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चुनाव में भी चल रहा गुंडाराज : मायावती
फैजाबाद
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:03 PM IST
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बुधवार को जीआईसी में चुनावी जनसभा को संबोधित करतीं बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : अमर उजाला
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बहुजन समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मायावती बुधवार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बेहद तल्ख दिखीं। शहर में हुए मासूम छात्रा से बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि इलेक्शन में भी सत्ताधारी दल का गुंडाराज चल रहा है। पुलिस को जमकर फटकारते हुए सवाल किया कि आपकी बहन-बेटी के साथ ऐसा हो तो कैसा लगेगा, साथ ही प्रधानमंत्री पर पलटवार किया कि मोदी यूपी के चुनाव को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा आरक्षण को भी बेअसर करने की कोशिश कर रही है। मायावती ने अपनी सरकार बनने पर जाति-धर्म के नाम पर जेल में बंद लोगों के मामलों की समीक्षा करने के साथ सवर्ण जाति के गरीब लोगों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का वादा किया।
बसपा सुप्रीमो बुधवार को शहर के जीआईसी मैदान में कुल 54 मिनट के भाषण में भाजपा व सपा-कांग्रेस गठबंधन पर जमकर बरसीं। कहा कि राज्य में सपा के पांच साल और केंद्र में बीजेपी के करीब पौने तीन साल की सरकार से सूबे की 22 करोड़ जनता नाराज है।
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इसी कारण बीजेपी ने मुख्यमंत्री का चेहरा देने की हिम्मत नहीं दिखाई। सपा में मुख्यमंत्री का चेहरा कानून-व्यवस्था और विकास में पूरी तरह फेल रहा है। सरकार के चमचे प्रदेश में लूटमार, आतंक, हत्याएं, दुराचार कर रहे हैं, ऐसे में बीजेपी की केंद्र में सरकार भी बराबर की कसूरवार है।
इलेक्शन के दौरान भी सपा के चमचों की गुंडागर्दी कम नहीं हुई है। मायावती ने बुधवार सुबह नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहदा में हाथ-पांव बांध मासूम के साथ हुई बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कुछ सिरफिरे लोग गलत इरादे से बच्ची को उठाकर ले गए, उसे रेल पटरी के किनारे फेंक दिए। पुलिस-प्रशासन क्या कर रहा था। बहन-बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं है। मायावती ने पुलिस प्रशासन पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मामले को गंभीरता से लें।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें हार का डर सताने लगा है। मोदी धर्म और जाति के नाम पर घटिया राजनीति कर रहे हैं। वह भेदभाव करते हैं। अब वह अपने भाषण में जाति और धर्म का एंगल ला रहे हैं। उन्हें सबसे पहले बीजेपी शासित राज्यों में हर गांव में श्मशान घाट बनवाने चाहिए, इसके बाद ही यूपी की बात करनी चाहिए।
ईद और दिवाली पर बिजली सप्लाई वाले प्रधानमंत्री के बयान पर मायावती ने कहा कि बीएसपी ने अपने शासन काल में हर जाति और धर्म के लोगों का सम्मान किया है। अयोध्या में बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जब इसका फैसला आया तो लोग बसपा के कानून का राज देख चुके हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जो भी फैसला आएगी बसपा सरकार में उस पर अमल होगा।
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भाजपा आरक्षण को भी बेअसर करने की कोशिश कर रही है। मायावती ने अपनी सरकार बनने पर जाति-धर्म के नाम पर जेल में बंद लोगों के मामलों की समीक्षा करने के साथ सवर्ण जाति के गरीब लोगों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का वादा किया।
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बसपा सुप्रीमो बुधवार को शहर के जीआईसी मैदान में कुल 54 मिनट के भाषण में भाजपा व सपा-कांग्रेस गठबंधन पर जमकर बरसीं। कहा कि राज्य में सपा के पांच साल और केंद्र में बीजेपी के करीब पौने तीन साल की सरकार से सूबे की 22 करोड़ जनता नाराज है।
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इसी कारण बीजेपी ने मुख्यमंत्री का चेहरा देने की हिम्मत नहीं दिखाई। सपा में मुख्यमंत्री का चेहरा कानून-व्यवस्था और विकास में पूरी तरह फेल रहा है। सरकार के चमचे प्रदेश में लूटमार, आतंक, हत्याएं, दुराचार कर रहे हैं, ऐसे में बीजेपी की केंद्र में सरकार भी बराबर की कसूरवार है।
इलेक्शन के दौरान भी सपा के चमचों की गुंडागर्दी कम नहीं हुई है। मायावती ने बुधवार सुबह नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहदा में हाथ-पांव बांध मासूम के साथ हुई बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कुछ सिरफिरे लोग गलत इरादे से बच्ची को उठाकर ले गए, उसे रेल पटरी के किनारे फेंक दिए। पुलिस-प्रशासन क्या कर रहा था। बहन-बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं है। मायावती ने पुलिस प्रशासन पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मामले को गंभीरता से लें।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें हार का डर सताने लगा है। मोदी धर्म और जाति के नाम पर घटिया राजनीति कर रहे हैं। वह भेदभाव करते हैं। अब वह अपने भाषण में जाति और धर्म का एंगल ला रहे हैं। उन्हें सबसे पहले बीजेपी शासित राज्यों में हर गांव में श्मशान घाट बनवाने चाहिए, इसके बाद ही यूपी की बात करनी चाहिए।
ईद और दिवाली पर बिजली सप्लाई वाले प्रधानमंत्री के बयान पर मायावती ने कहा कि बीएसपी ने अपने शासन काल में हर जाति और धर्म के लोगों का सम्मान किया है। अयोध्या में बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जब इसका फैसला आया तो लोग बसपा के कानून का राज देख चुके हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जो भी फैसला आएगी बसपा सरकार में उस पर अमल होगा।