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बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं के लिए मेडिकल कॉलेज को मिली अनुमति
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अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज गंजा में इसी सत्र से बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं संचालित हो सकेंगी। 20 जुलाई को उप्र नर्सेज एवं मिडवाइब्ज काउंसिल की दो सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया था। इसके बाद काउंसिल ने मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर से ही 60 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होगी। अनुमति मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कक्षाओं के संचालन की तैयारियां तेज कर दी है।
शासन के निर्देश पर मौजूद संसाधनों के सहारे बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं को कॉलेज का भवन बनने से पूर्व चलाने के लिए सहमति मांगी गई थी। इसके अनुपालन में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध एवं आवश्यक संसाधनों का ब्योरा शासन को भेजा गया था। भवन बनने से पूर्व अस्थाई तौर पर मेडिकल कॉलेज गंजा के भवन को उपयोग लेने में सहमति जताई थी।
इसके अनुपालन में 20 जुलाई को उप्र नर्सेज एवं मिडवाइब्ज काउंसिल की दो सदस्यीय टीम में शामिल असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रीना कुमारी व डॉ. सूचना राय भौमिक ने मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया था और मेडिकल कॉलेज में बने शैक्षणिक भवन, विभागाध्यक्ष, प्रधानाचार्य चैंबर, प्रयोगशालाओं, नर्सेज हॉस्टल, अस्पताल परिसर आदि का निरीक्षण करके मौजूद संसाधनों की जानकारी ली थी।
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टीम ने निरीक्षण की रिपोर्ट काउंसिल को भेजी थी। इसके बाद उप्र नर्सेज एवं मिडवाइब्ज काउंसिल ने मेडिकल कॉलेज में 60 सीटों पर बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं संचालित करने की हरी झंडी दे दी। माना जा रहा है कि हाल ही में बीएससी नर्सिंग की संपन्न हुई प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद काउंसलिंग से मेडिकल कॉलेज को आवंटित हुए विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जाएगा।
सितंबर माह में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने की संभावना है। बीएससी नर्सिंग चार वर्ष का कोर्स होता है। इसमें विद्यार्थियों को नर्सिंग की जानकारी दी जाती है। इसमें प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को 12वीं की परीक्षा भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान विषय से कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ से उत्तीर्ण करनी होती है।
इसके बाद बीएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा में बैठना होता है। प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद मेरिट के आधार पर काउंसलिंग कराने पर विद्यार्थी को सरकारी या प्राइवेट कॉलेज में दाखिला मिलता है। नर्सिंग कॉलेज के लिए शैक्षणिक भवन बनने से पूर्व मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थिएटर, लाइब्रेरी भवन का उपयोग होगा।
इसके अलावा नर्सिंग के लिए बनाए गए 28 व ट्यूटर के लिए बने 18 कक्षों का उपयोग छात्रों के हॉस्टल के रूप में किया जाएगा। एमबीबीएस छात्रों के लिए बनी स्किल लैब, फर्नीचर आदि का उपयोग भी बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थी करेंगे। बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं को संचालन के लिए एक प्राचार्य, उप प्राचार्य, दो एसोसिएट प्रोफेसर, तीन असिस्टेंट प्रोफेसर व 10 ट्यूटर के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, कार्यालय अधीक्षक, प्राचार्य का पीए, अकाउंटेंट, क्लर्क, स्टोर कीपर, लाइब्रेरियन, वार्डन आदि की नियुक्ति की जाएगी।
फिलहाल नियुक्ति होने तक शैक्षणिक कार्यों के लिए मेडिकल कॉलेज के चार लोगों को संबद्ध किया जा रहा है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि 60 सीटों पर बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं इसी सत्र से संचालित करने के लिए उप्र नर्सेज एवं मिडवाइब्ज काउंसिल की ओर से अनुमति प्रदान की गई है। काउंसिलिंग के बाद आवंटित होने वाले विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जाएगा। समस्त तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
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शासन के निर्देश पर मौजूद संसाधनों के सहारे बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं को कॉलेज का भवन बनने से पूर्व चलाने के लिए सहमति मांगी गई थी। इसके अनुपालन में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध एवं आवश्यक संसाधनों का ब्योरा शासन को भेजा गया था। भवन बनने से पूर्व अस्थाई तौर पर मेडिकल कॉलेज गंजा के भवन को उपयोग लेने में सहमति जताई थी।
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इसके अनुपालन में 20 जुलाई को उप्र नर्सेज एवं मिडवाइब्ज काउंसिल की दो सदस्यीय टीम में शामिल असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रीना कुमारी व डॉ. सूचना राय भौमिक ने मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया था और मेडिकल कॉलेज में बने शैक्षणिक भवन, विभागाध्यक्ष, प्रधानाचार्य चैंबर, प्रयोगशालाओं, नर्सेज हॉस्टल, अस्पताल परिसर आदि का निरीक्षण करके मौजूद संसाधनों की जानकारी ली थी।
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टीम ने निरीक्षण की रिपोर्ट काउंसिल को भेजी थी। इसके बाद उप्र नर्सेज एवं मिडवाइब्ज काउंसिल ने मेडिकल कॉलेज में 60 सीटों पर बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं संचालित करने की हरी झंडी दे दी। माना जा रहा है कि हाल ही में बीएससी नर्सिंग की संपन्न हुई प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद काउंसलिंग से मेडिकल कॉलेज को आवंटित हुए विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जाएगा।
सितंबर माह में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने की संभावना है। बीएससी नर्सिंग चार वर्ष का कोर्स होता है। इसमें विद्यार्थियों को नर्सिंग की जानकारी दी जाती है। इसमें प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को 12वीं की परीक्षा भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान विषय से कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ से उत्तीर्ण करनी होती है।
इसके बाद बीएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा में बैठना होता है। प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद मेरिट के आधार पर काउंसलिंग कराने पर विद्यार्थी को सरकारी या प्राइवेट कॉलेज में दाखिला मिलता है। नर्सिंग कॉलेज के लिए शैक्षणिक भवन बनने से पूर्व मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थिएटर, लाइब्रेरी भवन का उपयोग होगा।
इसके अलावा नर्सिंग के लिए बनाए गए 28 व ट्यूटर के लिए बने 18 कक्षों का उपयोग छात्रों के हॉस्टल के रूप में किया जाएगा। एमबीबीएस छात्रों के लिए बनी स्किल लैब, फर्नीचर आदि का उपयोग भी बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थी करेंगे। बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं को संचालन के लिए एक प्राचार्य, उप प्राचार्य, दो एसोसिएट प्रोफेसर, तीन असिस्टेंट प्रोफेसर व 10 ट्यूटर के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, कार्यालय अधीक्षक, प्राचार्य का पीए, अकाउंटेंट, क्लर्क, स्टोर कीपर, लाइब्रेरियन, वार्डन आदि की नियुक्ति की जाएगी।
फिलहाल नियुक्ति होने तक शैक्षणिक कार्यों के लिए मेडिकल कॉलेज के चार लोगों को संबद्ध किया जा रहा है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि 60 सीटों पर बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं इसी सत्र से संचालित करने के लिए उप्र नर्सेज एवं मिडवाइब्ज काउंसिल की ओर से अनुमति प्रदान की गई है। काउंसिलिंग के बाद आवंटित होने वाले विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जाएगा। समस्त तैयारियां पूरी की जा रही हैं।