फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   MLA found 24 laptops gathering dust

विधायक को धूल खाते मिले 24 लैपटॉप

Thu, 17 Nov 2022 06:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2022 06:00 AM IST
विज्ञापन
MLA found 24 laptops gathering dust
अयोध्या। रुदौली विधायक रामचंद्र यादव बुधवार को अचानक जिला प्रोवेशन अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंच गए। इससे कार्यालय में आपाधापी मच गई। उन्हें कार्यालय परिसर में पिछले साल मेधावी छात्र-छात्राओं को बंटने वाले 24 लैपटॉप धूल खाते मिले।
विज्ञापन

कार्यप्रणाली खासी लचर मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते जिला प्रोवेशन अधिकारी (डीपीओ) अश्वनी कुमार मिश्र को निर्देश दिया कि पात्रों को अब कार्यालय न बुलाया जाए। लैपटॉप उसके घर पहुंचवाएं। इसी दौरान एक मेधावी छात्र भी पहुंच गया। विधायक ने उसे लैपटॉप प्रदान किया।
विज्ञापन

विधायक रामचंद्र यादव ने बताया कि महिला सशक्तीकरण जैसी योजनाओं का जो लाभ क्षेत्र के पात्रों को मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला है। उसी की जानकारी के लिए जिला प्रोवेशन अधिकारी कार्यालय पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के महंगू रावत की पुत्री की 2018 में हुई हत्या के बाद मिलने वाली मदद अब तक नहीं मिली। कोविड के बाद योजनाओं में चयनित 50 लोगों का अब तक लाभ नहीं मिला। अन्य के आवेदन पत्र कार्यालय में ही लंबित है।
उन्होंने कहा कि बाल सेवा योजना के पिछले वित्तीय साल का लैपटॉप अब तक मेधावी छात्र-छात्राओं में नहीं बंटा। इसे रोके जाने को लेकर कोई आदेश भी नहीं है। डीपीओ अश्विनी कुमार ने कहा कि ऊपर से मौखिक रूप से कहा गया था कि मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम में एक साथ इसका वितरण किया जाएगा।
50 लैपटॉप बंटने थे, अब तक 25 बांटे गए थे। सूत्रों ने बताया कि लैपटॉप को लेकर सीएम से शिकायत के बाद इसे खरीदकर बांटा जाने लगा। विधायक रामचंद्र यादव ने डीपीओ अश्विनी मिश्र और कनिष्ठ सहायक (अकाउंटेंट) आशीष कुमार प्रजापति के भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी।
कहा था कि योजनाओं में भ्रष्टाचार के साथ शिथिलता बरती जा रही है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में बच्चों को वितरित किए जाने वाले लैपटॉप का लगभग 40 लाख का भुगतान मार्च माह में किया गया था लेकिन लैपटॉप नहीं बांटे गए।
लैपटॉप बेचने वाली कंपनी से सांठगांठ करके लाभ लिया जा रहा है। आरोप है कि डीपीओ और कनिष्ठ सहायक ने आदर्श आचार संहिता के दौरान पद का दुरुपयोग करके आउटसोर्सिंग की भर्तियां की।
ठेकेदारों से अवैध वसूली के साथ अकाउंटेंट आशीष कुमार प्रजापति क्षेत्रीय होने के कारण एक पार्टी विशेष की राजनीति करते हैं। बाबुओं को मनचाहे पटल देने, चार पहिया गाड़ी का फर्जी भुगतान सहित कई अन्य बिंदुओं पर शिकायत थी।
इसके साथ ही अन्य विधायकों वेद प्रकाश गुप्त, अमित सिंह आदि ने भी शिकायत की थी। विधायक की शिकायत पर शासन ने इसकी जांच सीडीओ अयोध्या को सौंपी थी। उन्होंने जांच के लिए डीडीओ उपेंद्र प्रसाद पाल जांच अधिकारी नामित किया।

उन्होंने 31 अक्तूबर को डीपीओ व कनिष्ठ सहायक को पत्र भेजकर तीन दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए निर्देश दिया था। डीडीओ ने बताया कि जांच उनको मिली है। वह डेंगू से पीड़ित थे। आज ही आए हैं। अभी पक्ष प्राप्त नहीं हुआ है। शुक्रवार को मामले को देखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed