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पुलिस पर लाठी डंडे से हमला, दरोगा को कमरे में बंदकर पीटा

Thu, 09 Jun 2022 12:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jun 2022 12:00 AM IST
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Police attacked with sticks, beat up the police officer after being locked in the room
अयोध्या। बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के गुंधौर गांव में युवक की हत्या के बाद आक्रोशित परिवारीजन व ग्रामीणों ने बुधवार सुबह शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
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सूचना पर पहुंचे एसपी ग्रामीण, एसडीएम, सीओ समेत कई थानों की पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर अंतिम संस्कार कराने के लिए राजी कर लिया।
अचानक कुछ वाहनों में भरकर आए कुछ लोगों ने पुलिस व अधिकारियों पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। भीड़ का गुस्सा देखकर सभी अधिकारी अपने आपको बचाने के लिए पीछे हटे तो भीड़ ने उन्हें दौड़ा लिया और उनके ऊपर जमकर पथराव भी किया।
एक दरोगा को कमरे में बंद कर पीटा। पथराव व हमले में प्रभारी निरीक्षक, चौकी प्रभारी रामपुर भगन, उप निरीक्षक, उप जिलाधिकारी के वाहन चालक सहित अन्य कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद पुलिस ने भी भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। ग्रामीणों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। जिसमें कई ग्रामीण घायल हो गए।
कोतवाली क्षेत्र के गुंधौर गांव में चाचा व उनके परिजनों ने मंगलवार को अपने भतीजे अर्जुन यादव (22) की फावड़े, कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी थी।
लखनऊ में पोस्टमार्टम होने के बाद बुधवार सुबह जब युवक का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया एवं माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुबह करीब 9 बजे लोगों द्वारा जलालपुर माफी-तारुन मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन करने लगे।
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आक्रोशित लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने एवं आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे।
सड़क जाम होने की सूचना मिलने पर एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर, एसडीएम संदीप कुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा, सीओ बीकापुर अनिल कुमार सिंह, सीओ मिल्कीपुर सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, कोतवाल सुमित कुमार श्रीवास्तव के अलावा तारुन, हैदरगंज, इनायत नगर, पूराकलंदर, गोसाईगंज, महाराजगंज सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंचे गई।
अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने बुझाकर शांत कराया। इसी बीच सुबह करीब 11 बजे कुछ वाहनों में सवार होकर आए लोगों ने आग में घी डालने का काम किया।
देखते ही देखते वहां मौजूद लोगों व पुलिस में नोकझोंक होने लगी और भीड़ ने पुलिस बल व अधिकारियों पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। भीड़ का गुस्सा देखकर एसपी ग्रामीण, एसडीएम, सीओ पीछे हटे तो भीड़ ने उन्हें दौड़ा लिया।
उनके ऊपर जमकर पथराव करना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले में प्रभारी निरीक्षक बीकापुर सुमित कुमार श्रीवास्तव, पुलिस चौकी प्रभारी रामपुर भगन वीरेंद्र पाल, बीकापुर कोतवाली के उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी के वाहन चालक दिनेश तिवारी सहित अन्य कई पुलिसकर्मी घायल हो गये।
भागते समय दरोगा जितेंद्र कुमार सिंह को भीड़ ने पकड़ कर एक कमरे में बंद कर दिया और जमकर पीटा। पथराव में उप जिलाधिकारी बीकापुर, थाना अध्यक्ष तारुन, पुलिस क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
करीब आधे घंटे तक हुए पथराव के बाद पुलिसकर्मियों ने भी मोर्चा संभाला और भीड़ पर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया। पुलिस बल ने बवाल कर रहे लोगों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इसमें कई ग्रामीण भी घायल हो गए।
बवाल शांत होने के बाद पुलिस ने मृतक के शव को उठवा कर करीब 12 बजे अंतिम संस्कार के लिए पुलिस सुरक्षा में नंदीग्राम भरतकुंड भेजा। पुलिस क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर सत्येंद्र त्रिपाठी ने अपने पास से अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये दिये।
यही नहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी बीकापुर अनिल कुमार सिंह व पुलिस क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर सत्येंद्र त्रिपाठी ने शव को कंधा भी दिया। मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी संदीप कुमार श्रीवास्तव ने मृतक के परिजनों को किसान दुर्घटना बीमा, मृतक के पत्नी को विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाने के लिए तहसील और ब्लॉक प्रशासन को निर्देश दिया है।
सड़क जाम की सूचना पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने वहां मौजूद लोगों को समझा बुझाकर मना लिया था, लोग जाम हटाकर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी भी हो गए थे।
वहां मौजूद लोगों का कहना है कि इस दौरान एक काली एसयूवी में सवार होकर आए लोगों ने भीड़ को उकसाना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोग वहां पर लाठी डंडों से लैस होकर भी आ गए।
इन सभी ने चारों ओर से घेरकर पुलिस पर हमला किया। अचानक हुए इस हमले में अधिकारी व पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा। फिलहाल भीड़ को उकसाने में काली एसयूवी में सवार लोगों की मुख्य भूमिका मानी जा रही है।
इसमें सवार लोग कौन थे। कहां से आए थे, पुलिस वहां से मिले वीडियो फुटेज के आधार पर इनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि मृतक युवक के परिवार के प्रति पुलिस प्रशासन की पूरी संवेदना है।
मृतक की मां कमलेश कुमारी पत्नी दिवंगत श्याम निवासी लालग्राम डियवा मौजा गुंधौर की तहरीर पर गांव के ही भोला, उनकी पत्नी शोभा, मोहन, उनकी पत्नी सुषमा व उनकी पुत्री वंदना पर हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
वारदात के बाद से सभी फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। बुधवार सुबह सड़क जाम कर कुछ उपद्रवियों ने कानून व्यवस्था में व्यवधान पैदा किया।

कानून व्यवस्था और माहौल खराब करने वालों को चिह्नित करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए गांव में पुलिस टीम तैनात की गई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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