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कृत्रिम अंग पाकर खिले दिव्यांगों के चेहरे
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अयोध्या-कारसेवकपुरम में अशोक सिंघल के जयंती के अवसर पर निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोण एवं सहायत
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। हिंदू हृदय सम्राट अशोक सिंघल की 95वीं जयंती के अवसर पर कारसेवकपुरम में अशोक सिंघल फाउंडेशन द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को हुआ।
दिव्यांग हितार्थ शिविर में अब तक 282 लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है। पहले दिन 32 लोगों को कृत्रिम अंग का वितरण किया गया। कृृत्रिम अंग पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिल उठे।
शिविर का शुभारंभ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने दीप जलाकर किया। अशोक सिंघल फाउंडेशन, एम-2 के फाउंडेशन व भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संयोजन में आयोजित शिविर के पहले दिन 15 दिव्यांग जन को स्पॉट पंजीकरण के माध्यम से अंग लाभ प्राप्त हुआ।
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अंग लगवाने के उपरांत लोगों के चेहरे पर एक खुशी दिखी। कुछ लोगों ने यहाँ तक कहा कि हमने कभी सोचा नही था कि हम भी कभी अपने पैरों पर खड़े हो पाएंगे। चिकित्सकों को कोटि-कोटि धन्यवाद देते समय उनकी आंखों में आंसू तथा चेहरे पर खुशी थी।
उद्घाटन अवसर पर मौजूद अयोध्या नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने दिव्यांगजनों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अशोक सिंघल का राममंदिर निर्माण में अहम योगदान रहा है।
अशोक सिंघल फाउंडेशन उनके कृतित्व-व्यक्तित्व के अनुकूल ही समाजसेवा का जो अभियान चला रहा है वह अत्यंत सराहनीय है। सिंघल जी की स्मृति सदैव अक्षुण्ण रहेगी।
संस्था के न्यासी महेश भागचंदका के मार्गदर्शन में कार्यरत कार्यकर्ता मनोज तिवारी एवं शिखर अग्रवाल ने बताया कि संस्था का संकल्प है कि अयोध्या तथा आसपास के सभी जिलों से प्रत्येक दिव्यांग को अंग प्रत्यारोपण की सहायता दी जा सके।
जिससे कि दिव्यांग बंधु स्वावलंबी तथा आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि शिविर में कान की मशीन, वैैशाखी, हाथ व पैर के ऊपरी तथा निचले भाग के हिस्सों के कृत्रिम हाथ एवं पैर के उपकरण दिए जाऐंगे।
पहले दिन प्रतापगढ़, बरेली, अंबेडकरनगर सहित अन्य कई जिलों के दिव्यांग शिविर में पहुंचे। पांच दिवसीय शिविर का समापन 1 अक्तूबर को होगा। दिव्यांग हितार्थ कुंभ का शुभारंभ करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अशोक सिंघल फाउंडेशन की प्रशंसा की।
कहा कि यह फाउंडेशन सिंघल जी के सपनों को साकार करने का काम कर रहा है। उन्होंने आजीवन राममंदिर निर्माण का सपना तो जीया ही है, सदैव समाजसेवा के लिए तत्पर रहते थे। उनके हृदय में लोगों के प्रति करुणा थी।
राममंदिर निर्माण का सपना था। इसीलिए उन्हें हिंदू हृदय सम्राट कहा जाता रहा। देश, समाज व अयोध्या के प्रति किए गए उनके योगदान को कभी भुुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने पांच दिन तक चलने वाले शिविर का लाभ उठाने की अपील दिव्यांगजनों से की।
कृत्रिम अंग पाकर अंबेडकरनगर निवासी पंकज मिश्रा के आंसू थम नहीं रहे थे, हालांकि यह आंसू खुशी के थे। पंकज ने बताया कि 2014 में करंट की चपेट में आने से उनके दोनों पैर व हाथ बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस घटना से जीवन में अंधकार छा गया था, लेकिन सोमवार 27 सितंबर की तिथि उनके जीवन में नया सवेरा लेकर आई है। उनके दोनों पैर व हाथों में कृत्रिम अंग लगाए जा चुके हैं।
अंबेडकरनगर से आए अफजाल के चेहरे पर भी कृत्रिम अंग पाकर खुशी दिखी। अफजाल ने बताया कि एक दुर्घटना में उनका दाहिना पैर का घुटना बेकार हो गया था। चलना-फिरना मुश्किल था, पर दिव्यांग शिविर के बारे में जानकारी मिली तो निराशा छटी। पंजीकरण कराया और सोमवार को उन्हें कृत्रिम अंग प्राप्त हो गया। चलना-फिरना भी शुरू कर दिया है, बुहत ही खुशी हो रही है।
बरेली से अयोध्या पहुंचे वीरेंद्र पाल के चेहरे पर भी कृत्रिम अंग पाने के बाद जो खुशी दिख रही थी, वह बयां नहीं की जा सकती। वीरेंद्र ने कहा कि उन्होंने बरेली में कृत्रिम अंग के लिए बहुत प्रयास किया लेकिन उनका प्रयास रामनगरी अयोध्या आकर सफल हुआ। अशोक सिंघल फाउंडेशन को धन्यवाद व आभार है जो जीवन से हार चुके लोगों को एक नई खुशी दे रही है। उन्हें कृत्रिम पैर लगाया गया है।
