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तेज बारिश से धान की मड़ाई बाधित, आलू, सरसों, मसूर की बोआई प्रभावित
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बारिश के कारण जलमग्न फसल।
- फोटो : FAIZABAD
तारुन/बीकापुर। किसानों के अरमानों पर बुधवार रात हुई बेमौसम बारिश ने पानी फेर दिया। खेत से लेकर खलिहान में पड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई। रबी के सीजन में फसल की बोआई के लिए तैयार पड़े खेत भी पानी से लबालब हो गए। इससे आलू, सरसों और मसूर की बोआई प्रभावित हो गई है। बेमौसम बारिश से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बारिश से सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही सब्जी की फसल भी खराब हुई है। घूरीटीकर के किसान सुरेश कुमार पांडेय ने बताया कि बारिश से धान के खेतों में पककर तैयार फसल पूरी तरह से पानी में डूबकर चौपट हो गई है।
आलू की बोआई भी प्रभावित हुई। किसानों ने सैकड़ों बीघा आलू की बोआई कर दी थी। तो क्षेत्र में हजारों बीघा में आलू के खेत बनकर तैयार हो गए थे। लेकिन अब उनकी बोआई पिछड़ जाएगी।
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किसान गफ्फार अली ने बताया कि इस बेमौसम बारिश ने सभी के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसान राम मिलन, शीतला, अजय सिंह, दिनेश सिंह, पिंकू सिंह, सियाराम पाल ने बताया कि धान की फसल में पानी ही पानी भरा।
बारिश सिर्फ गन्ने की फसल के लिए फायदेमंद है। कोदैला निवासी प्रधान ओम प्रकाश यादव, विश्वनाथ तिवारी, उमरनी पिपरी निवासी कपिल देव पाठक ने बताया कि उनकी धान की फसल कटाई करके खेत में सूखने के लिए रखी गई थी। बरसात होने से फसल भीग गई है।
सहजपुर मठिया निवासी आलोक सिंह, बहीउद्दीनपुर निवासी राहुल मिश्रा सहित कई किसानों ने बताया कि आलू की बोआई के लिए खेत तैयार किया था। बारिश से आलू के साथ ही सरसों और मसूर की बोआई प्रभावित होगी।
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बारिश से सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही सब्जी की फसल भी खराब हुई है। घूरीटीकर के किसान सुरेश कुमार पांडेय ने बताया कि बारिश से धान के खेतों में पककर तैयार फसल पूरी तरह से पानी में डूबकर चौपट हो गई है।
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आलू की बोआई भी प्रभावित हुई। किसानों ने सैकड़ों बीघा आलू की बोआई कर दी थी। तो क्षेत्र में हजारों बीघा में आलू के खेत बनकर तैयार हो गए थे। लेकिन अब उनकी बोआई पिछड़ जाएगी।
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किसान गफ्फार अली ने बताया कि इस बेमौसम बारिश ने सभी के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसान राम मिलन, शीतला, अजय सिंह, दिनेश सिंह, पिंकू सिंह, सियाराम पाल ने बताया कि धान की फसल में पानी ही पानी भरा।
बारिश सिर्फ गन्ने की फसल के लिए फायदेमंद है। कोदैला निवासी प्रधान ओम प्रकाश यादव, विश्वनाथ तिवारी, उमरनी पिपरी निवासी कपिल देव पाठक ने बताया कि उनकी धान की फसल कटाई करके खेत में सूखने के लिए रखी गई थी। बरसात होने से फसल भीग गई है।
सहजपुर मठिया निवासी आलोक सिंह, बहीउद्दीनपुर निवासी राहुल मिश्रा सहित कई किसानों ने बताया कि आलू की बोआई के लिए खेत तैयार किया था। बारिश से आलू के साथ ही सरसों और मसूर की बोआई प्रभावित होगी।