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सुबह हो या शाम, चारों तरफ जाम ही जाम
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अयोध्या। अयोध्या-फैजाबाद जुड़वा शहर जाम से जूझ रहा है। शहर के चौक, रिकाबगंज, फतेहगंज, नाका, सिविल लाइन, नियावां समेत अयोध्या का टेढ़ी बाजार से लेकर नयाघाट तक का पूरा मुख्य मार्ग दिन भर जाम की चपेट में रहता है। रही सही कसर बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा वाहन पूरी कर दे रहे हैं।
संकरी गलियों, घने बाजार, अतिक्रमण, पार्किंग का इंतजाम न होने से इस समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। फिलहाल इन पर नियंत्रण करने का प्लान अभी कागजों में हैं। शहर में इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अभी तक लागू नहीं हो पाया है। यातायात विभाग में कर्मियों के अभाव से हर चौराहे पर यातायात पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं हो पा रही है।
वहीं, शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के नाम पर सिर्फ रिकाबगंज चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगाई गई हैं। शहर के चौक घंटाघर, नाका, रिकाबगंज, गुदड़ी बाजार, फतेहगंज, बजाजा, जमुनिया बाग, रिकाबगंज से नियावां रोड, सिविल लाइन, अयोध्या का शृंगार हाट, नयाघाट, हनुमानगढ़ी चौराहा जैसे मुख्य इलाके जाम की चपेट में रहते हैं। पूर्व में मुख्य बाजारों में ई-रिक्शा के चलने पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते वह सफल नहीं हुआ।
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चौक एकदरे से फतेहगंज मार्ग पर स्थित बजाजा बाजार में अतिक्रमण ने हालात और भी खराब किए हैं। आधी सड़क पर कब्जा कर लगाईं गईं फास्ट फूड, चाट आदि की दुकानें, ग्राहकों के वाहन और बड़ी संख्या में खड़े ई-रिक्शा वाहन यहां दिन भर ऐसा जाम लगाते हैं कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
शहर का दिल माने वाला स्थान चौक घंटाघर शहर के प्रमुख बाजार को जाने वाले मार्ग को जोड़ता है। पुराना ढांचा होने के कारण यहां स्थान सीमित है, जिसे अतिक्रमण ने और कम कर दिया है। पटरी दुकानदार, रेहड़ी फड़ी, बेतरतीब खड़े वाहनों के चलते यहां से गुजरना आसान नहीं है। यहां दिन भर जाम रहता है।
शहर की थोक मंडी बाजार फतेहगंज में स्थित इस चौराहे से गुजरना आसान नहीं है। छोटे-बड़े वाहन, आड़े तिरछे व ओवरलोड़ माल लादे ठेला, हाथ गाड़ी से दिन भर जाम लगता हैं। लालाबाग रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। यहां तैनात यातायात पुलिस भी भारी जाम के आगे असहाय नजर आती है।
मुख्य मार्ग पर जाम के चलते स्थानीय लोग शहर के बीचों बीच स्थित टकसाल गली को शार्ट कट के रूप में अपनाते हैं। कही-कही महज सात से आठ फुट चौड़ी इस गली में वाहन फंस जाते हैं। जिससे पूरा मार्ग ही जाम हो जाता है। इससे दुकानदारों को भी समस्या होती है। यह गली कई बाजारों में निकलती है। यहां भी दिन भर जाम रहता है।
यातायात पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या न होने से यातायात नियंत्रण करने में दिक्कतें आती हैं। पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम के साथ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अनियंत्रित ई-रिक्शा, ऑटो, विक्रम आदि वाहनों पर नियंत्रण करने के लिए टीम बनाई गई है। जो प्रतिदिन कार्रवाई कर रही है। शहर में जल्द ही इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने व कंट्रोल रूम बनने से यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।- प्रमोद कुमार लहरी, यातायात प्रभारी अयोध्या।
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संकरी गलियों, घने बाजार, अतिक्रमण, पार्किंग का इंतजाम न होने से इस समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। फिलहाल इन पर नियंत्रण करने का प्लान अभी कागजों में हैं। शहर में इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अभी तक लागू नहीं हो पाया है। यातायात विभाग में कर्मियों के अभाव से हर चौराहे पर यातायात पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं हो पा रही है।
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वहीं, शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के नाम पर सिर्फ रिकाबगंज चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगाई गई हैं। शहर के चौक घंटाघर, नाका, रिकाबगंज, गुदड़ी बाजार, फतेहगंज, बजाजा, जमुनिया बाग, रिकाबगंज से नियावां रोड, सिविल लाइन, अयोध्या का शृंगार हाट, नयाघाट, हनुमानगढ़ी चौराहा जैसे मुख्य इलाके जाम की चपेट में रहते हैं। पूर्व में मुख्य बाजारों में ई-रिक्शा के चलने पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते वह सफल नहीं हुआ।
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चौक एकदरे से फतेहगंज मार्ग पर स्थित बजाजा बाजार में अतिक्रमण ने हालात और भी खराब किए हैं। आधी सड़क पर कब्जा कर लगाईं गईं फास्ट फूड, चाट आदि की दुकानें, ग्राहकों के वाहन और बड़ी संख्या में खड़े ई-रिक्शा वाहन यहां दिन भर ऐसा जाम लगाते हैं कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
शहर का दिल माने वाला स्थान चौक घंटाघर शहर के प्रमुख बाजार को जाने वाले मार्ग को जोड़ता है। पुराना ढांचा होने के कारण यहां स्थान सीमित है, जिसे अतिक्रमण ने और कम कर दिया है। पटरी दुकानदार, रेहड़ी फड़ी, बेतरतीब खड़े वाहनों के चलते यहां से गुजरना आसान नहीं है। यहां दिन भर जाम रहता है।
शहर की थोक मंडी बाजार फतेहगंज में स्थित इस चौराहे से गुजरना आसान नहीं है। छोटे-बड़े वाहन, आड़े तिरछे व ओवरलोड़ माल लादे ठेला, हाथ गाड़ी से दिन भर जाम लगता हैं। लालाबाग रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। यहां तैनात यातायात पुलिस भी भारी जाम के आगे असहाय नजर आती है।
मुख्य मार्ग पर जाम के चलते स्थानीय लोग शहर के बीचों बीच स्थित टकसाल गली को शार्ट कट के रूप में अपनाते हैं। कही-कही महज सात से आठ फुट चौड़ी इस गली में वाहन फंस जाते हैं। जिससे पूरा मार्ग ही जाम हो जाता है। इससे दुकानदारों को भी समस्या होती है। यह गली कई बाजारों में निकलती है। यहां भी दिन भर जाम रहता है।
यातायात पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या न होने से यातायात नियंत्रण करने में दिक्कतें आती हैं। पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम के साथ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अनियंत्रित ई-रिक्शा, ऑटो, विक्रम आदि वाहनों पर नियंत्रण करने के लिए टीम बनाई गई है। जो प्रतिदिन कार्रवाई कर रही है। शहर में जल्द ही इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने व कंट्रोल रूम बनने से यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।- प्रमोद कुमार लहरी, यातायात प्रभारी अयोध्या।