अयोध्या: भागवत ने देखा स्वयंसेवकों का कौशल, अभ्यास वर्ग में 500 कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, समापन कल
कारसेवकपुरम में आरएसएस के शारीरिक प्रशिक्षण वर्ग के चौथे दिन मोहन भागवत ने शारीरिक वर्ग का घूम-घूमकर निरीक्षण किया और स्वयंसेवकों का कौशल देखा। शारीरिक वर्ग का शुक्रवार को समापन हो जाएगा। शनिवार को दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कारसेवकपुरम में संचालित राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के शारीरिक प्रशिक्षण वर्ग के चौथे दिन गुरुवार को भी स्वयंसेवकों को संघ प्रमुख मोहन भागवत का मार्गदर्शन मिला। मोहन भागवत ने अलग-अलग समूहों में चल रहे शारीरिक वर्ग का घूम-घूमकर निरीक्षण किया और स्वयंसेवकों का कौशल देखा। शारीरिक वर्ग का शुक्रवार को समापन हो जाएगा। शनिवार को दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संघ प्रमुख ने बौद्धिक सत्र में देशभर में संघ की शाखाओं के नियमित संचालन पर जोर दिया। साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन सहित भारत के इतिहास की सच्चाई सामने लाने व उसमें वीर सावरकर की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस वर्ग के क्षण-क्षण को, कण-कण को अंतर्मन में समाहित कर स्वयंसेवकत्व की अनुभूति करें। अलग भाषा, अलग पहनावा, अलग खानपान पर फिर भी एक होकर राष्ट्र के लिए समर्पित हों। जब आप यह प्रशिक्षण पूर्ण करेंगे तो आप स्वयं एकात्म भारत का अनुभव करेंगे।
इससे पूर्व गुरुवार सुबह पहुंचने पर संघ प्रमुख को कार्यकर्ताओं ने सलामी दी। स्वयंसेवकों ने लाठी भांजना सहित अन्य कला कौशल का प्रदर्शन किया। सुबह करीब ढाई घंटे तक 12 टोलियों में संघ के स्वयंसेवकों ने शारीरिक वर्ग के तहत अभ्यास किया। संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों को नियमित शारीरिक क्रियाएं करते रहने पर जोर दिया। इस दौरान संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसेबाले, अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख सुनील कुलकर्णी सहित अन्य कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
संघ के वर्ग में 45 प्रांत इकाईयों के लगभग 500 कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। शारीरिक वर्ग का समापन शुक्रवार को होगा, जबकि शनिवार को कार्यकर्ताओं का दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा।
स्वयंसेवकों को बताए गए वर्ग के मायने
शारीरिक वर्ग में शामिल देश भर के स्वयंसेवकों को विभिन्न सत्रों में संघ के पदाधिकारियों ने संघ के वर्ग के मायने बताए। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को बताया कि वर्ग में स्वयंसेवक की शारीरिक व मानसिक क्षमता बढ़ती है। इसका लाभ वर्ग के बाद उसकी शाखा को मिलता है। इससे शाखा की गुणवत्ता बढ़ती है व नए स्थानों पर शाखाओं का विस्तार होता है। पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ग के अनुशासन और दिनचर्या का स्वयंसेवक के जीवन पर कितना प्रभाव पड़ता है।