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निरीक्षण पर निकले डीआरएम को प्लेटफार्म की कैंटीन में मिला बासी समोसा, बिफरे
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अयोध्या रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते डीआरएम
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। सौंदर्यीकरण का कार्य क्यों बंद है, सड़क चौड़ीकरण करने का प्रस्ताव डीएम को भेजा या नहीं, कैंटीन में यह बासी समोसा क्यों रखा है...। यह तल्ख टिप्पणी शुक्रवार को अयोध्या रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते समय डीआरएम संजय त्रिपाठी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए की।
उन्होंने 105 करोड़ से अयोध्या स्टेशन के हो रहे सौंदर्यीकरण कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए मौजूद कार्यदायी संस्था राइट्स के इंजीनियरों को भी फटकारा। निर्देश दिए कि अब तक हुए कार्यों की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर उपलब्ध कराएं। हर हाल में दिसंबर तक राममंदिर मॉडल का भव्य स्टेशन बनकर तैयार होना है। इसके लिए धन की कमी नहीं आएगी।
स्पेशल ट्रेन सेे लखनऊ मंडल के डीआरएम संजय त्रिपाठी शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे फैजाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने टिकट घर, विश्रामालय, कैंटीन व विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया।
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स्टेशन पर साफ-सफाई को लेकर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। इसके बाद उनकी ट्रेन आचार्य नरेंद्र देव (सिटी) रेलवे स्टेशन पहुंची, यहां निरीक्षण के उपरांत वह करीब 10:15 बजे अयोध्या रेलवे स्टेशन पहुंचे। सबसे पहले स्टेशन के हो रहे सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया।
अधूरा व बंद पड़े कार्य को देखते ही वह बिफर पड़े और कार्यदायी संस्था राइट्स के डिप्टी जीएम संजय द्विवेदी से इसके बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने बजट न मिलने का रोना रोया। इस पर डीआरएम ने अब तक हुए कार्य की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मेल पर मांगी।
इस दौरान स्टेशन परिसर में खड़े सवारी वाहनों को देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और पूछा कि यह किसकी अनुमति से खड़े हैं? इस पर अधिकारी मौन साध लिए। उन्होंने तत्काल वाहनों को हटवाने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने स्टेशन अधीक्षक, माल गोदाम कार्यालय व टिकट घर का भी निरीक्षण किया। स्टेशन की साफ सफाई व्यवस्था से वह संतुष्ट नजर नहीं आए व नियमित सफाई के निर्देश दिए। करीब 15 मिनट तक निरीक्षण के बाद वह बनारस के लिए रवाना हो गए। निरीक्षक दौरान प्रमुख रूप से एडीआरएम, सीनियर सेक्शन इंजीनियर एसआरआर रिजवी, सहायक अभियंता रवि विक्रम सिंह, यातायात निरीक्षक दीवाकर उपाध्याय, स्टेशन अधीक्षक महेंद्र नाथ मिश्र आदि शामिल रहे।
कैंटीन में बासी समोसा देख हुए नाराज, लगाई फटकार
प्लेटफार्म नंबर-1 पर बनी कैंटीन में बसी समोसा रखा देख डीआरएम भड़क उठे। अधिकारियों व कैंटीन वर्कर को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि यह समोसा कहां बनता है तो कैंटीन वर्कर ने बताया कि साहब घर से बनकर आता है, इस पर उनका गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुंच गया, कहा कि घर पर क्यों बनाते हो, यहीं ताजा बनाकर बेचो। इसके बाद उन्होंने कैंटीन वर्कर से बिल बुक मांगी, जिस पर मात्र अगस्त तक की रसीद कटी हुई थी। यह देख उन्होंने उक्त कैंटीन मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्टेशन से अस्पताल रोड के चौड़ीकरण का दिया निर्देश
डीआरएम ने स्टेशन से श्रीराम अस्पताल जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण करने के बारे में अधिकारियों से पूछा, जिस पर अधिकारी उत्तर नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट बनाकर तत्काल जिलाधिकारी अयोध्या को भेजने के निर्देश दिए।
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उन्होंने 105 करोड़ से अयोध्या स्टेशन के हो रहे सौंदर्यीकरण कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए मौजूद कार्यदायी संस्था राइट्स के इंजीनियरों को भी फटकारा। निर्देश दिए कि अब तक हुए कार्यों की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर उपलब्ध कराएं। हर हाल में दिसंबर तक राममंदिर मॉडल का भव्य स्टेशन बनकर तैयार होना है। इसके लिए धन की कमी नहीं आएगी।
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स्पेशल ट्रेन सेे लखनऊ मंडल के डीआरएम संजय त्रिपाठी शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे फैजाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने टिकट घर, विश्रामालय, कैंटीन व विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया।
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स्टेशन पर साफ-सफाई को लेकर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। इसके बाद उनकी ट्रेन आचार्य नरेंद्र देव (सिटी) रेलवे स्टेशन पहुंची, यहां निरीक्षण के उपरांत वह करीब 10:15 बजे अयोध्या रेलवे स्टेशन पहुंचे। सबसे पहले स्टेशन के हो रहे सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया।
अधूरा व बंद पड़े कार्य को देखते ही वह बिफर पड़े और कार्यदायी संस्था राइट्स के डिप्टी जीएम संजय द्विवेदी से इसके बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने बजट न मिलने का रोना रोया। इस पर डीआरएम ने अब तक हुए कार्य की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मेल पर मांगी।
इस दौरान स्टेशन परिसर में खड़े सवारी वाहनों को देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और पूछा कि यह किसकी अनुमति से खड़े हैं? इस पर अधिकारी मौन साध लिए। उन्होंने तत्काल वाहनों को हटवाने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने स्टेशन अधीक्षक, माल गोदाम कार्यालय व टिकट घर का भी निरीक्षण किया। स्टेशन की साफ सफाई व्यवस्था से वह संतुष्ट नजर नहीं आए व नियमित सफाई के निर्देश दिए। करीब 15 मिनट तक निरीक्षण के बाद वह बनारस के लिए रवाना हो गए। निरीक्षक दौरान प्रमुख रूप से एडीआरएम, सीनियर सेक्शन इंजीनियर एसआरआर रिजवी, सहायक अभियंता रवि विक्रम सिंह, यातायात निरीक्षक दीवाकर उपाध्याय, स्टेशन अधीक्षक महेंद्र नाथ मिश्र आदि शामिल रहे।
कैंटीन में बासी समोसा देख हुए नाराज, लगाई फटकार
प्लेटफार्म नंबर-1 पर बनी कैंटीन में बसी समोसा रखा देख डीआरएम भड़क उठे। अधिकारियों व कैंटीन वर्कर को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि यह समोसा कहां बनता है तो कैंटीन वर्कर ने बताया कि साहब घर से बनकर आता है, इस पर उनका गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुंच गया, कहा कि घर पर क्यों बनाते हो, यहीं ताजा बनाकर बेचो। इसके बाद उन्होंने कैंटीन वर्कर से बिल बुक मांगी, जिस पर मात्र अगस्त तक की रसीद कटी हुई थी। यह देख उन्होंने उक्त कैंटीन मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्टेशन से अस्पताल रोड के चौड़ीकरण का दिया निर्देश
डीआरएम ने स्टेशन से श्रीराम अस्पताल जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण करने के बारे में अधिकारियों से पूछा, जिस पर अधिकारी उत्तर नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट बनाकर तत्काल जिलाधिकारी अयोध्या को भेजने के निर्देश दिए।