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मूर्ति विसर्जन में भक्तों की होगी अग्नि परीक्षा
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सोहावल। नवरात्र का पर्व अपने चरम पर पहुंच गया है। प्रतिमा मूर्ति विसर्जन में महज चार दिन बचे हैं, लेकिन इसे लेकर प्रशासनिक अमला गंभीर नहीं है। सरयू के ढेमवा घाट पर लगभग दो सौ प्रतिमाओं का विसर्जन होता है मगर घाट तक प्रतिमाओं को ले जाना दूभर होगा।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पखवारा भर पहले एडीएम प्रशासन, एसडीएम सोहावल, तहसीलदार व बाढ़ खंड के अभियंताओं ने पूजा समिति के लोगों के साथ घाट का निरीक्षण कर विसर्जन कराने की रूपरेखा खींची थी। पुल बनने से घाट और मार्ग की दुर्दशा देख सभी परेशान थे।
पक्की सीढ़ियों सहित घाट के विसर्जन प्लेटफार्म को पक्का बनाने के लिए 24 घंटे में प्रस्ताव मांगा था, लेकिन बजट और बरसात का बहाना लेकर बाढ़ खंड ने इससे हाथ खड़े कर लिये।
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अब एकल मार्ग से रेत की बोरियों से बनाये जा रहे घाट के प्लेटफार्म पर विसर्जन की तैयारी की जा रही है। यही नहीं, करीब पांच सौ मीटर वापसी मार्ग को पाटकर खड़ंजा निर्माण कराया जा रहा था, जिसे कई दिन से बारिश के चलते रोक दिया गया।
बुधवार को इस मार्ग पर पटाई कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली तक नहीं निकल पा रहे थे। पूजा समिति के अनिल गुप्ता ने कहा कि प्रशासन की अनदेखी भक्तों पर भारी पड़ सकती है। तहसीलदार वीके सिंह ने बताया कि समय और संसाधनों के हिसाब से सुरक्षित विसर्जन कराने की तैयारी चल रही है, विसर्जन के समय तक सब ठीक हो जाएगा।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर पखवारा भर पहले एडीएम प्रशासन, एसडीएम सोहावल, तहसीलदार व बाढ़ खंड के अभियंताओं ने पूजा समिति के लोगों के साथ घाट का निरीक्षण कर विसर्जन कराने की रूपरेखा खींची थी। पुल बनने से घाट और मार्ग की दुर्दशा देख सभी परेशान थे।
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पक्की सीढ़ियों सहित घाट के विसर्जन प्लेटफार्म को पक्का बनाने के लिए 24 घंटे में प्रस्ताव मांगा था, लेकिन बजट और बरसात का बहाना लेकर बाढ़ खंड ने इससे हाथ खड़े कर लिये।
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अब एकल मार्ग से रेत की बोरियों से बनाये जा रहे घाट के प्लेटफार्म पर विसर्जन की तैयारी की जा रही है। यही नहीं, करीब पांच सौ मीटर वापसी मार्ग को पाटकर खड़ंजा निर्माण कराया जा रहा था, जिसे कई दिन से बारिश के चलते रोक दिया गया।
बुधवार को इस मार्ग पर पटाई कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली तक नहीं निकल पा रहे थे। पूजा समिति के अनिल गुप्ता ने कहा कि प्रशासन की अनदेखी भक्तों पर भारी पड़ सकती है। तहसीलदार वीके सिंह ने बताया कि समय और संसाधनों के हिसाब से सुरक्षित विसर्जन कराने की तैयारी चल रही है, विसर्जन के समय तक सब ठीक हो जाएगा।