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दिन भर हुई बूंदाबांदी, गेहूं की फसल को फायदा
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अयोध्या। मौसम ने शनिवार को एक बार फिर करवट बदला, सुबह घना कोहरा छाया रहा। कोहरा छंटते ही बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया, इसका क्रम दिन भर जारी रहा। मौसम में आए इस परिवर्तन से ठंड में इजाफा हुआ। वहीं, कृषि वैज्ञानिकों द्वारा इस बारिश से गेहूं की फसल को फायदा होने की संभावना जताई जा रही है।
तेज हवा के कारण अरहर, चना, मटर ,मसूर, सरसों व अलसी के फूल झड़ सकते हैं। जिन फसलों में फली बन रही है उसे फायदा होगा। इसके अलावा टमाटर, बैंगन, मिर्च व गोभी को इस वर्षा से लाभ होगा। साथ ही आलू की फसल झुलसा की चपेट में आ सकती है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ, शनिवार की सुबह घने कोहरे के साथ बादल छाए रहे। सुबह करीब 11 बजे तक कोहरा छंट गया, उसके बाद बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया जो दिन भर चला। ग्रामीण इलाकों में कहीं-कहीं तेज बौछारें भी पड़ीं जबकि शहरी क्षेत्र में बूंदाबांदी ही होती रही। इससे ठंड में इजाफा हुआ।
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अवकाश का दिन होने के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे। इससे बाजारों में भीड़भाड़ कम रही। मौसम विभाग के अनुसार आगामी चौबीस घंटे हलके बादल छाए रहेंगे, कोहरे के साथ हलकी बारिश भी होने की संभावना है। एनडी यूनीवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार शनिवार को जिले में 3.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई। दिन का अधिकतम तापमान 15 व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल को ज्यादा फायदा होगा। जो किसान गेहूं की फसल की बोआई समय से किए हैं, उन्हें तीसरी सिंचाई तथा जो विलंब से बोआई किए हैं, उन्हें दूसरी सिंचाई का लाभ मिला है। कहा कि जिन किसानों ने सिंचाई जल्द ही की है, उन्हें तेज वर्षा होने पर नुकसान हो सकता है, खेत से पानी निकालने की व्यवस्था करें।
अरहर, चना, मटर, मसूर, सरसों व अलसी के फूल को तेज हवा के कारण नुकसान होने की आशंका है। परंतु जिन फसलों में फली बन रही है उसे फायदा होगा। कहा कि टमाटर, बैंगन, मिर्च, गोभी को इस वर्षा से लाभ होगा, परंतु आलू की फसल में बदली होने के कारण झुलसा बीमारी का प्रकोप हो सकता है। जो किसान अगैती लौकी, कद्दू, नेनुआ तथा करेला लगाए हैं, यदि पाला नहीं पड़ा तो फायदा होगा। आम में जिनमें अभी बौर निकल रहा है परंतु खिला नहीं है उन्हें लाभ होगा क्योंकि आम की धुलाई हो गई है।
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तेज हवा के कारण अरहर, चना, मटर ,मसूर, सरसों व अलसी के फूल झड़ सकते हैं। जिन फसलों में फली बन रही है उसे फायदा होगा। इसके अलावा टमाटर, बैंगन, मिर्च व गोभी को इस वर्षा से लाभ होगा। साथ ही आलू की फसल झुलसा की चपेट में आ सकती है।
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मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ, शनिवार की सुबह घने कोहरे के साथ बादल छाए रहे। सुबह करीब 11 बजे तक कोहरा छंट गया, उसके बाद बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया जो दिन भर चला। ग्रामीण इलाकों में कहीं-कहीं तेज बौछारें भी पड़ीं जबकि शहरी क्षेत्र में बूंदाबांदी ही होती रही। इससे ठंड में इजाफा हुआ।
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अवकाश का दिन होने के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे। इससे बाजारों में भीड़भाड़ कम रही। मौसम विभाग के अनुसार आगामी चौबीस घंटे हलके बादल छाए रहेंगे, कोहरे के साथ हलकी बारिश भी होने की संभावना है। एनडी यूनीवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार शनिवार को जिले में 3.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई। दिन का अधिकतम तापमान 15 व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल को ज्यादा फायदा होगा। जो किसान गेहूं की फसल की बोआई समय से किए हैं, उन्हें तीसरी सिंचाई तथा जो विलंब से बोआई किए हैं, उन्हें दूसरी सिंचाई का लाभ मिला है। कहा कि जिन किसानों ने सिंचाई जल्द ही की है, उन्हें तेज वर्षा होने पर नुकसान हो सकता है, खेत से पानी निकालने की व्यवस्था करें।
अरहर, चना, मटर, मसूर, सरसों व अलसी के फूल को तेज हवा के कारण नुकसान होने की आशंका है। परंतु जिन फसलों में फली बन रही है उसे फायदा होगा। कहा कि टमाटर, बैंगन, मिर्च, गोभी को इस वर्षा से लाभ होगा, परंतु आलू की फसल में बदली होने के कारण झुलसा बीमारी का प्रकोप हो सकता है। जो किसान अगैती लौकी, कद्दू, नेनुआ तथा करेला लगाए हैं, यदि पाला नहीं पड़ा तो फायदा होगा। आम में जिनमें अभी बौर निकल रहा है परंतु खिला नहीं है उन्हें लाभ होगा क्योंकि आम की धुलाई हो गई है।