{"_id":"62041d597aa38e3dcc28c3b9","slug":"nomination-papers-of-28-candidates-canceled-in-scrutiny-faizabad-news-lko617140268","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में 28 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में 28 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त
विज्ञापन
अयोध्या। विधानसभा चुनाव में बुधवार को जांच में जिले की पांच विधानसभा क्षेत्रों में 28 दावेदारों के नामांकन पत्र खामियों के चलते निरस्त कर दिए गए। अब चुनाव मैदान में 48 प्रत्याशी रह गए हैं।
नामांकन पत्रों की जांच संबंधित विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षकों की मौजूदगी मेें की गई। इस दौरान कई प्रत्याशियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट के नामांकन स्थलों पर बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के लिए सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में रिटर्निंग अफसर के साथ उनके सहयोगी सुबह 11 बजे से ही लग गए।
पूरी कार्रवाई सीसीटीवी कैमरे की नजर में की गई। रुदौली विधानसभा में प्रेक्षक राजेंद्र विजय, मिल्कीपुर में प्रेक्षक चैथी राम मीना, बीकापुर में प्रेक्षक मृत्युंजन कुमार बरनवाल, अयोध्या में प्रेक्षक डॉ. जगदीश जी व गोसाईगंज में प्रेक्षक प्रवीण कुंडलिक पुरी की मौजूदगी में रिटर्निंग अफसरों ने नामांकन पत्रों की जांच की।
विज्ञापन
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह ने पांचों विधानसभाओं में भ्रमण कर जायजा लिया गया। जिला अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी नीतीश कुमार ने बताया कि बुधवार को सभी पांच विधानसभाओं में दाखिल किए गए नामांकन फॉर्म की जांच की गई।
जनपद के कुल 76 में से 48 प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म स्वीकृत किए गए। 28 दावेदारों के नामांकन फॉर्म नाना प्रकार की कमियों के चलते निरस्त कर दिए गए।
जिला अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार-
विधानसभा क्षेत्र कुल नामांकन जांच के बाद स्वीकृत निरस्त
रुदौली 15 11 04
मिल्कीपुर 11 07 04
बीकापुर 24 12 12
अयोध्या 16 10 06
गोसाईगंज 10 08 02
नामांकन पत्रों की जांच के बाद साफ हो गया कि अब जिले की पांच में से किसी भी विधानसभा क्षेत्र में दो ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) नहीं लगेंगी।
बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में नामांकन की संख्या 24 होने के कारण आशंका थी कि यहां दो ईवीएम लग सकती हैं लेकिन नामांकन पत्रो की जांच में यहां 24 में से 12 नामांकन पत्र निरस्त हो गए।
प्रत्याशियों की संख्या 12 रह गई। ईवीएम की एक बैलेट यूनिट में 16 खाने होते हैं। नोटा के साथ कुल 15 चुनाव चिह्न के लिए एक बैलेट यूनिट का प्रयोग होता है।
प्रत्याशियों की संख्या 15 से ज्यादा होने पर प्रत्येक बूथ पर दो ईवीएम लगानी पड़ती है। यहां तो जांच में 12 नामांकन पत्र खारिज किए गए और इसकी संभावना पर विराम लग गया।
विज्ञापन
नामांकन पत्रों की जांच संबंधित विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षकों की मौजूदगी मेें की गई। इस दौरान कई प्रत्याशियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट के नामांकन स्थलों पर बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के लिए सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में रिटर्निंग अफसर के साथ उनके सहयोगी सुबह 11 बजे से ही लग गए।
विज्ञापन
पूरी कार्रवाई सीसीटीवी कैमरे की नजर में की गई। रुदौली विधानसभा में प्रेक्षक राजेंद्र विजय, मिल्कीपुर में प्रेक्षक चैथी राम मीना, बीकापुर में प्रेक्षक मृत्युंजन कुमार बरनवाल, अयोध्या में प्रेक्षक डॉ. जगदीश जी व गोसाईगंज में प्रेक्षक प्रवीण कुंडलिक पुरी की मौजूदगी में रिटर्निंग अफसरों ने नामांकन पत्रों की जांच की।
विज्ञापन
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह ने पांचों विधानसभाओं में भ्रमण कर जायजा लिया गया। जिला अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी नीतीश कुमार ने बताया कि बुधवार को सभी पांच विधानसभाओं में दाखिल किए गए नामांकन फॉर्म की जांच की गई।
जनपद के कुल 76 में से 48 प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म स्वीकृत किए गए। 28 दावेदारों के नामांकन फॉर्म नाना प्रकार की कमियों के चलते निरस्त कर दिए गए।
जिला अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार-
विधानसभा क्षेत्र कुल नामांकन जांच के बाद स्वीकृत निरस्त
रुदौली 15 11 04
मिल्कीपुर 11 07 04
बीकापुर 24 12 12
अयोध्या 16 10 06
गोसाईगंज 10 08 02
नामांकन पत्रों की जांच के बाद साफ हो गया कि अब जिले की पांच में से किसी भी विधानसभा क्षेत्र में दो ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) नहीं लगेंगी।
बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में नामांकन की संख्या 24 होने के कारण आशंका थी कि यहां दो ईवीएम लग सकती हैं लेकिन नामांकन पत्रो की जांच में यहां 24 में से 12 नामांकन पत्र निरस्त हो गए।
प्रत्याशियों की संख्या 12 रह गई। ईवीएम की एक बैलेट यूनिट में 16 खाने होते हैं। नोटा के साथ कुल 15 चुनाव चिह्न के लिए एक बैलेट यूनिट का प्रयोग होता है।
प्रत्याशियों की संख्या 15 से ज्यादा होने पर प्रत्येक बूथ पर दो ईवीएम लगानी पड़ती है। यहां तो जांच में 12 नामांकन पत्र खारिज किए गए और इसकी संभावना पर विराम लग गया।