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बीबीए में फर्जी एडमिशन कर छात्रवृति व शुल्क प्रतिपू र्ति भी डकारा

Sun, 11 Nov 2018 11:34 PM IST
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:34 PM IST
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बीबीए में फर्जी एडमिशन कर छात्रवृति व शुल्क प्रतिपू र्ति भी  डकारा
बीबीए में फर्जी दाखिला कर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम भी निकाली
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फैजाबाद। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण के नाम पर दस्तावेज लेने वाली एक संस्था ने गजब का कारनामा कर दिखाया। बगैर छात्र-छात्राओं के जानकारी व उपस्थिति के बाराबंकी के एक नामी कॉलेज ने बीबीए में न सिर्फ दाखिला दिखाया, बल्कि प्रथम वर्ष में उत्तीर्ण कराते हुए बैंक से उनकी छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम भी निकाल ली।

बीएड में अध्ययन कर रहे पीड़ित विद्यार्थियों का इसका पता तब चला, जब वे छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने गए तो बाराबंकी के कॉलेज से यह सुविधा पहले ही प्राप्त करने का ब्योरा सामने आ गया। मामले में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह ने तमाम विद्यार्थियों के साथ बड़ा घोटाला होने का आरोप लगाया है।
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पीड़ित बच्चेे सोमवार को मामले में कार्रवाई को लेकर उच्च अधिकारियों से फरियाद करेंगे। विकास खंड पूराबाजार के कुशमाहा निवासी दामिनी, अंकित व सरेठी निवासी नीलम ने बताया कि देवकाली स्थित एक संस्था उप्र कौशल विकास में वर्ष 2016 में छह माह के कंप्यूटर प्रशिक्षण कोर्स के लिए दाखिला लिया था।
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उस समय अपने बीएससी अंतिम वर्ष में छात्र होने समेत समस्त शैक्षिक व आईडी के दस्तावेज जमा कराए गए थे। तीन माह के प्रशिक्षण के बाद ही बिना परीक्षा कराए संस्था बंद हो गई और बाराबंकी निवासी संचालक चंपत हो गए। अभ्यर्थी निराश होकर घर बैठ गए। मौजूदा सत्र में नीलम और दामिनी ने बीएड प्रथम सेमेस्टर में तकपुरा स्थित एक कॉलेज में दाखिला लिया और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया तो फॉर्म अस्वीकृत हो गया।

कारण पता चला तो दोनों छात्राओं सहित अंकित के पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। मालूम हुआ कि छात्र-छात्राओं द्वारा जमा कराए गए दस्तावेज का दुरुपयोग करते हुए उनका दाखिला बाराबंकी स्थित जेबीएस महाविद्यालय में बीबीए प्रथम सेमेस्टर में बीते सत्र में ही हुआ था। नीलम, दामिनी व अंकित के नाम से बैंक ऑफ इंडिया के टिकैतनगर शाखा में खाता खुलवाकर प्रथम सेमेस्टर के 17 हजार रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति व 4240 रुपये छात्रवृत्ति पहले से भेजी जा चुकी है, जो कि खाते से निकाल भी ली गई।

यह जानकारी छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से मिली। आवेदन करने पर एक साथ दो स्थानों से छात्रवृत्ति निर्गत न हो पाने की वजह से अभ्यर्थियों का आवेदन निरस्त हो गया। पीड़ित छात्रों का कहना है कि वे कभी बीबीए करने के लिए आवेदन तक नहीं दिए, न ही बैंक जाकर खाता ही खोला। कभी इसकी परीक्षा में भी नहीं बैठे, ऐसे में फर्जीवाड़ा कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। मामले में कमिश्नर-डीआईजी समेत पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई कराई जाएगी।

जेबीएस महाविद्यालय के प्रबंधक अंगद सिंह का कहना है कि बिना आवेदन किए हमारे यहां बीबीए में कैसे दाखिला हो सकता है। इतना ही नहीं बैंक में खाता भी बिना अभ्यर्थी के गए नहीं खुल सकता। कॉलेज ने एक भी पैसा बैंक से नहीं निकाला है। मामला गंभीर है। इस पूरे मामले का सोमवार को पता लगाएंगे।

आम आदमी पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ता सभाजीत सिंह ने रविवार को अभ्यर्थियों के साथ प्रेसवार्ता कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया। आप नेता ने कहा कि अभ्यर्थियों के जानकारी के बिना उनके कागजातों का दुरुपयोग करके किसी कॉलेज में उनका दाखिला होने, बैंक में उनका खाता खुलने, खाते में छात्रवृत्ति जाने और निर्गत भी हो जाने सहित पूरे मामले में कई रसूखदार लोग शामिल हो सकते हैं।


उन्होंने कहा कि सोमवार को डीआईजी, कमिश्रर, जिलाधिकारी से मिलकर दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। यदि एक सप्ताह के भीतर कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला तो आंदोलन के साथ ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
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