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अनिवार्य हो कर्मचारियों का पेंशन
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2015 11:47 PM IST
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उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद केंद्र और राज्य सरकार से दो-दो हाथ करने का मन बना लिया। चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों को सहेजा जा रहा है। गेट मीटिंग के जरिए कर्मचारियों को एकजुट करने के लिए जिले में तीन स्थानों पर गेट मीटिंग की गई। सिंचाई कार्यलय में आयोजित गेट मीटिंग में संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि 40 साल तक काम करने वाले कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिल रहा है।
24 घंटे के लिए सांसद और विधायक को पेंशन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों को वेतन बढ़ना होता है तो सुबह बैठक हुई और शाम तक वेतन बढ़ गया और कर्मचारियों के वेतन के लिए आयोग गठित किया जाता है। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब आरपार की लड़ाई लड़नी होगी। कर्मचारियों के लिए नई पेंशन नीति की बात की जा रही है और सांसद और विधायकों के लिए पुराने पेंशननीति की।
एक देश में दोहरी प्रणाली नहीं लागू नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 23 जुलाई को एक दिनी प्रदेश स्तरीय हड़ताल का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति का समय 62 वर्ष और पुरानी पेंशन नीति बहाल की गई। यदि दूसरी पेंशननीति लाई जा रही है तो उसी नीति के तहत विधायक और सांसदों को भी पेंशन दिया जाए।
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इस मौके पर सिंचाई संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने कहा कि संगठन आरपार की लड़ाई के लिए तैयार है। इस अवसर पर गया प्रसाद पाल, संतोष कुमार, संजय कुमार आदि ने गेट मीटिंग को संबोधित किया। प्रदेश अध्यक्ष ने तहसील गेट और विकास भवन में भी सभा की। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी काला फीता बांध कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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24 घंटे के लिए सांसद और विधायक को पेंशन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों को वेतन बढ़ना होता है तो सुबह बैठक हुई और शाम तक वेतन बढ़ गया और कर्मचारियों के वेतन के लिए आयोग गठित किया जाता है। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब आरपार की लड़ाई लड़नी होगी। कर्मचारियों के लिए नई पेंशन नीति की बात की जा रही है और सांसद और विधायकों के लिए पुराने पेंशननीति की।
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एक देश में दोहरी प्रणाली नहीं लागू नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 23 जुलाई को एक दिनी प्रदेश स्तरीय हड़ताल का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति का समय 62 वर्ष और पुरानी पेंशन नीति बहाल की गई। यदि दूसरी पेंशननीति लाई जा रही है तो उसी नीति के तहत विधायक और सांसदों को भी पेंशन दिया जाए।
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इस मौके पर सिंचाई संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने कहा कि संगठन आरपार की लड़ाई के लिए तैयार है। इस अवसर पर गया प्रसाद पाल, संतोष कुमार, संजय कुमार आदि ने गेट मीटिंग को संबोधित किया। प्रदेश अध्यक्ष ने तहसील गेट और विकास भवन में भी सभा की। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी काला फीता बांध कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।