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मनरेगा से नाला खोदाई में धांधली, रोका भुगतान
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2015 11:38 PM IST
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मनरेगा से नाला खोदाई की दो परियोजनाओं में सवा दस लाख रुपये के काम में धांधली का मामला सामने आया है। जांच में किसी ने भी इन दो कामों को कराने की बात स्वीकार तक नहीं की। जबकि ये योजनाएं मनरेगा परियोजना के रूप में स्वीकृत होनी थीं, जिसमें मस्टर रोल पर ही भुगतान का नियम है।
अब प्रशासन ने काम को श्रमदान घोषित करते हुए वित्तीय भुगतान पर रोक लगा दी है। मामला मसौधा विकास खंड में दो नाला खोदाई कार्यों का है। एक नाला मऊ शिवाला से पलिया शाहबदी होते हुए गद्दोपुर नहर के आगे तक और दूसरा गद्दोपुर में मऊयदुवंशपुर कचहरी मार्ग से पूरब एक तरफ नाला खोदाई का कार्य शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक इन दोनों परियोजनाओं को मनरेगा से कराने की लिखा-पढ़ी शुरू की गई। इसी बीच इन दोनों परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया, लेकिन अब तक मनरेगा से इन परियोजनाओं को स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने जिला मुख्यालय पर इसकी शिकायत कर दी तो विकास प्रशासन सक्रिय हुआ।
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क्षेत्र के जेई से रिपोर्ट तलब की गई। इसके बाद मसौधा के सहायक विकास अधिकारी से कार्य कराए जाने संबंधी जानकारी दी गई तो पता चला कि लगभग सवा दस लाख रुपये की इन परियोजनाओं में ज्यादातर नाले की खोदाई कर डाली गई, लेकिन पता करने पर किसी ने भी इसकी खोदाई कराने की जिम्मेदारी नहीं ली।
अलबत्ता जांच अधिकारी ने मशीन से कार्य कराने की आशंका व्यक्त की। बाद में जिला स्तरीय अधिकारी की जांच में भी इसी तरह की रिपोर्ट आई। खुदाई के दौरान न तो इनकी वर्क आईडी बनी और न ही मस्टर रोल निर्गत करने के लिए कोई डिमांड भेजी गई थी।
जबकि यह कार्य मसौधा ब्लॉक से नौ मनरेगा परियोजनाओं में शामिल था। अब धांधली सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से इन कार्यों को श्रमदान की श्रेणी में मान लिया गया है। साथ ही भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
जांच में दोनों परियोजनाओं पर काम होना पाया गया, लेकिन इसको किसने कराया, इसकी जानकारी नहीं दी गई। इन दोनों परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति नहीं दी गई। - वीएन शुक्ल, डीसी मनरेगा
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अब प्रशासन ने काम को श्रमदान घोषित करते हुए वित्तीय भुगतान पर रोक लगा दी है। मामला मसौधा विकास खंड में दो नाला खोदाई कार्यों का है। एक नाला मऊ शिवाला से पलिया शाहबदी होते हुए गद्दोपुर नहर के आगे तक और दूसरा गद्दोपुर में मऊयदुवंशपुर कचहरी मार्ग से पूरब एक तरफ नाला खोदाई का कार्य शामिल है।
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सूत्रों के मुताबिक इन दोनों परियोजनाओं को मनरेगा से कराने की लिखा-पढ़ी शुरू की गई। इसी बीच इन दोनों परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया, लेकिन अब तक मनरेगा से इन परियोजनाओं को स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने जिला मुख्यालय पर इसकी शिकायत कर दी तो विकास प्रशासन सक्रिय हुआ।
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क्षेत्र के जेई से रिपोर्ट तलब की गई। इसके बाद मसौधा के सहायक विकास अधिकारी से कार्य कराए जाने संबंधी जानकारी दी गई तो पता चला कि लगभग सवा दस लाख रुपये की इन परियोजनाओं में ज्यादातर नाले की खोदाई कर डाली गई, लेकिन पता करने पर किसी ने भी इसकी खोदाई कराने की जिम्मेदारी नहीं ली।
अलबत्ता जांच अधिकारी ने मशीन से कार्य कराने की आशंका व्यक्त की। बाद में जिला स्तरीय अधिकारी की जांच में भी इसी तरह की रिपोर्ट आई। खुदाई के दौरान न तो इनकी वर्क आईडी बनी और न ही मस्टर रोल निर्गत करने के लिए कोई डिमांड भेजी गई थी।
जबकि यह कार्य मसौधा ब्लॉक से नौ मनरेगा परियोजनाओं में शामिल था। अब धांधली सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से इन कार्यों को श्रमदान की श्रेणी में मान लिया गया है। साथ ही भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
जांच में दोनों परियोजनाओं पर काम होना पाया गया, लेकिन इसको किसने कराया, इसकी जानकारी नहीं दी गई। इन दोनों परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति नहीं दी गई। - वीएन शुक्ल, डीसी मनरेगा