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खुद को जिंदा साबित करने के लिए वृद्ध परेशान
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जानाबाजार। समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन पा रहे एक और वृद्ध को ब्लॉक की जांच रिपोर्ट में मृतक घोषित कर दिया गया। इसके चलते उसकी वृद्धावस्था पेंशन आनी बंद हो गई। अपनी आर्थिक स्थिति से परेशान बुजुर्ग अब अपने को जिंदा साबित करने व पुरानी पेंशन चालू कराने के लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहा है। उसने इसकी शिकायत जिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी सहित जनसुनवाई पोर्टल पर की है।
विकासखंड तारुन की ग्राम पंचायत जाना बाजार के ओझाने निवासी रामकुमार पुत्र वासुदेव ने बताया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन की अंतिम किस्त 31 मार्च 2021 को मिली थी। इसके बाद पेंशन आनी बंद हो गई। पेंशन न आने पर खंड विकास कार्यालय, ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारियों से शिकायत की तो उन लोगों की तरफ से कहा गया कुछ दिन इंतजार करो, आ जाएगी।
लंबे समय तक पेंशन न आने पर जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जनसुनवाई पोर्टल पर 23 नवंबर को समाज कल्याण विभाग से दिए गए जवाब में कहा गया कि पेंशन का वार्षिक सत्यापन खंड विकास अधिकारी से कराया गया। उसमें खंड विकास अधिकारी की आख्या में मृतक पाए जाने के कारण पेशन बंद होनी बताई गई।
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यह पता चलते ही राम कुमार के होश उड़ गए। जिंदा रहते हुए भी उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अब वह अपने को जिंदा साबित करने के लिए और अपनी पेंशन फिर से चालू कराने के लिए अधिकारियों के चौखट नाप रहे हैं। लिखित शिकायत भी की। इसी तरह इसी ग्राम पंचायत के जियालाल पुत्र राम तीरथ को भी समाज कल्याण विभाग में बीडीओ की रिपोर्ट पर मृत घोषित किया जा चुका है। उनकी भी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो चुकी है। शिकायत के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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विकासखंड तारुन की ग्राम पंचायत जाना बाजार के ओझाने निवासी रामकुमार पुत्र वासुदेव ने बताया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन की अंतिम किस्त 31 मार्च 2021 को मिली थी। इसके बाद पेंशन आनी बंद हो गई। पेंशन न आने पर खंड विकास कार्यालय, ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारियों से शिकायत की तो उन लोगों की तरफ से कहा गया कुछ दिन इंतजार करो, आ जाएगी।
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लंबे समय तक पेंशन न आने पर जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जनसुनवाई पोर्टल पर 23 नवंबर को समाज कल्याण विभाग से दिए गए जवाब में कहा गया कि पेंशन का वार्षिक सत्यापन खंड विकास अधिकारी से कराया गया। उसमें खंड विकास अधिकारी की आख्या में मृतक पाए जाने के कारण पेशन बंद होनी बताई गई।
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यह पता चलते ही राम कुमार के होश उड़ गए। जिंदा रहते हुए भी उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अब वह अपने को जिंदा साबित करने के लिए और अपनी पेंशन फिर से चालू कराने के लिए अधिकारियों के चौखट नाप रहे हैं। लिखित शिकायत भी की। इसी तरह इसी ग्राम पंचायत के जियालाल पुत्र राम तीरथ को भी समाज कल्याण विभाग में बीडीओ की रिपोर्ट पर मृत घोषित किया जा चुका है। उनकी भी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो चुकी है। शिकायत के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।