फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   crime

दो गांवों में 171 शौचालय का 20.52 लाख डकारे

Fri, 10 Jan 2020 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 11:24 PM IST
विज्ञापन
crime
मवई। स्वच्छता अभियान के नाम पर गांव साफ रखने की जगह योजना का धन ही साफ हो गया। शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही योजना अंतर्गत स्वीकृत 171 शौचालय का करीब 20 लाख 52 हजार रुपये घोटालेबाज डकार गए।
विज्ञापन

इतना ही नहीं योजना का जो काम हुआ भी उसमें चहेतों को लाभ देने का खेल कुछ ऐसा खेला गया कि अपात्रों को ही पात्र बना दिया गया। मवई विकास खंड की ग्राम पंचायत नेवरा और अशरफपुर गंगरेला में शौचालय निर्माण के नाम पर हुए इस खेल का खुलासा प्रशासन की संयुक्त जांच में हुआ। जिसके बाद सीडीओ ने बीते 7 जनवरी को ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब तलब किया है। जिसके बाद से मवई ब्लाक में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, मवई ब्लॉक के अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साध हुए हैं।
विज्ञापन

मवई ब्लॉक के नेवरा ग्राम पंचायत में स्वीकृत 512 शौचालय में से 23 लाभार्थियों के शौचालय का अभी तक निर्माण ही नहीं हुआ, जबकि कागजों पर यह गांव ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। यही नहीं 42 शौचालय का कार्य अभी भी अधूरा ही पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, 23 ऐसे लाभार्थी भी मिले है जिनके स्थान पर ऐसे लोगों का शौचालय बनवा दिया गया जिनका नाम पात्रों की बेसलाइन सूची में दर्ज ही नहीं है। वहीं 32 शौचालय पर यूनिक कोड एल जीडी दर्ज न होने की भी रिपोर्ट हुई है। इस संबंध में जब नेवरा पंचायत सचिव रजनीश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नोटिस मिली है लेकिन उनकी तैनाती संबंधित गांव में अभी जल्द ही हुई है।
अधिकारियों को बैठक में अवगत कराया जाएगा। वहीं इसी तरह अशरफपुर गंगरेला गांव में भी 148 शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। यहां पर 44 लोगों को शासन की मंशा के विपरीत शौचालय का लाभ दिया गया है। वहीं अभी तक 60 शौचालय पर यूनिक कोड अंकित न किए जाने की रिपोर्ट जांच अधिकारियों द्वारा दी गई।

जिसके बाद सीडीओ ने बीते 7 जनवरी को पंचायत सचिव राम नयन यादव को नोटिस जारी कर धनराशि की रिकवरी करने के लिए तीन दिन का समय दिया है। हालांकि समय की डेडलाइन गुरुवार को पूरी हो गई हैं। वहीं जब इस संबंध में एडीओ पंचायत विकास चंद्र दुबे से बात की गई तो उन्होंने नोटिस मिलने की बात स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि दोनों गांवों में पुराने सचिवों के कार्यकाल का मामला है, जिनका अब स्थानांतरण हो गया है। फिलहाल नोटिस संबंधित दोनों सचिवों को रिसीव करा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed