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रामायण कालीन थीम पर विकसित होंगे पांच तालाब
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अयोध्या। रामनगरी के पांच तालाबों व कुंडों को नए सिरे से विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित किये जाने की योजना है। इसको जल शक्ति मंत्रालय ने नमामि गंगे परियोजना के तहत मंजूरी दे दी है।
योजना में पांचों तालाबों के पानी को शुद्ध करके अयोध्या आर्ट प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाएगा। योजना पर कार्य शुरू हो गया है। नगर निगम के जलकल विभाग ने पांचों तालाबों के पानी का नमूना लिया है।
पानी की रिपोर्ट सोमवार तक आने के बाद आगे की कार्यवाही होगी। दरअसल अयोध्या नगर निगम ने पिछले वर्ष एक विशेष अभियान चलाकर अपने क्षेत्र के 108 कुंडों व तालाबों को चिह्नित किया था।
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बाद में अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इन कुंडों व तालाबों को विकसित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शासन में नमामि गंगे परियोजना में शामिल किए जाने के लिए प्रजेंटेशन दिया था।
इस योजना को जल धारा योजना के तहत मंजूरी मिल गयी है। फिलहाल पांच तालाब लाल डिग्गी, फतेहगंज तालाब, स्वामी रामदास जी आश्रण तालाब, सीताराम मंडी कुंड व ब्रहम कुंड को शामिल किया गया है।
इसमें तालाबों व कुंडों में बहने अपशिष्ट जल को सबसे पहले शुद्ध किया जाए। इससे उपरांत तालाबों एवं कुंडों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से अयोध्या आर्ट प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाएगा।
इसमें अयोध्या की रामायण कालीन थीम का चयन किया गया है। योजना की मंजूरी के बाद तालाबों को नए सिरे से विकसित करने का कार्य शुरू हो गया है। नगर निगम के जलकल विभाग ने सभी चयनित पांचों तालाबों व कुंडों के पानी के नमूने लिए है।
पानी में मौजूद गंदगी की रिपोर्ट सोमवार तक आ जायेगी। इस रिपोर्ट को जलकल विभाग अयोध्या विकास प्राधिकरण को सौंप देगा। इसके बाद चयनित कंपनी पानी को शुद्ध करने का कार्य करेगी। इसके बाद आर्ट का कार्य होगा।
अयोध्या के तालाबों के पानी को साफ करने के लिए एक निजी कंपनी ने जिम्मेदारी ली है। ये तालाबों का न तो पानी बदलती है और न ही तालाब में किसी को उतारती है बल्कि अपनी तैयार की गई कुछ औषधि को पानी में मिलाती है।
इससे पानी तो साफ होता ही है, साथ ही सतह पर मृत मिट्टी भी दोबारा जीवित हो जाती है। इसका परीक्षण लाल डिग्गी तालाब में किया जा चुका है। ये प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा था।
अयोध्या विकास प्राधिकरण को पांच कुंडों व तालाबों को नए सिरे से विकसित किया जाना है। योजना को मंजूरी मिल चुकी है। साथ हो कार्य भी शुरू करा दिया गया है। योजना का मकसद पर्यावरण व अपनी विरासत को संरक्षित करने का है।- विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण
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योजना में पांचों तालाबों के पानी को शुद्ध करके अयोध्या आर्ट प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाएगा। योजना पर कार्य शुरू हो गया है। नगर निगम के जलकल विभाग ने पांचों तालाबों के पानी का नमूना लिया है।
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पानी की रिपोर्ट सोमवार तक आने के बाद आगे की कार्यवाही होगी। दरअसल अयोध्या नगर निगम ने पिछले वर्ष एक विशेष अभियान चलाकर अपने क्षेत्र के 108 कुंडों व तालाबों को चिह्नित किया था।
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बाद में अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इन कुंडों व तालाबों को विकसित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शासन में नमामि गंगे परियोजना में शामिल किए जाने के लिए प्रजेंटेशन दिया था।
इस योजना को जल धारा योजना के तहत मंजूरी मिल गयी है। फिलहाल पांच तालाब लाल डिग्गी, फतेहगंज तालाब, स्वामी रामदास जी आश्रण तालाब, सीताराम मंडी कुंड व ब्रहम कुंड को शामिल किया गया है।
इसमें तालाबों व कुंडों में बहने अपशिष्ट जल को सबसे पहले शुद्ध किया जाए। इससे उपरांत तालाबों एवं कुंडों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से अयोध्या आर्ट प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाएगा।
इसमें अयोध्या की रामायण कालीन थीम का चयन किया गया है। योजना की मंजूरी के बाद तालाबों को नए सिरे से विकसित करने का कार्य शुरू हो गया है। नगर निगम के जलकल विभाग ने सभी चयनित पांचों तालाबों व कुंडों के पानी के नमूने लिए है।
पानी में मौजूद गंदगी की रिपोर्ट सोमवार तक आ जायेगी। इस रिपोर्ट को जलकल विभाग अयोध्या विकास प्राधिकरण को सौंप देगा। इसके बाद चयनित कंपनी पानी को शुद्ध करने का कार्य करेगी। इसके बाद आर्ट का कार्य होगा।
अयोध्या के तालाबों के पानी को साफ करने के लिए एक निजी कंपनी ने जिम्मेदारी ली है। ये तालाबों का न तो पानी बदलती है और न ही तालाब में किसी को उतारती है बल्कि अपनी तैयार की गई कुछ औषधि को पानी में मिलाती है।
इससे पानी तो साफ होता ही है, साथ ही सतह पर मृत मिट्टी भी दोबारा जीवित हो जाती है। इसका परीक्षण लाल डिग्गी तालाब में किया जा चुका है। ये प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा था।
अयोध्या विकास प्राधिकरण को पांच कुंडों व तालाबों को नए सिरे से विकसित किया जाना है। योजना को मंजूरी मिल चुकी है। साथ हो कार्य भी शुरू करा दिया गया है। योजना का मकसद पर्यावरण व अपनी विरासत को संरक्षित करने का है।- विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण