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ओवरब्रिज अधूरा, फिर भी बंद कर दी क्रॉसिंग
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Thu, 07 Apr 2016 11:11 PM IST
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रेलवे क्रासिंग पर खोदाई करती जेसीबी।
- फोटो : अमर उजाला
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फैजाबाद। रामनगरी अयोध्या और नवाबों के शहर फैजाबाद से पूर्वांचल को जोड़ने वाली ऐतिहासिक सड़क का देवकाली से वाया रीडगंज-चौक मार्ग अब पूरी तरह बंद हो गया है। ओवरब्रिज निर्माण पूरा हुए बिना ही रेलवे ने गुरुवार को जीआरपी व आरपीएफ लगाकर क्रॉसिंग पर नींव खोदवाकर आरसीसी की दीवार बनवानी शुरू कर दी है।
जबकि ओवरब्रिज निर्माण अक्तूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में चौक, गुलाबबाड़ी, सीटी स्टेशन, आचार्य नरेंद्रनगर समेत तमाम स्कूल और अस्पतालों को जाने के लिए अब साइकिल, बाइक-रिक्शा, ठेला से भी चंद कदम की दूरी पांच किलोमीटर से अधिक घूमकर तय करनी होगी। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
दीवार बनने से दर्जनभर मोहल्लों की करीब 20 हजार आबादी भी सांसत में है। आचार्य नरेंद्रदेव नगर (सिटी स्टेशन) की रीडगंज रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से निपटने के लिए वर्ष 2012 में प्रदेश सरकार ने ओवरब्रिज स्वीकृत किया था। इसकी नींव मार्च 2013 में कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने रखी थी, तबसे तीन साल बीत गए, मगर सेतु निगम का काम पूरा नहीं हुआ।
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जबकि रेलवे ने छह माह में अपने हिस्से का ओवरब्रिज बना दिया है। इसी के साथ गुरुवार को लखनऊ से पहुंची रेलवे की टीम ने जेसीबी से सड़क खुदवाकर आरसीसी की दीवार ढालने का काम शुरू कर दिया है। रेलवे की कंस्ट्रक्शन इकाई का कहना है कि अपने हिस्से का पुल बनाने के बाद अब क्रॉसिंग का रास्ता पूरी तरह बंद करना है।
इसी के मद्देनजर लेबरों ने आरसीसी दीवार ढालने के लिए सरिया का जाल बनाना शुरू कर दिया है। इससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। हालांकि ओवरब्रिज निर्माण के दौरान से ही बीते डेढ़ साल से कार व बड़े वाहनों का इस रेलवे क्रॉसिंग से आवागमन बंद है, किसी तरह बाइक, साइकिल, रिक्शा, ठेले आदि ही इधर से निकल पाते थे।
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जबकि ओवरब्रिज निर्माण अक्तूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में चौक, गुलाबबाड़ी, सीटी स्टेशन, आचार्य नरेंद्रनगर समेत तमाम स्कूल और अस्पतालों को जाने के लिए अब साइकिल, बाइक-रिक्शा, ठेला से भी चंद कदम की दूरी पांच किलोमीटर से अधिक घूमकर तय करनी होगी। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
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दीवार बनने से दर्जनभर मोहल्लों की करीब 20 हजार आबादी भी सांसत में है। आचार्य नरेंद्रदेव नगर (सिटी स्टेशन) की रीडगंज रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से निपटने के लिए वर्ष 2012 में प्रदेश सरकार ने ओवरब्रिज स्वीकृत किया था। इसकी नींव मार्च 2013 में कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने रखी थी, तबसे तीन साल बीत गए, मगर सेतु निगम का काम पूरा नहीं हुआ।
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जबकि रेलवे ने छह माह में अपने हिस्से का ओवरब्रिज बना दिया है। इसी के साथ गुरुवार को लखनऊ से पहुंची रेलवे की टीम ने जेसीबी से सड़क खुदवाकर आरसीसी की दीवार ढालने का काम शुरू कर दिया है। रेलवे की कंस्ट्रक्शन इकाई का कहना है कि अपने हिस्से का पुल बनाने के बाद अब क्रॉसिंग का रास्ता पूरी तरह बंद करना है।
इसी के मद्देनजर लेबरों ने आरसीसी दीवार ढालने के लिए सरिया का जाल बनाना शुरू कर दिया है। इससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। हालांकि ओवरब्रिज निर्माण के दौरान से ही बीते डेढ़ साल से कार व बड़े वाहनों का इस रेलवे क्रॉसिंग से आवागमन बंद है, किसी तरह बाइक, साइकिल, रिक्शा, ठेले आदि ही इधर से निकल पाते थे।