{"_id":"5eb81a868ebc3e908d6044d6","slug":"peacock-died-faizabad-news-lko521012213","type":"story","status":"publish","title_hn":"रहस्यमय बीमारी से आधा दर्जन मोरनी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रहस्यमय बीमारी से आधा दर्जन मोरनी की मौत
विज्ञापन
अयोध्या। बीकापुर क्षेत्र के चांदपुर गांव में रहस्यमय बीमारी से आधा दर्जन मादा मोर की शनिवार देर शाम मौत हो गई। मोरनी गांव के समीप बाग और अन्य स्थानों पर अलग-अलग जगह पर पड़ी मिली। खेतों की तरफ गए बच्चों और लोगों ने चार मोरनी के शव और दो मोरनी को तड़पते देख कर ग्राम प्रधान को सूचना दी। ग्राम प्रधान केशवराम की सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी कोमल प्रसाद मिश्र, कोतवाल इंद्रेश कुमार यादव ने जांच पड़ताल शुरू की। वन विभाग को सूचना दी।
वन कर्मी तारक नाथ चौबे ने मौके पहुंचकर सभी मोरनी को अपने कब्जे में लिया। उसके बाद ब्लॉक प्रमुख संतोष सिंह द्वारा अपनी कार से पुलिस टीम के साथ मृत और गंभीर रूप से बीमार दो मोरनी को लेकर पशु चिकित्सालय बीकापुर पहुंचे। कोतवाल इंद्रेश यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया बीमारी से पक्षियों की सामान्य मौत लग रही है। रात में पशु चिकित्सक के न होने से पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
रात में पशु अस्पताल लाए गए दो बीमार पक्षी की भी मौत हो गई। सुबह अस्पताल पहुंचे पशु चिकित्सक अधिकारी द्वारा सभी मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम किया गया और अन्य जांच के लिए सैंपल भेजा गया। उसके बाद पशु चिकित्सक वन कर्मी के साथ चांदपुर गांव पहुंचे। अन्य मोरों को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन किसी अन्य मोर का शव नहीं मिला।
विज्ञापन
वन कर्मी तारक नाथ चौबे ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के बाद पशु चिकित्सक द्वारा जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद सभी पक्षियों के शव को सम्मान के साथ दफन किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले माह भी चार मोरों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
वन कर्मी तारक नाथ चौबे ने मौके पहुंचकर सभी मोरनी को अपने कब्जे में लिया। उसके बाद ब्लॉक प्रमुख संतोष सिंह द्वारा अपनी कार से पुलिस टीम के साथ मृत और गंभीर रूप से बीमार दो मोरनी को लेकर पशु चिकित्सालय बीकापुर पहुंचे। कोतवाल इंद्रेश यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया बीमारी से पक्षियों की सामान्य मौत लग रही है। रात में पशु चिकित्सक के न होने से पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
विज्ञापन
रात में पशु अस्पताल लाए गए दो बीमार पक्षी की भी मौत हो गई। सुबह अस्पताल पहुंचे पशु चिकित्सक अधिकारी द्वारा सभी मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम किया गया और अन्य जांच के लिए सैंपल भेजा गया। उसके बाद पशु चिकित्सक वन कर्मी के साथ चांदपुर गांव पहुंचे। अन्य मोरों को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन किसी अन्य मोर का शव नहीं मिला।
विज्ञापन
वन कर्मी तारक नाथ चौबे ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के बाद पशु चिकित्सक द्वारा जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद सभी पक्षियों के शव को सम्मान के साथ दफन किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले माह भी चार मोरों की मौत हो गई थी।