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स्कूलों में मास्क अनिवार्य, अभिभावकों की मुसीबत
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अयोध्या। देश में फैल रहे कोरोना वायरस से बचाव के लिए कई स्कूलों में बच्चों के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। इसकी वजह से अभिभावकों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। इससे तमाम तरह की अफवाहें घर कर रही हैं और लोगों में भय का माहौल पनप रहा है। जबकि चिकित्सक सिर्फ खांसी, बुखार व श्वास संबंधी समस्या से ग्रसित लोगों को ही मॉस्क की आवश्यकता बता रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को लेकर दहशत का माहौल है। जिले में भी इसको लेकर हर कोई भयभीत नजर आ रहा है। बीते दिनों जिले के रुदौली निवासी एक व्यक्ति को विदेश से लौटते समय बुखार आने की सूचना से माहौल और गर्म हो गया।
हालांकि, लखनऊ में ही उसे भर्ती कराया गया और जांच में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई। फिर भी एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग में एलर्ट जारी किया गया है। जनपद वासियों में मामले की आधी-अधूरी जानकारी मिलने के बाद हड़कंप सा माहौल है। वायरस से बचाव के लिए हर कोई सावधानी बरत रहा है। इनमें सर्वाधिक डिमांड सेनेटाइजर और मॉस्क की बढ़ी है। एकाएक भारी मात्रा में इन सामानों की बिक्री बढ़ जाने से बाजार से सेनेटाइजर और मॉस्क गायब हो गए हैं। जहां उपलब्ध भी हैं, वहां कालाबाजारी भी बढ़ गई है।
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वहीं, स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए भी लोग फिक्रमंद नजर आ रहे हैं। जिले के तमाम बड़े स्कूलों में बच्चों को मॉस्क लगाकर स्कूल पहुंचने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके इंतजाम व कोरोना के भय को लेकर अभिभावक भी परेशान हो गए। कुछ तो बच्चों को स्कूल भेजने तक से कतरा रहे हैं। वहीं, मॉस्क की खरीददारी के लिए इधर-उधर भटकने के बाद या तो मॉस्क मिल नहीं रहे हैं, या महंगे दाम वसूले जा रहे हैं।
सामान्य लोगों को मॉस्क की जरूरत नहीं : डॉ. अरविंद
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज गंजा के मेडिसिन विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के माध्यम से नहीं होता है। इसलिए सामान्य व्यक्तियों को मॉस्क की जरूरत नहीं है। इसके बचाव के लिए सभी सार्वजनिक उपयोग की वस्तुओं को छूने के बाद हाथ अवश्य धुलें। वैसे भी समय-समय पर हाथ धोने की कोशिश करें।
भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। जिन्हें बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या हो, उनके संपर्क में न जाएं। बताया कि इन दिनों कॉमन कोल्ड का मौसम चल रहा है, इसमें जुकाम-बुखार के वैसे ही तमाम रोगी आ रहे हैं। इन्हें मॉस्क का इस्तेमाल करना चाहिए। बताया कि ये संक्रमण बिना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए नहीं फैल सकता है। इसलिए अधिक भयभीत होने की जरूरत नहीं है। सर्वाधिक आवश्यकता स्वास्थ्यकर्मियों को है, उन्हें एन-95 का मॉस्क लगाने का सलाह दी गई है।
कोरोना वायरस को लेकर अफवाहों से बचें। अभी तक जिले में कोई व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला है। मॉस्क व सेनेटाइजर के लिए भी सामान्य लोग परेशान न हों, सिर्फ संक्रमित व्यक्तियों को ही इसकी आवश्यकता है। वायरल बुखार आदि से पीड़ित व्यक्तियों के संपर्क में आने से परहेज करें।
-डॉ घनश्याम सिंह, सीएमओ, अयोध्या
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पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को लेकर दहशत का माहौल है। जिले में भी इसको लेकर हर कोई भयभीत नजर आ रहा है। बीते दिनों जिले के रुदौली निवासी एक व्यक्ति को विदेश से लौटते समय बुखार आने की सूचना से माहौल और गर्म हो गया।
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हालांकि, लखनऊ में ही उसे भर्ती कराया गया और जांच में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई। फिर भी एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग में एलर्ट जारी किया गया है। जनपद वासियों में मामले की आधी-अधूरी जानकारी मिलने के बाद हड़कंप सा माहौल है। वायरस से बचाव के लिए हर कोई सावधानी बरत रहा है। इनमें सर्वाधिक डिमांड सेनेटाइजर और मॉस्क की बढ़ी है। एकाएक भारी मात्रा में इन सामानों की बिक्री बढ़ जाने से बाजार से सेनेटाइजर और मॉस्क गायब हो गए हैं। जहां उपलब्ध भी हैं, वहां कालाबाजारी भी बढ़ गई है।
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वहीं, स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए भी लोग फिक्रमंद नजर आ रहे हैं। जिले के तमाम बड़े स्कूलों में बच्चों को मॉस्क लगाकर स्कूल पहुंचने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके इंतजाम व कोरोना के भय को लेकर अभिभावक भी परेशान हो गए। कुछ तो बच्चों को स्कूल भेजने तक से कतरा रहे हैं। वहीं, मॉस्क की खरीददारी के लिए इधर-उधर भटकने के बाद या तो मॉस्क मिल नहीं रहे हैं, या महंगे दाम वसूले जा रहे हैं।
सामान्य लोगों को मॉस्क की जरूरत नहीं : डॉ. अरविंद
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज गंजा के मेडिसिन विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के माध्यम से नहीं होता है। इसलिए सामान्य व्यक्तियों को मॉस्क की जरूरत नहीं है। इसके बचाव के लिए सभी सार्वजनिक उपयोग की वस्तुओं को छूने के बाद हाथ अवश्य धुलें। वैसे भी समय-समय पर हाथ धोने की कोशिश करें।
भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। जिन्हें बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या हो, उनके संपर्क में न जाएं। बताया कि इन दिनों कॉमन कोल्ड का मौसम चल रहा है, इसमें जुकाम-बुखार के वैसे ही तमाम रोगी आ रहे हैं। इन्हें मॉस्क का इस्तेमाल करना चाहिए। बताया कि ये संक्रमण बिना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए नहीं फैल सकता है। इसलिए अधिक भयभीत होने की जरूरत नहीं है। सर्वाधिक आवश्यकता स्वास्थ्यकर्मियों को है, उन्हें एन-95 का मॉस्क लगाने का सलाह दी गई है।
कोरोना वायरस को लेकर अफवाहों से बचें। अभी तक जिले में कोई व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला है। मॉस्क व सेनेटाइजर के लिए भी सामान्य लोग परेशान न हों, सिर्फ संक्रमित व्यक्तियों को ही इसकी आवश्यकता है। वायरल बुखार आदि से पीड़ित व्यक्तियों के संपर्क में आने से परहेज करें।
-डॉ घनश्याम सिंह, सीएमओ, अयोध्या