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पिता ने तीन दिन लगाई कतार, रुपये के अभाव में बेटे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो / फैजाबाद
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:50 PM IST
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सूचना पर पहुंचे एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के चलते बैंक से इलाज के लिए नकदी नहीं होने से समुचित इलाज के अभाव में बुधवार को बीकापुर तहसील के चरावां निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक के पिता पुत्र के इलाज को रुपये निकालने को पिछले तीन दिनों से बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की केशरुआ शाखा में लाइन लगा रहा था लेकिन बैंक रुपये नहीं दे सका। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने परिवारीजनों व ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी हासिल की और जांच व मदद का भरोसा दिलाया।
बीकापुर तहसील के चारावां निवासी परशुराम (45) पुत्र टीड़ी फेफडे़ की बीमारी से पीड़ित था। इलाज के लिए रुपये चाहिए थे जो बैंक में थे। रुपये निकालने के लिए वृद्ध पिता टीड़ी पिछले तीन दिनों से ग्रामीण बैंक की शाखा पर लाइन लगाता था और शाम होते ही बैंक बंद हो जाता था लेकिन रुपयों की निकासी नहीं हो पाती थी। बुधवार तकरीबन 11 बजे इलाज के अभाव में परशुराम की मौत हो गई।
पत्नी मंजू ने बताया कि समय रहते बैंक से पैसे मिल गए होते तो मेरे पति की मृत्यु न होती। मृतक के पत्नी से चार बच्चे हैं जिनमें ओंकार (20), अरविंद (16), मनीषा (11) व निशा (21) है। यह जानकारी जब प्रशासन को हुई तो मौके पर पहुंचे बीकापुर एसडीएम अरुण कुमार मिश्र ने परिवारीजनों व ग्रामीणों से पूरी जानकारी हासिल की और आश्वासन दिया। एसडीएम ने बताया कि राज्य सरकार से मिलने वाले पारिवारिक लाभ, पेंशन, मुख्य मंत्री राहत कोष से मिलने वाली सहायता को दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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बीकापुर तहसील के चारावां निवासी परशुराम (45) पुत्र टीड़ी फेफडे़ की बीमारी से पीड़ित था। इलाज के लिए रुपये चाहिए थे जो बैंक में थे। रुपये निकालने के लिए वृद्ध पिता टीड़ी पिछले तीन दिनों से ग्रामीण बैंक की शाखा पर लाइन लगाता था और शाम होते ही बैंक बंद हो जाता था लेकिन रुपयों की निकासी नहीं हो पाती थी। बुधवार तकरीबन 11 बजे इलाज के अभाव में परशुराम की मौत हो गई।
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पत्नी मंजू ने बताया कि समय रहते बैंक से पैसे मिल गए होते तो मेरे पति की मृत्यु न होती। मृतक के पत्नी से चार बच्चे हैं जिनमें ओंकार (20), अरविंद (16), मनीषा (11) व निशा (21) है। यह जानकारी जब प्रशासन को हुई तो मौके पर पहुंचे बीकापुर एसडीएम अरुण कुमार मिश्र ने परिवारीजनों व ग्रामीणों से पूरी जानकारी हासिल की और आश्वासन दिया। एसडीएम ने बताया कि राज्य सरकार से मिलने वाले पारिवारिक लाभ, पेंशन, मुख्य मंत्री राहत कोष से मिलने वाली सहायता को दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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