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राम मंदिर: राफ्ट की ढलाई में प्रतिदिन हो रहा 287 घनमीटर कंकरीट का इस्तेमाल, लगातार दस घंटे हो रहा काम

Sat, 02 Oct 2021 11:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 02 Oct 2021 11:16 PM IST
सार

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राफ्ट की ढ़लाई का काम प्रारंभ हो गया है। पहले दिन 287 घनमीटर कंकरीट डाली गई। इसके लिए दो बूम प्लेसर गर्भगृह के पास लगाए गए हैं। 

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ram mandir construction status 287 cubic meters of concrete being used daily in the casting of rafts
राफ्ट की ढलाई के लिए लगाई गई मशीन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राम जन्मभूमि परिसर में दूसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है। इसके तहत राफ्ट की ढ़लाई का काम प्रारंभ हो चुका है। राफ्ट की ढ़लाई में प्रतिदिन 287 घनमीटर कंकरीट का प्रयोग किया जा रहा है। ढ़लाई का काम केवल रात में ही 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर हो रहा है, अधिक तापमान होने पर राफ्ट में दरार आने का खतरा है। 
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हर रोज दस घंटे लगातार काम कर ढ़लाई की जा रही है। इसके लिए रामजन्मभूमि परिसर में दो स्वचालित मशीन भी लगाई गई है। राममंदिर की नींव के  ऊपर 1.5 मीटर ऊंची राफ्ट ढालने का काम चल रहा है।। चार सौ गुणा तीन सौ लंबे-चौड़े क्षेत्रफल में राफ्ट ढलाई की प्रक्रिया अलग-अलग भागों में बांटकर की जाएगी। 
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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राफ्ट की ढ़लाई का काम प्रारंभ हो गया है। पहले दिन 287 घनमीटर कंकरीट डाली गई। इसके लिए दो बूम प्लेसर गर्भगृह के पास लगाए गए हैं। बूम प्लेसर एक प्रकार की स्वचालित मशीन है जो कंकरीट डालने का काम करेगी। 
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चंपत राय ने बताया कि ढ़लाई के लिए 25 डिग्री तापमाव आवश्यक है अत: रात में ही कार्य होगा। इससे अधिक तापमान होने पर सतह में दरार आने की आशंका है। तापमान को मेंटेन रखने के  लिए ही रात में ढलाई का काम किया जाएगा। इसके लिए बड़ी मात्रा में बर्फ की भी व्यवस्था की जा रही है। 

लगातार दस घंटे कार्य किया जाएगा। पहला हिस्सा भी रात में ही ढाला गया। एक हिस्से को ढालने के बाद एक दिन छोड़कर दूसरे हिस्सों की ढलाई का प्लान है। श्रीराय ने बताया कि राफ्ट की ढलाई आईआईटी के विशेषज्ञों की बताई गई तकनीक के आधार पर ही की जा रही है। 

मालवाहक वाहनों के लिए नए रास्ते का निर्माण जोरों पर 
श्रीरामजन्मभूमि परिसर में चल रहे राममंदिर निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में मटेरियल प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इसके लिए ट्रकों व अन्य भारी वाहनों का काफिला दिन भर मुख्य मार्ग पर रामजन्मभूमि के गेट नंबर तीन पर लगा रहता है। मालवाहक वाहनों की लंबी कतार से यहां प्राय: जाम की स्थिति बनी रहती है साथ ही वीआईपी मूवमेंट होने पर भी परेशानी होती है। 

इसको देखते हुए मुख्य मार्ग से सटे यूसूफ आरामशीन के बगल से रामजन्मभूमि परिसर के लिए एक नया रास्ता तैयार किया जा रहा है, काम पूरा होने को है। अगले एक सप्ताह के भीतर इसी मार्ग से मालवाहक वाहनों का प्रवेश परिसर में शुरू हो जाएगा।
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