{"_id":"650748b644658869090ce2d4","slug":"private-hospital-faizabad-news-c-97-1-ayo1002-2695-2023-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: निजी अस्पतालों के बाहर दिखेगा बेड, स्टाफ व दवाओं का ब्योरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: निजी अस्पतालों के बाहर दिखेगा बेड, स्टाफ व दवाओं का ब्योरा
Mon, 18 Sep 2023 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 18 Sep 2023 12:13 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या। जनपद में संचालित निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं का अब पूरा ब्यौरा सार्वजनिक होगा। अस्पतालों में मिलने वाली दवाओं से लेकर स्टाफ और उनके यहां बेड की संख्या की जानकारी बाहर एक बोर्ड पर लगानी होगी। इसके लिए सीएमओ डॉ. संजय जैन ने सभी निजी चिकित्सालयों निर्देश दिया है कि अगले 10 दिन के अंदर इस व्यवस्था के तहत कार्य पूरा कर लें। उसके बाद चेकिंग कर कार्रवाई की जाएगी।
अमूमन देखने में यह आता है कि निजी अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव रहता है। बाहर से सब मेनटेन, लेकिन अंदर कुछ और ही रहता है। इसे लेकर शासन भी गंभीर हुआ है, जिसके बाद सीएमओ की तरफ से सभी निजी चिकित्सालयों को पत्र जारी कर दिया गया है। जारी निर्देश के अनुसार यूपी क्लीनिक स्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स 2016 की धारा 28 का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अपने चिकित्सालय परिसर में अपनी चिकित्सा इकाई का रजिस्ट्रेशन नम्बर, संचालक का नाम, बेड की संख्या, औषधि की पद्वति और चिकित्सालय द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं व चिकित्सा कर्मचारी का विवरण 15 वर्गफीट का एक डिस्प्ले बोर्ड पर देना होगा, जिसका बैकग्रउण्ड पीला और फॉरमेट हिंदी में होगा। अक्षर काले रंग के होने चाहिए। यह जानकारी जिले के एनआईसी पोर्टल पर भी अपलोड की जाएंगी।
इन 10 विषयों की बोर्ड पर देनी होगी जानकारी
1-उपचार करने वाली संस्था का नाम व पता
2-अस्पताल के मालिक का नाम व मोबाइल नम्बर
3-पंजीकरण संख्या और वैधता
4-इंचार्ज का नाम और मोबाइल नम्बर
5-बेड की संख्या और चिकित्सा पद्धति
6-प्रयोगशाला और इमरजेंसी में प्रदान की जाने वाली सेवाएं
7-क्लीनिकल सेवाओं की श्रेणी
8-चिकित्सकों के नाम और उनकी पंजीकरण संख्या
9-नर्स, फार्मासिस्ट का नाम और पंजीकरण संख्या
10-प्रस्तावित अन्य सेवाएं।
निर्देश जारी होते ही मची खलबली
जनपद के जिला अस्पतालों और सीएचसी व पीएचसी पर ऐसी व्यवस्थाएं अंकित हैं। लेकिन सीएमओ का निर्देश जारी होने के बाद जगह-जगह गली-कूचों में खुले अस्पताल जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं, उनमें खलबली मची हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमूमन देखने में यह आता है कि निजी अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव रहता है। बाहर से सब मेनटेन, लेकिन अंदर कुछ और ही रहता है। इसे लेकर शासन भी गंभीर हुआ है, जिसके बाद सीएमओ की तरफ से सभी निजी चिकित्सालयों को पत्र जारी कर दिया गया है। जारी निर्देश के अनुसार यूपी क्लीनिक स्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स 2016 की धारा 28 का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अपने चिकित्सालय परिसर में अपनी चिकित्सा इकाई का रजिस्ट्रेशन नम्बर, संचालक का नाम, बेड की संख्या, औषधि की पद्वति और चिकित्सालय द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं व चिकित्सा कर्मचारी का विवरण 15 वर्गफीट का एक डिस्प्ले बोर्ड पर देना होगा, जिसका बैकग्रउण्ड पीला और फॉरमेट हिंदी में होगा। अक्षर काले रंग के होने चाहिए। यह जानकारी जिले के एनआईसी पोर्टल पर भी अपलोड की जाएंगी।
विज्ञापन
इन 10 विषयों की बोर्ड पर देनी होगी जानकारी
1-उपचार करने वाली संस्था का नाम व पता
2-अस्पताल के मालिक का नाम व मोबाइल नम्बर
3-पंजीकरण संख्या और वैधता
4-इंचार्ज का नाम और मोबाइल नम्बर
5-बेड की संख्या और चिकित्सा पद्धति
6-प्रयोगशाला और इमरजेंसी में प्रदान की जाने वाली सेवाएं
7-क्लीनिकल सेवाओं की श्रेणी
8-चिकित्सकों के नाम और उनकी पंजीकरण संख्या
9-नर्स, फार्मासिस्ट का नाम और पंजीकरण संख्या
10-प्रस्तावित अन्य सेवाएं।
निर्देश जारी होते ही मची खलबली
जनपद के जिला अस्पतालों और सीएचसी व पीएचसी पर ऐसी व्यवस्थाएं अंकित हैं। लेकिन सीएमओ का निर्देश जारी होने के बाद जगह-जगह गली-कूचों में खुले अस्पताल जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं, उनमें खलबली मची हुई है।
विज्ञापन