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पांच दिन बाद निकली धूप ने दी राहत
फैजाबाद
Updated Tue, 03 Jan 2017 10:09 PM IST
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मंगलवार को गुलाबबाड़ी में धूप निकलने के बाद परिवार के साथ घूमने आये लोग ।
- फोटो : अमर उजाला
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सुबह घने कोहरे और सर्द हवा से ठिठुरे लोगों को दोपहर में तेज धूप से राहत मिली। पिछले पांच दिनों से बादलों में छिपा सूर्य मंगलवार को बाहर आया तो राहत मिली। अब तक ठंड के चलते पेड़ों पर पक्षियों का शांत रहने वाला कलरव चहचहाहट में बदल गई। धूप निकली तो दिन भी जहां-तहां जलते रहने वाले अलाव भी बुझ गए। हर कोई धूप सेंकता दिखा तो छतों पर कपड़ों की कतार दिखने लगी।
सूरज के ऊपर चढ़ते जाने से आदमी के साथ पशुपक्षियों को खासी राहत मिली। पिछले पांच दिनों से सुबह शाम के घने कोहरे और दिन में धुंध-ठंड से हर कोई परेशान था। मंगलवार को भी सुबह घने कोहरे के साथ हवा से ठंड की मार से हर किसी पर भारी रही।
सुबह 10 बजे के करीब धूप निकली तो चटख होती गयी। इससे हर किसी का मनमयूर नाच उठा। बेजुबान जानवरों, पक्षियों और बंदरों की उछल कूद बढ़ गयी। बाल फुलाए टहलते जानवर धूप में खड़े होकर जुगाली करते नजर आये तो पक्षियों का कलरव सुनाई देने लगा।
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रेलवे स्टेशन और कॉलोनियों में बंदरों के समूहों का तहलका मच गया। धूप निकलते ही बच्चों के चेहरे खिल गए। आसपास के मैदानों में मोहल्ले के बच्चे खेलने को निकल आए।
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सूरज के ऊपर चढ़ते जाने से आदमी के साथ पशुपक्षियों को खासी राहत मिली। पिछले पांच दिनों से सुबह शाम के घने कोहरे और दिन में धुंध-ठंड से हर कोई परेशान था। मंगलवार को भी सुबह घने कोहरे के साथ हवा से ठंड की मार से हर किसी पर भारी रही।
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सुबह 10 बजे के करीब धूप निकली तो चटख होती गयी। इससे हर किसी का मनमयूर नाच उठा। बेजुबान जानवरों, पक्षियों और बंदरों की उछल कूद बढ़ गयी। बाल फुलाए टहलते जानवर धूप में खड़े होकर जुगाली करते नजर आये तो पक्षियों का कलरव सुनाई देने लगा।
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रेलवे स्टेशन और कॉलोनियों में बंदरों के समूहों का तहलका मच गया। धूप निकलते ही बच्चों के चेहरे खिल गए। आसपास के मैदानों में मोहल्ले के बच्चे खेलने को निकल आए।