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तट पर सरयू कुंड में होगा विसर्जन
फैजाबाद/अमर उजाला
Updated Tue, 20 Oct 2015 11:24 PM IST
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यह फैसला मंगलवार को न्यायालय के आदेश के क्रम में नदियों में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक को लेकर जिला प्रशासन व केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों के साथ सरयू तट का निरीक्षण के बाद साझा सहमति से लिया गया।
नदियों में मूर्तियों के विसर्जन पर न्यायालय के रोक के आदेश को लेकर जिला प्रशासन स्तर पर पर्व के आरंभ से ही पशोपेश की स्थिति रही।
मंगलवार को एडीएम सिटी आरएन शर्मा, एसपी सिटी आरएस गौतम, आरएम केएस वर्मा, सीओ दिनेश द्विवेदी, चेयरमैन राधेश्याम गुप्त, प्रभारी ईओ रविशंकर शुक्ल और केंद्रीय पूजा समिति के रमापति पांडेय, महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महंत धनुषधारी शुक्ल आदि के साथ सरयू तट संत तुलसी दास घाट स्थित विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया।
लगभग घंटे भर तक निरीक्षण के दौरान नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन न कर विश्रामालय के बगल वैकल्पिक स्थान का चयन किया गया। साझा सहमति से फैसला लिया गया कि संत तुलसी दास घाट के पास विश्राम स्थल के बगल 100 गुणे 60 और पांच मीटर गहरा गड्ढा खोद कर 'सरयू कुंड’ बनाया जाए, जिसमें सरयू की एक धारा से जोड़ दिया जाए। इसी कुंड में मूर्तियों का विसर्जन होगा।
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बाढ़ खंड सिंचाई विभाग की ओर से गड्ढे की खुदाई का कार्य शुरू कर दी गई है। नयाघाट बंधा तिराहे पर निर्माणाधीन प्रवेश द्वार पर लगे लोहे के गाटर व पाइपों से मार्ग अवरुद्ध होने को लेकर विसर्जन तक इसे हटवाने
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नदियों में मूर्तियों के विसर्जन पर न्यायालय के रोक के आदेश को लेकर जिला प्रशासन स्तर पर पर्व के आरंभ से ही पशोपेश की स्थिति रही।
मंगलवार को एडीएम सिटी आरएन शर्मा, एसपी सिटी आरएस गौतम, आरएम केएस वर्मा, सीओ दिनेश द्विवेदी, चेयरमैन राधेश्याम गुप्त, प्रभारी ईओ रविशंकर शुक्ल और केंद्रीय पूजा समिति के रमापति पांडेय, महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महंत धनुषधारी शुक्ल आदि के साथ सरयू तट संत तुलसी दास घाट स्थित विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया।
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लगभग घंटे भर तक निरीक्षण के दौरान नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन न कर विश्रामालय के बगल वैकल्पिक स्थान का चयन किया गया। साझा सहमति से फैसला लिया गया कि संत तुलसी दास घाट के पास विश्राम स्थल के बगल 100 गुणे 60 और पांच मीटर गहरा गड्ढा खोद कर 'सरयू कुंड’ बनाया जाए, जिसमें सरयू की एक धारा से जोड़ दिया जाए। इसी कुंड में मूर्तियों का विसर्जन होगा।
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बाढ़ खंड सिंचाई विभाग की ओर से गड्ढे की खुदाई का कार्य शुरू कर दी गई है। नयाघाट बंधा तिराहे पर निर्माणाधीन प्रवेश द्वार पर लगे लोहे के गाटर व पाइपों से मार्ग अवरुद्ध होने को लेकर विसर्जन तक इसे हटवाने