{"_id":"5f4918728ebc3e3cfe1aa076","slug":"faizabad-faizabad-news-lko5372889185","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेबीनार में कोविड-19 को लेकर चीन की संदेहात्मक भूमिका पर चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेबीनार में कोविड-19 को लेकर चीन की संदेहात्मक भूमिका पर चर्चा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। साकेत महाविद्यालय अयोध्या एवं सेंटर फॉर डिफेंस साइंसेज रिसर्च एंड डेवलपमेंट, प्रयागराज की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया।
कोविड-19 और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गैर परंपरागत सुरक्षा खतरों का भविष्य विषय पर आयोजित वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में मगध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य राजेंद्र प्रसाद ने भारत में गैर परंपरागत खतरों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की एवं कोविड-19 के संदर्भ में चीन की संदेहात्मक भूमिका का भी रेखांकित किया। वेबीनार में देश-विदेश के लगभग 500 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
मुख्य अतिथि कजाकिस्तान, स्वीडन एवं लातविया में भारत के पूर्व राजदूत रहे। अशोक सज्जनहार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रयासों के बारे में बहुत ही गंभीरता से चर्चा एवं विश्लेषण किया। इसी क्रम में किंग्स कॉलेज लंदन के अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विद्वान प्रोफेसर हर्ष वी. पंत ने कोविड-19 के दौर में वैश्विक परिवेश में होने वाले स्ट्रैटेजिक बदलाव एवं भारतीय चुनौतियों के बारे में बताया।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय वेबीनार के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय सेना के पूर्व मेजर जनरल अजय कुमार चतुर्वेदी ने भारत की रक्षा तैयारियों की स्थिति में होने वाले बदलाव के बारे में चर्चा की। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विद्वान आचार्य स्वर्ण सिंह, शिमला स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के आचार्य राजवीर शर्मा ने राष्ट्रीय सुरक्षा के वैचारिक आयामों पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के प्राचार्य प्रोफेसर श्रीनिवास मणि त्रिपाठी ने कोविड-19 द्वारा उत्पन्न हुए भारत की सुरक्षा के लिए सामाजिक समस्याओं एवं जनमानस पर पड़ने वाले इसके प्रभावों के बारे में गहन चर्चा की।
विज्ञापन
कोविड-19 और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गैर परंपरागत सुरक्षा खतरों का भविष्य विषय पर आयोजित वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में मगध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य राजेंद्र प्रसाद ने भारत में गैर परंपरागत खतरों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की एवं कोविड-19 के संदर्भ में चीन की संदेहात्मक भूमिका का भी रेखांकित किया। वेबीनार में देश-विदेश के लगभग 500 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि कजाकिस्तान, स्वीडन एवं लातविया में भारत के पूर्व राजदूत रहे। अशोक सज्जनहार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रयासों के बारे में बहुत ही गंभीरता से चर्चा एवं विश्लेषण किया। इसी क्रम में किंग्स कॉलेज लंदन के अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विद्वान प्रोफेसर हर्ष वी. पंत ने कोविड-19 के दौर में वैश्विक परिवेश में होने वाले स्ट्रैटेजिक बदलाव एवं भारतीय चुनौतियों के बारे में बताया।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय वेबीनार के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय सेना के पूर्व मेजर जनरल अजय कुमार चतुर्वेदी ने भारत की रक्षा तैयारियों की स्थिति में होने वाले बदलाव के बारे में चर्चा की। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विद्वान आचार्य स्वर्ण सिंह, शिमला स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के आचार्य राजवीर शर्मा ने राष्ट्रीय सुरक्षा के वैचारिक आयामों पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के प्राचार्य प्रोफेसर श्रीनिवास मणि त्रिपाठी ने कोविड-19 द्वारा उत्पन्न हुए भारत की सुरक्षा के लिए सामाजिक समस्याओं एवं जनमानस पर पड़ने वाले इसके प्रभावों के बारे में गहन चर्चा की।