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काम की हर साल हो ग्रेडिंग, वादाखिलाफ न लड़ें चुनाव
फैजाबाद
Updated Fri, 03 Feb 2017 11:04 PM IST
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जीजीआईसी में शुक्रवार को अमर उजाला के फोकस ग्रुप में जुटी महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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जन प्रतिनिधियों के कार्यों की मानिटरिंग हर साल होनी चाहिए। कार्य संतोषजनक नहीं हैं तो उनकी ग्रेडिंग की जाए और आगे चुनाव में लड़ने के लिए वंचित कर दिया जाए। राजनीतिक दल वोट पाने के लिए समाज के हर वर्ग को लालच का लॉलीपॉप दे रहे हैं। इनसे सजग और सतर्क रहना चाहिए।
राजनेता व्यापक सोच और स्पष्ट दृष्टि वाला होना चाहिए, ताकि हर हाथ को काम मिले। ऐसे नेताओं को टिकट नहीं देना चाहिए जो दलबदलू हैं। चुनाव लड़ने के लिए जब नेता की विचारधारा बदल जाती है तो वह समाज का क्या विकास करेगा? शिक्षा के स्तर में सुधार किया जाए और योग्यता के आधार पर युवाओं का चयन किया जाए। गरीबों के लिए सरकार की अनेक लोक कल्याणकारी योजनाएं सिर्फ कागजों में ही है।
गरीबों के बच्चों को तालीम से लेकर स्वास्थ्य तक की समस्या है। जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो समाज के निचले तबके के लोगों का ख्याल रखे। पुरुष वर्ग भले बराबरी की बात करता हो लेकिन महिला और पुरुष के अधिकार में जमीन-आसमान का अंतर है। महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। अमर उजाला के फोकस ग्रुप में शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कामकाजी महिलाओं ने कुछ यूं अपनी राय बेबाकी से रखी।
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राजनेता व्यापक सोच और स्पष्ट दृष्टि वाला होना चाहिए, ताकि हर हाथ को काम मिले। ऐसे नेताओं को टिकट नहीं देना चाहिए जो दलबदलू हैं। चुनाव लड़ने के लिए जब नेता की विचारधारा बदल जाती है तो वह समाज का क्या विकास करेगा? शिक्षा के स्तर में सुधार किया जाए और योग्यता के आधार पर युवाओं का चयन किया जाए। गरीबों के लिए सरकार की अनेक लोक कल्याणकारी योजनाएं सिर्फ कागजों में ही है।
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गरीबों के बच्चों को तालीम से लेकर स्वास्थ्य तक की समस्या है। जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो समाज के निचले तबके के लोगों का ख्याल रखे। पुरुष वर्ग भले बराबरी की बात करता हो लेकिन महिला और पुरुष के अधिकार में जमीन-आसमान का अंतर है। महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। अमर उजाला के फोकस ग्रुप में शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कामकाजी महिलाओं ने कुछ यूं अपनी राय बेबाकी से रखी।
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