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सूर्य की किरणों से रामलला के अभिषेक का दर्शन कर सकेंगे भक्त

Thu, 05 May 2022 12:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 12:06 AM IST
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Devotees will be able to see the consecration of Ramlala with the rays of the sun
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में निर्माणाधीन राममंदिर न सिर्फ भव्यता बल्कि तकनीक के मामले में भी अनूठा होगा। रामनवमी के दिन सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मुखारविंद पर पड़ें। इसको लेकर ट्रस्ट ने काम शुरू किया है।
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यही नहीं रामनवमी के दिन लाखों भक्त सूर्य की किरणों से रामलला के अभिषेक का दर्शन कर सकें इसकी योजना पर भी मंथन किया जा रहा है। रामनवमी पर सूर्य अभिषेक के लाइव प्रसारण के लिए अयोध्या में 100 स्थानों पर स्क्रीन लगाए जाने की योजना है।
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उधर अंतरिक्ष विज्ञानियों ने इस दिशा में काम तेज कर दिया है। वैज्ञानिकों की टीम अयोध्या आकर भौतिक अध्ययन भी कर चुकी है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इच्छा जताई थी कि रामनवमी को भगवान राम के मुख पर सीधे सूर्य की किरणें पड़ें।
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इसे ध्यान में रखकर ही मंदिर का निर्माण कार्य कराया जाए। पीएम की इच्छा के अनुरूप राममंदिर ट्रस्ट ने इस पर काम शुरू किया। मान्यता है कि भगवान राम का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी तिथि को दोपहर 12 बजे हुआ था।
इसलिए ट्रस्ट की कोशिश है कि रामजन्मोत्सव पर दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें रिफलेक्ट होकर पांच से दस मिनट के लिए सीधे भगवान राम के मुख पर पड़ें। यह काम ट्रस्ट ने सीएसआईआर (काउंसिल फॉर साइंटफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) को दिया है।
उनके अंतरिक्ष विशेषज्ञ इस पर काम कर रहे हैं। अंतरिक्ष विज्ञानियों की एक टीम ने विगत दिनों अयोध्या आकर रामजन्मभूमि का भौतिक अध्ययन किया। उन्होंने डिजाइन बना ली है और सारे फिजिकल पैरामीटर्स ले लिए हैं।
ओडिशा के कोणार्क मंदिर जैसी विशिष्ट तकनीक अपनाने पर भी मंथन किया जा रहा है। यह भी योजना बन रही है कि रामनवमी पर गर्भगृह में रामजन्मोत्सव के समय सीमित संख्या में ही भक्तों को प्रवेश मिल सकेगा।
ऐसे में संपूर्ण अयोध्यावासी व लाखों भक्त भगवान रामलला के सूर्य अभिषेक के दर्शन कराने के लिए अयोध्या में 100 स्क्रीन लगाई जाएंगी, इस पर जन्मोत्सव का लाइव प्रसारण होगा।
रामलला के गर्भगृह तक सूर्य की किरणें पहुंचने के तकनीकी पहलुओं और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर विचार किया जा रहा है। अंतरिक्ष विज्ञानी सूर्य की खगोलीय स्थिति पर अध्ययन कर रहे हैं।

अंतरिक्ष विज्ञानियों की कोशिश है कि रामनवमी पर दोपहर 12 बजे पांच से 10 मिनट तक सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मुखमंडल पर पड़े।
रामजन्मोत्सव पर सूर्य की किरणें रामलला का अभिषेक करें इस पर काम चल रहा है। गर्भगृह तक सूर्य की किरणें कैसे पहुंचें, इसको लेकर सभी तकनीकी पहलुओं और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर विचार किया जा रहा है। यह तकनीकी काम सीएसआईआर को दिया गया है। जिसने अयोध्या आकर भौतिक अध्ययन भी कर लिया है। विज्ञानियों की टीम इस पर दिन-रात मेहनत कर रही है।- चंपत राय, महासचिव, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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