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दीपोत्सव के लिए सवा तीन करोड़ की होगी और जरूरत

Mon, 29 Jul 2019 11:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2019 11:12 PM IST
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More than three crore rupees for the festival
अयोध्या। रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने वाले दिव्य दीपोत्सव के लिए सवा तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की और जरूरत होगी।
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प्रदेश सरकार ने दिव्य दीपोत्सव के लिए अनुपूरक बजट में छह करोड़ रूपये की व्यवस्था कर दी है लेकिन, खर्च के पिछड़े आंकड़े बताते है कि नगर और सरयू तट पर त्रेतायुगीन छटा को बिखेरने में कुल लगभग सवा नौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए थे।
रामनगरी के संत-धर्माचार्यों की मांग है कि दीपोत्सव का आयोजन रामनगरी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को बढ़ाने वाला तो है ही, पयर्टन विकास की संभावनाओं को भी यह उत्सव बल प्रदान करता है इसलिए उत्सव की भव्यता के लिए सरकार को एक अक्षय निधि बनानी चाहिए।
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दिव्य दीपोत्सव को त्रेतायुगीन बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कई आकर्षक कार्यक्रम शुरू किए गए तो वहीं पिछले वर्ष से इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करने का काम भी किया गया।
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पिछले वर्ष जहां कोरिया गणराज्य की प्रथम लेडी दीपोत्सव में पहुंची तो वहीं इस वर्ष थाईलैंड के राजा को आमंत्रित किया गया है। ऐसे में अयोध्या का दीपोत्सव अब वैश्चिक रूप लेता जा रहा है।
मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम की लंका विजय के बाद होने वाले दीपावली की परंपरा यहीं से शुरू मानी जाती है। इसलिए भी दो साल से चल रहे दिव्य दीपोत्सव की छटा को यादगार बनाने की कोशिश रही।

अयोध्या के वैभव को विश्वपटल पर उभारने के लिए तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सरयू तट से राम कथा पार्क तक सजाया जाता है।
पुष्पक विमान के प्रतिरूप हेलीकाप्टर से श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के प्रतीक स्वरूपों को उतारा जाता है। यहां त्रेतायुगीन श्री राम राज्याभिषेक का प्रतीकात्मक आयोजन होता है।
इस आयोजन के लिए सजावट, लाईटिंग के साथ पुष्पक विमान, राम दरबार, गेट, बोट साज-सज्जा पर लगभग 99.94 लाख रुपये खर्च किए गए।
अपर जिलाधिकारी नगर वैभव शर्मा कहते हैं कि खर्च का इकट्ठा आंकलन नहीं कराया गया है, नोडल विभाग पर्यटन बेहतर जानकारी दे सकता है।
पर्यटन विभाग ने विभाग से खर्च की जानकारी दी, लेकिन दूसरे विभागों मे भी करोड़ों रुपये इसको भव्यता प्रदान करने में खर्च किए थे।
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