फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Known till Kolkata, no found no evidence

कोलकाता तक खंगाला, नहीं मिला कोई सुबूत

Thu, 13 Apr 2017 10:42 PM IST
फैजाबाद
फैजाबाद Updated Thu, 13 Apr 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
Known till Kolkata, no found no evidence
गुरुवार को रामकथा संग्रहालय में जांच करती जस्टिस विष्णु सहाय आयोग की टीम। - फोटो : अमर उजाला
गुमनामी बाबा कौन थे? प्रकरण की जांच कर रहे जस्टिस विष्णु सहाय आयोग ने गुरुवार को यहां कैंप कार्यालय पर सुनवाई की। वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह ने अपना बयान दर्ज कराया, साथ ही कई साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे गुमनामी बाबा कहीं से भी नेताजी सुभाषचंद्र बोस नहीं पाए गए।
विज्ञापन


उन्होंने कोलकाता तक की अपनी यात्रा के साथ तत्कालीन एसएसपी कर्मवीर सिंह की ओर से नियुक्त दरोगा की ओर से नेताजी के परिवार से लिए गए बयान का भी जिक्र किया, जिसमें गुमनामी बाबा को नेताजी होने से इंकार किया गया है। 
विज्ञापन


प्रदेश सरकार से गुमनामी बाबा उर्फ भगवन जी की पहचान के लिए एक सदस्यीय जस्टिस विष्णु सहाय आयोग गुरुवार को यहां सैनिक कल्याण कार्यालय में स्थित कैंप कार्यालय में सुनवाई की। जस्टिस सहाय के समक्ष वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह ने अपना बयान दर्ज कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने अखबार में छपी खबरों के हवाले से अपने कथन को रखा। उन्होंने अपने लेखों और तथ्यों के हवाले से गुमनामी बाबा का सुभाष चंद्र बोस से कोई लेना-देना नहीं होने की बात कही और पांच पेज का बयान दर्ज कराया। 


बयान दर्ज किए जाने के बाद आयोग ने अयोध्या के राम कथा संग्रहालय में रखे गुमनामी बाबा उर्फ भगवन जी के सामानों का निरीक्षण किया। बताया गया है कि आयोग ने यहां रखे दो बक्सों के सामानों को निकलवा कर देखा। इन दो बक्सों से दो रिकार्ड प्लेयर, रेडियो, खरल, इमाम दस्ता, क्राकरी सेट, थरमस, रुद्राक्ष की माला, टॉर्च जैसे अन्य सामान देखे गए। लगभग चार घंटे की कार्रवाई करने के बाद आयोग लखनऊ लौट गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed