फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   NA

Ayodhya News: संस्कृति और परंपरा से परिचित कराएगी ''नमस्ते अयोध्या''

Wed, 01 Feb 2023 08:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Wed, 01 Feb 2023 08:02 PM IST
विज्ञापन
NA
अयोध्या। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या पर पूरे विश्व की निगाहें हैं। वह दिन दूर नहीं जब रामनगरी धर्म के साथ-साथ पर्यटन का भी केंद्र बनने जा रही है। देश-विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने-अपने ब्रांड के साथ अयोध्या आने को उत्सुक हैं।
विज्ञापन

इसी क्रम में यूरोपियन देश हाॅलैंड की एक कंपनी ने यहां नमस्ते अयोध्या होम स्टे सेवा का शुभारंभ किया है। मकसद रामनगरी में पर्यटन को बढ़ावा देना है। यहां आने वाले पर्यटकों को अयोध्या की संस्कृति, परंपरा व खानपान से परिचित कराया जाएगा।
विज्ञापन

हॉलैंड की कंपनी नमस्ते राइजिंग ने वाराणसी के बाद अयोध्या में होम स्टे सेवा प्रारंभ की है। कंपनी के मार्गेट व ओश अपनी टीम के साथ सोमवार को अयोध्या पहुंचे। कंपनी के सदस्य कुलदीप व साक्षी ने बताया कि नमस्ते राइजिंग इससे पहले वाराणसी में होम स्टे की शुरूआत नमस्ते वाराणसी के नाम से कर चुकी है। उसकी सफलता को देखते हुए अयोध्या में होम स्टे की शुरूआत नमस्ते अयोध्या नाम से की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए रामनगरी की प्राचीन पीठ तिवारी मंदिर के करीब 60 साल पुराने भवन को लेकर उसे भव्यता प्रदान की गई है। इस भवन को आधुनिक स्वरूप देने के साथ-साथ हेरिटेज लुक भी देने का प्रयास किया गया है। मकसद यूरोपियन देशों के पर्यटकों को अयोध्या लाना है। बताया कि पर्यटकों को होम स्टे के माध्यम से यहां की संस्कृति, परंपरा, रहन-सहन व खानपान से परिचित कराया जाएगा।
अयोध्या पहुंचने पर कंपनी के मार्गेट, ओश, साक्षी व कुलदीप का तिवारी मंदिर में अभिनंदन किया गया। महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि नमस्ते अयोध्या पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होने जा रहा है।
विदेशी पर्यटक यहां आएंगे तो रामनगरी की संस्कृति का प्रचार-प्रसार भी विश्व के कोने-कोने में होगा। बताया कि होम स्टे में पर्यटकों को सात्विक भोजन प्रदान किया जाएगा। यहां की संस्कृति व महत्ता भी वे जान सकेंगे।

नवनिर्माण के दौर में सहेजी जाए प्राचीनता
हाॅलैंड निवासी मार्गेट व ओश ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। राममंदिर निर्माण कार्य के भी साक्षी बने। सरयू की महाआरती में शामिल होकर पूूजा-अर्चना की। रामनगरी में भ्रमण कर यहां की पौराणिकता व प्राचीनता जानी।

उन्होंने कहा कि पता चला है कि अयोध्या को नया स्वरूप प्रदान किया जा रहा है, लेकिन यहां की पहचान को सहेजने की जरूरत है। प्राचीनता ही पहचान है, उसका संरक्षण किया जाना चाहिए। इन्हें अयोध्या के कई प्राचीन मंदिरों की स्थापत्यकला ने भी आकर्षित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed