{"_id":"57b88f154f1c1b1f176ec7f9","slug":"pops-up-on-the-idols-priest-sat-down-on-the-road","type":"story","status":"publish","title_hn":"...जब मूर्तियों को चबूतरे पर रख रोड पर बैठ गए पुजारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...जब मूर्तियों को चबूतरे पर रख रोड पर बैठ गए पुजारी
अमर उजाला ब्यूरो/अयोध्या
Updated Sat, 20 Aug 2016 10:40 PM IST
विज्ञापन
मंदिर के बाहर चबूतरे पर मूर्तियां रख बैठा पुजारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तुलसी नगर स्थित यादव मंदिर के पुजारी भूरेशरण शनिवार को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान मूर्तियों को मंदिर के बाहर चबूतरे पर रखकर बैठ गए। देर शाम पहुंची पुलिस ने पुजारी को समझा-बुझाकर मूर्तियों को वापस गर्भगृह में रखवा दिया है।
बता दें कि 16 अगस्त की मध्य रात्रि यादव मंदिर के एक कमरे की छत ढह जाने से दो श्रद्धालुओं की मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई थी। जबकि कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। हादसे के बाद पुलिस ने मंदिर के पुजारी भूरेशरण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मंदिर के महंत अयोध्या शरण भाग गए थे।
मंदिर के जर्जर होने के कारण पुलिस ने समूचे मंदिर परिसर को किराएदारों आदि से खाली कराकर मंदिर को बंद करा दिया था। जेल से वापस आए पुजारी भूरेशरण शनिवार को मंदिर के गर्भगृह से मूर्तियों को बाहर निकाल चबूतरे पर रखकर बैठ गए।
विज्ञापन
पुजारी ने कहा कि मंदिर की मूर्तियों को लेकर कहां जाएं, भगवान के राग-भोग पूजा ऐसी स्थिति में कैसे होगी। शाम लगभग सात बजे लक्ष्मणघाट चौकी प्रभारी नंद हौसला यादव मौके पर पहुंचे और पुजारी को समझा-बुझाकर मूर्तियों को गर्भगृह में वापस रखवाया।
विज्ञापन
बता दें कि 16 अगस्त की मध्य रात्रि यादव मंदिर के एक कमरे की छत ढह जाने से दो श्रद्धालुओं की मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई थी। जबकि कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। हादसे के बाद पुलिस ने मंदिर के पुजारी भूरेशरण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मंदिर के महंत अयोध्या शरण भाग गए थे।
विज्ञापन
मंदिर के जर्जर होने के कारण पुलिस ने समूचे मंदिर परिसर को किराएदारों आदि से खाली कराकर मंदिर को बंद करा दिया था। जेल से वापस आए पुजारी भूरेशरण शनिवार को मंदिर के गर्भगृह से मूर्तियों को बाहर निकाल चबूतरे पर रखकर बैठ गए।
विज्ञापन
पुजारी ने कहा कि मंदिर की मूर्तियों को लेकर कहां जाएं, भगवान के राग-भोग पूजा ऐसी स्थिति में कैसे होगी। शाम लगभग सात बजे लक्ष्मणघाट चौकी प्रभारी नंद हौसला यादव मौके पर पहुंचे और पुजारी को समझा-बुझाकर मूर्तियों को गर्भगृह में वापस रखवाया।