{"_id":"5e4434168ebc3ee5c922657e","slug":"jal-nigam-faizabad-news-lko508166124","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल निगम के इंजीनियर पकड़ेंगे छुट्टा जानवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल निगम के इंजीनियर पकड़ेंगे छुट्टा जानवर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। प्रशासन ने जल निगम के इंजीनियरों को छुट्टा जानवर पकड़ने का जिम्मा सौंपा है। जिलाधिकारी की ओर से जारी पत्र में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिया गया है। पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश है कि अपने विभाग से चार सदस्यीय टीम बनाकर जल निगम की टीम से संपर्क कर छुट्टा जानवर पकड़वाने में सहयोग लें।
दरअसल, अयोध्या के फटिक शिला मंदिर में 16 से 26 फरवरी तक संतों का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। इसके चलते अयोध्या की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
यहां तक कि सड़कों पर किसी प्रकार भी प्रकार के छुट्टा जानवर न घूमने पाएं इसके लिए जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को एक टीम बनाकर पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जल निगम के नागर इकाई से भी छुट्टा जानवरों को पकडने व खोजने में मदद लेने की बात कही गई है। दोनों टीमों को संयुक्त रूप से बेसहारा व छुट्टा जानवरों को पकड़कर गोशाला तक पहुंचाने का जिम्मा दिया गया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी के आदेश पर जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने अपने विभाग की एक चार सदस्यीय टीम गठित कर ली है। साथ ही जल निगम की नागर इकाई को पत्र भेज कर छुट्टा जानवरों को पकड़ने व खोजने में मदद के लिए टीम गठित करने की बात कही है।
जल निगम में पहुंचे इस आदेश के बाद पूरा निगम सकते में है। दरअसल नागर इकाई में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का अभाव है। गिनती के पांच लोग तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी है। अब ऐसे में जल निगम के पास सिर्फ एक ही विकल्प है कि वह अपने फील्ड में कार्यरत इंजीनियरों को छुट्टा जानवर पकड़ने के लिए लगाएं। दूसरी ओर फील्ड में कार्यरत इंजीनियरों को लगाने से अमृत योजना में चल रहे कई कार्यों को प्रभावित होने का भी खतरा है। बहरहाल जल निगम जिलाधिकारी के आदेश पर छुट्टा जानवरों को पकड़ने के लिए टीम गठन की तैयारी में जुट गया है।
जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का पत्र मिला है। इसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के तहत बेसहारा जानवरों को पकड़ कर गोशाला तक पहुंचाने के लिए टीम गठित करने की बात कही गई है। टीम के गठन की तैयारी की जा रही है।
एसके. सिंह, पीएम नागर इकाई जल निगम
विज्ञापन
दरअसल, अयोध्या के फटिक शिला मंदिर में 16 से 26 फरवरी तक संतों का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। इसके चलते अयोध्या की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
विज्ञापन
यहां तक कि सड़कों पर किसी प्रकार भी प्रकार के छुट्टा जानवर न घूमने पाएं इसके लिए जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को एक टीम बनाकर पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जल निगम के नागर इकाई से भी छुट्टा जानवरों को पकडने व खोजने में मदद लेने की बात कही गई है। दोनों टीमों को संयुक्त रूप से बेसहारा व छुट्टा जानवरों को पकड़कर गोशाला तक पहुंचाने का जिम्मा दिया गया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी के आदेश पर जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने अपने विभाग की एक चार सदस्यीय टीम गठित कर ली है। साथ ही जल निगम की नागर इकाई को पत्र भेज कर छुट्टा जानवरों को पकड़ने व खोजने में मदद के लिए टीम गठित करने की बात कही है।
जल निगम में पहुंचे इस आदेश के बाद पूरा निगम सकते में है। दरअसल नागर इकाई में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का अभाव है। गिनती के पांच लोग तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी है। अब ऐसे में जल निगम के पास सिर्फ एक ही विकल्प है कि वह अपने फील्ड में कार्यरत इंजीनियरों को छुट्टा जानवर पकड़ने के लिए लगाएं। दूसरी ओर फील्ड में कार्यरत इंजीनियरों को लगाने से अमृत योजना में चल रहे कई कार्यों को प्रभावित होने का भी खतरा है। बहरहाल जल निगम जिलाधिकारी के आदेश पर छुट्टा जानवरों को पकड़ने के लिए टीम गठन की तैयारी में जुट गया है।
जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का पत्र मिला है। इसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के तहत बेसहारा जानवरों को पकड़ कर गोशाला तक पहुंचाने के लिए टीम गठित करने की बात कही गई है। टीम के गठन की तैयारी की जा रही है।
एसके. सिंह, पीएम नागर इकाई जल निगम