्री को संरक्षित करने की है। यह सामग्री राम, रामायण और रामकथा से संबंधित है। इसके तहत निजी संग्रहों में मौजूद प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रस्ट का प्रयास है कि यह सामग्री सुरक्षित रहे। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए रामकथा की परंपरा, साहित्य और इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत बन सके।
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इसी क्रम में इटावा के माधवेंद्र पोरवाल के पास 1786 की हस्तलिखित पांडुलिपि मिली हैं। ये पांडुलिपियां करीब 240 वर्ष पुरानी हैं। पोरवाल इसे लेकर अयोध्या भी आए थे। हालांकि, पांडुलिपि को ट्रस्ट को सौंपे जाने पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि अब तक 10 दुर्लभ पांडुलिपियां ट्रस्ट को प्राप्त हो चुकी हैं। इन पांडुलिपियों को संरक्षित करने के साथ ही उनके ऐतिहासिक और साहित्यिक महत्व का अध्ययन भी किया जा रहा है। लखनऊ और चेन्नई से भी दो अन्य लोग ट्रस्ट के संपर्क में हैं। उनके पास करीब 200 से 250 वर्ष पुरानी पांडुलिपियां हैं। इनमें रामकथा से संबंधित प्राचीन ग्रंथ भी शामिल हैं।
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संग्रहालय में बनेगा रामकथा का दुर्लभ दस्तावेजी संसार
ट्रस्ट की योजना रामकथा संग्रहालय में देशभर में उपलब्ध दुर्लभ साहित्यिक एवं ऐतिहासिक सामग्री को संरक्षित करने की है। यह सामग्री राम, रामायण और रामकथा से संबंधित है। इसके तहत निजी संग्रहों में मौजूद प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रस्ट का प्रयास है कि यह सामग्री सुरक्षित रहे। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए रामकथा की परंपरा, साहित्य और इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत बन सके।
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