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दिव्यांग हितार्थ शिविर में अब तक 282 लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है। पहले दिन 32 लोगों को कृत्रिम अंग का वितरण किया गया। कृृत्रिम अंग पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिल उठे।
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शिविर का शुभारंभ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने दीप जलाकर किया। अशोक सिंघल फाउंडेशन, एम-2 के फाउंडेशन व भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संयोजन में आयोजित शिविर के पहले दिन 15 दिव्यांग जन को स्पॉट पंजीकरण के माध्यम से अंग लाभ प्राप्त हुआ।
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अंग लगवाने के उपरांत लोगों के चेहरे पर एक खुशी दिखी। कुछ लोगों ने यहाँ तक कहा कि हमने कभी सोचा नही था कि हम भी कभी अपने पैरों पर खड़े हो पाएंगे। चिकित्सकों को कोटि-कोटि धन्यवाद देते समय उनकी आंखों में आंसू तथा चेहरे पर खुशी थी।
उद्घाटन अवसर पर मौजूद अयोध्या नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने दिव्यांगजनों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अशोक सिंघल का राममंदिर निर्माण में अहम योगदान रहा है।
अशोक सिंघल फाउंडेशन उनके कृतित्व-व्यक्तित्व के अनुकूल ही समाजसेवा का जो अभियान चला रहा है वह अत्यंत सराहनीय है। सिंघल जी की स्मृति सदैव अक्षुण्ण रहेगी।
संस्था के न्यासी महेश भागचंदका के मार्गदर्शन में कार्यरत कार्यकर्ता मनोज तिवारी एवं शिखर अग्रवाल ने बताया कि संस्था का संकल्प है कि अयोध्या तथा आसपास के सभी जिलों से प्रत्येक दिव्यांग को अंग प्रत्यारोपण की सहायता दी जा सके।
जिससे कि दिव्यांग बंधु स्वावलंबी तथा आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि शिविर में कान की मशीन, वैैशाखी, हाथ व पैर के ऊपरी तथा निचले भाग के हिस्सों के कृत्रिम हाथ एवं पैर के उपकरण दिए जाऐंगे।
पहले दिन प्रतापगढ़, बरेली, अंबेडकरनगर सहित अन्य कई जिलों के दिव्यांग शिविर में पहुंचे। पांच दिवसीय शिविर का समापन 1 अक्तूबर को होगा। दिव्यांग हितार्थ कुंभ का शुभारंभ करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अशोक सिंघल फाउंडेशन की प्रशंसा की।
कहा कि यह फाउंडेशन सिंघल जी के सपनों को साकार करने का काम कर रहा है। उन्होंने आजीवन राममंदिर निर्माण का सपना तो जीया ही है, सदैव समाजसेवा के लिए तत्पर रहते थे। उनके हृदय में लोगों के प्रति करुणा थी।
राममंदिर निर्माण का सपना था। इसीलिए उन्हें हिंदू हृदय सम्राट कहा जाता रहा। देश, समाज व अयोध्या के प्रति किए गए उनके योगदान को कभी भुुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने पांच दिन तक चलने वाले शिविर का लाभ उठाने की अपील दिव्यांगजनों से की।
कृत्रिम अंग पाकर अंबेडकरनगर निवासी पंकज मिश्रा के आंसू थम नहीं रहे थे, हालांकि यह आंसू खुशी के थे। पंकज ने बताया कि 2014 में करंट की चपेट में आने से उनके दोनों पैर व हाथ बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस घटना से जीवन में अंधकार छा गया था, लेकिन सोमवार 27 सितंबर की तिथि उनके जीवन में नया सवेरा लेकर आई है। उनके दोनों पैर व हाथों में कृत्रिम अंग लगाए जा चुके हैं।
अंबेडकरनगर से आए अफजाल के चेहरे पर भी कृत्रिम अंग पाकर खुशी दिखी। अफजाल ने बताया कि एक दुर्घटना में उनका दाहिना पैर का घुटना बेकार हो गया था। चलना-फिरना मुश्किल था, पर दिव्यांग शिविर के बारे में जानकारी मिली तो निराशा छटी। पंजीकरण कराया और सोमवार को उन्हें कृत्रिम अंग प्राप्त हो गया। चलना-फिरना भी शुरू कर दिया है, बुहत ही खुशी हो रही है।
बरेली से अयोध्या पहुंचे वीरेंद्र पाल के चेहरे पर भी कृत्रिम अंग पाने के बाद जो खुशी दिख रही थी, वह बयां नहीं की जा सकती। वीरेंद्र ने कहा कि उन्होंने बरेली में कृत्रिम अंग के लिए बहुत प्रयास किया लेकिन उनका प्रयास रामनगरी अयोध्या आकर सफल हुआ। अशोक सिंघल फाउंडेशन को धन्यवाद व आभार है जो जीवन से हार चुके लोगों को एक नई खुशी दे रही है। उन्हें कृत्रिम पैर लगाया गया है।

अयोध्या-कारसेवकपुरम में अशोक सिंघल के जयंती के अवसर पर निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोण एवं सहायत- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-कारसेवकपुरम में अशोक सिंघल के जयंती के अवसर पर निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोण एवं सहायत- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-कारसेवकपुरम में अशोक सिंघल के जयंती के अवसर पर आयोजित निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोण एव- फोटो : FAIZABAD