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नींव भराई में लगेगा 44.5 लाख क्यूबिक फीट इंजीनियर फिल

Mon, 19 Jul 2021 12:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 12:12 AM IST
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Filling the foundation will take 44.5 lakh cubic feet of Engineer Phil
अयोध्या। राममंदिर निर्माण का काम देश के नामी तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में चल रहा है। अभी राममंदिर की नींव भराई का काम संचालित है। राममंदिर के नींव भराई में कुल 44.5 लाख क्यूबिक फीट इंजीनियर फिल का प्रयोग किया जाएगा।
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इस इंजीनियरिंग फिल का निर्माण रामजन्मभूमि परिसर में ही बैचिंग प्लांट लगाकर हो रहा है। नींव के लिए लगभग 70 लाख क्यूबिक फीट की खोदाई की गई है। उत्खनन क्षेत्र को 44 परतों में इंजीनियर फिल से भरा जाना है।
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अब तक कुल 18 लाख क्यूबिक फीट इंजीनियर फिल का प्रयोग हो चुका है। नींव भराई के लिए खोदे गए करीब 50 फीट गहरे गड्ढे को 44.5 लाख क्यूबिक फीट इंजीनियर फिल से भरा जाना है। शेष उच्च स्तर की मिट्टी से भरा जाएगा।
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इंजीनियर फिल की प्रत्येक परत 250 मिमी. मोटाई की होती है। जिसे वांछित घनत्व की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रित संघनन के तहत रखा जाता है। इंजीनियर फिल की गतिविधि 15 सितंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
लक्ष्य के अनुसार मेसर्स एलएंडडी ने काम के लिए तीन बैचिंग प्लांट, 15 डंपर, चार वायब्रो रोलर आदि तैनात किए हैं। अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे काम चल रहा है।
इंजीनियर फिल का डिजाइन मिश्रण आईआईटी मद्रास, सीबीआरआई, रुड़की के विशेषज्ञों और आईआईटी दिल्ली के डॉ. बी भट्टाचार्य द्वारा किया गया है। इस इंजीनियर फिल में विशेष रोढ़ी और रेत का उपयोग किया जा रहा है।
जो कबराई, महोबा एवं छतरपुर से उपलब्ध कराया गया है और फ्लाई ऐश की एनटीपीसी ऊंचाहार से आपूर्ति हो रही है। अब तक लार्सन एंड टुब्रों की इंजीनियरिंग टीम ने लगभग 18 लाख क्यूबिक फीट पर कार्य संपन्न कर लिया है।
राममंदिर निर्माण कार्य में तकनीकी व गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टाटा कसंल्टिंग इंजीनियर एवं ट्रस्ट के पर्यवेक्षकों ने सुनिश्चित किया है कि गुणवत्ता आईआईटी चेन्नई द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार हो। इसकी चेकिंग स्थानीय प्रयोगशाला में भी की जाती है।

राममंदिर सदियों तक अक्षुण्ण रहे इसलिए उसकी गुणवत्ता पर पूरा फोकस है। देश के नामी तकनीकी संस्थाओं के विशेषज्ञों की टीम राममंदिर निर्माण का काम संभाल रही है। काम की जिम्मेदारी बांटकर अलग-अलग संस्थाओं को नियुक्त किया गया है। सभी निर्माण संबंधी निर्णय का मानक निश्चित किया गया है। तकनीकी संस्थाओं व विशेषज्ञों ने मंदिर के दीर्घायु होने का आश्वासन दिया है।- चंपत राय, महासचिव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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