ऑनलाइन टेंडर, फिर भी हुई दंबगई
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मौके पर मची अफरातफरी के बाद एक्सईएन की सूचना पर प्रशासन ने सख्त तेवर अपनाया। पुलिस फोर्स ने बलपूर्वक परिसर को खाली कराया। इसके बाद बॉक्स में हार्ड कॉपी जमा कराई गई।
जिले में पीडब्ल्यूडी टेंडर हमेशा से राजनीतिक रसूख का केंद्र रहा है। ठेकेदार अधिकाधिक लाभ कमाने के चक्कर में मनमाने रेट पर टेंडर डालते रहे हैं। मगर सूबे की योगी सरकार ने टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए ई-टेंडरिंग के निर्देश दिए हैं।
इसी के तहत देहात की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए द्वितीय खंड से करीब 13 करोड़ का टेंडर निकला था। इसका ऑनलाइन ई-टेंडर भरने के बाद मंगलवार को हार्ड कॉपी पीडब्ल्यूडी में जमा होनी थी।
बताते हैं कि इसके पहले गोसाईगंज इलाके की सड़कों को लेकर बाहुबली पूर्व विधायक अभय सिंह और विधायक खब्बू तिवारी के बीच तलवारें खिंच गईं। पहले के हो चुके टेंडर को लेकर काम रुकवाने का दबाव डाला गया।
इसी बीच काम करा रहे एक जेई की बाइक थाने में ले जाकर खड़ी कर दी गई। मामला लखनऊ तक पहुंचा तो आंदोलन की चेतावनी दे चुके जेई संगठन को समझाकर शांत कराया गया। मगर नए टेंडर हथियाने की लड़ाई मंगलवार को सतह पर आ गई।
दो गुटों में बंटे ठेकेदारों ने एक गुट के ई टेंडर की हार्ड कॉपी बॉक्स में न जमा हो, इसके लिए सुबह से ही पीडब्ल्लूडी कार्यालय में लामबंदी कर ली। हालात विस्फोटक होते देख विभाग के इंजीनियरों ने प्रशासन व पुलिस से मदद मांगी, इसके बाद पहुंची कोतवाली पुलिस ने डंडे भांजकर परिसर को खाली कराया।
अधिशासी अभियंता एसके रावत का कहना है कि कुछ लोग बॉक्स में ई-टेंडर की हार्ड कॉपी जमा करने से रोक रहे थे, इसके बाद फोर्स बुलाई गई। बाद में सभी का टेंडर बॉक्स में जमा करा लिया गया है, जितने भी ई-टेंडर भरे गए थे, सभी जमा हो गए।
अब किसी की कोई शिकायत नहीं है। कहा कि इसके पहले रनिंग काम रोकने के मामले आए थे, मगर उसे कोई कैसे रोक सकता है। यदि गड़बड़ी की शिकायत होती है तो, जांच कराई जाएगी।
उधर, भाजपा विधायक खब्बू तिवारी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में जहां भी काम ठीक नहीं हो रहा है, वहां ठेकेदार और इंजीनियरों को बख्शा नहीं जाएगा। हम खुद मानिटरिंग करते रहेंगे।
पूर्व विधायक अभय सिंह का कहना है कि ठेकेदारों में जबरदस्ती खौफ पैदा कर कमीशन की डिमांड हो रही है, जो काम शुरू ही नहीं हुए, उसमें भ्रष्टाचार की बात उच्चाधिकारियों से कहकर रोका जा रहा है। इसकी शिकायत शासन तक होगी।