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काश! अयोध्या से लौट आते तो बच जाती जान
फैजाबाद
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:40 PM IST
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रौनाही थाने के सामने हाईवे पर हुई मौतों की वजह अयोध्या दर्शन कर सभी का अचानक लखनऊ में चिड़ियाघर देखने का प्लान का बनना था। यहां पोस्टमार्टम हाउस आए परिवारीजनों का रोते-रोते बुरा हाल था, उनका कहना था कि काश! अयोध्या से ही लौट आते तो हादसा न होता। सबकी जान सलामत रहती। 28 दिन पहले ही एसयूवी खरीदी गई थी।
‘हिल्ले रोजी बहाने मौत’ की कहावत यहां सच हो उठी। कहते हैं कि मौत को बहाना चाहिए, यही हुआ आजमगढ़ के आठ लोगों के साथ। रिकाबगंज पुलिस चौकी पर पंचनामा भरने और चीरघर में पोस्टमार्टम होने के दौरान करुण क्रंदन मचा था। गांव से गाड़ियों में भरकर पहुंचे लोग बढ़ी मुश्किल से कुछ बोल पा रहे थे। हर कोई पूछता ‘फलाने’ भी मर गये क्या? मृतक
सुनील कुमार निषाद के भाई संदीप कुमार निषाद और मृतक मनोज कुमार विश्वकर्मा के भाई संजय कुमार कहते हैं कि सभी लोगों का अयोध्या दर्शन कर घर लौटने का कार्यक्रम था। लेकिन अचानक लखनऊ जाने का प्लान आठों लोगों की मौत का कारण बन गया।
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सुनील कुमार निषाद (23) को दो माह पहले बेटा हुआ था। इसकी खुशी में उसने निशानी के तौर पर करीब 28 दिन पहले ही एसयूवी खरीदी थी। इनका कहना था कि लखनऊ में चिड़ियाघर देखने के लिए सभी कार से रवाना हो गये। कार अर्जुन कुमार सोनकर चला रहा था। भाई ने रात 10 बजे के करीब फोन से लखनऊ जाने को बताया था।
मृतकों में आजमगढ़ जिले के तहबरपुर थाना अंतर्गत ग्राम शंभूपुर निवासी अनिल कुमार भारती (40), कप्तानगंज थाना अंतर्गत जेहरा पिपरी निवासी श्याम नयन विश्वकर्मा (34), सुनील
कुमार निषाद (23), अर्जुन सोेनकर (23), कंधरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा जोलहा जमुवा निवासी सुभाषचंद्र यादव (36), अभिषेक मौर्य (24), चुन्नीलाल विश्वकर्मा (24), मनोज विश्वकर्मा (36) शामिल हैं।
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‘हिल्ले रोजी बहाने मौत’ की कहावत यहां सच हो उठी। कहते हैं कि मौत को बहाना चाहिए, यही हुआ आजमगढ़ के आठ लोगों के साथ। रिकाबगंज पुलिस चौकी पर पंचनामा भरने और चीरघर में पोस्टमार्टम होने के दौरान करुण क्रंदन मचा था। गांव से गाड़ियों में भरकर पहुंचे लोग बढ़ी मुश्किल से कुछ बोल पा रहे थे। हर कोई पूछता ‘फलाने’ भी मर गये क्या? मृतक
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सुनील कुमार निषाद के भाई संदीप कुमार निषाद और मृतक मनोज कुमार विश्वकर्मा के भाई संजय कुमार कहते हैं कि सभी लोगों का अयोध्या दर्शन कर घर लौटने का कार्यक्रम था। लेकिन अचानक लखनऊ जाने का प्लान आठों लोगों की मौत का कारण बन गया।
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सुनील कुमार निषाद (23) को दो माह पहले बेटा हुआ था। इसकी खुशी में उसने निशानी के तौर पर करीब 28 दिन पहले ही एसयूवी खरीदी थी। इनका कहना था कि लखनऊ में चिड़ियाघर देखने के लिए सभी कार से रवाना हो गये। कार अर्जुन कुमार सोनकर चला रहा था। भाई ने रात 10 बजे के करीब फोन से लखनऊ जाने को बताया था।
मृतकों में आजमगढ़ जिले के तहबरपुर थाना अंतर्गत ग्राम शंभूपुर निवासी अनिल कुमार भारती (40), कप्तानगंज थाना अंतर्गत जेहरा पिपरी निवासी श्याम नयन विश्वकर्मा (34), सुनील
कुमार निषाद (23), अर्जुन सोेनकर (23), कंधरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा जोलहा जमुवा निवासी सुभाषचंद्र यादव (36), अभिषेक मौर्य (24), चुन्नीलाल विश्वकर्मा (24), मनोज विश्वकर्मा (36) शामिल हैं।